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छठ पूजा की तैयारी:राजापुर पुल घाट व पहलवान घाट पर 10 फीट गहराई, 6-7 फीट भरा जा रहा बालू और मिट्टी; संपर्क पथ पर पानी होने से हो रही दिक्कत

पटना21 दिन पहले
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दीघा घाट से बांस घाट के बीच अधिकतर गंगा घाटों की स्थिति ठीक नहीं है। घाट के पास 10-15 फीट गहराई है। गंगा की तेज धारा है। इसलिए गहराई को कम करने के लिए जेसीबी से 7-10 फीट मिट्टी और बालू डाला जा रहा है। कटाव को रोकने के लिए बालू से भरा बोरा रखा जा रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण इन तमाम उपाय लगाकर घाटों को तैयार किया जा रहा है।

जिस घाट पर आने-जाने के लिए अस्थायी पथ का निर्माण हो गया है, वहां कुदाल से सीढ़ीनुमा आकार का बनाया जा रहा है। पाटलिपुत्र अंचल के अभियंता के मुताबिक घाट के आसपास खतरनाक एरिया को लाल कपड़ा से घेरा दिया गया है ताकि लोग उधर नहीं जा सकें। पहलवान घाट और बांस घाट के एप्रोच रोड और गंगा पाथवे से घाट तक पहुंचने के लिए अस्थायी पथ निर्माण शनिवार की रात तक हो जाएगा।

91 छठ घाटों पर तैनात रहेगी मेडिकल टीम: छठ पूजा के मद्देनजर पीएमसीएच के सभी विभागों के एचओडी को अलर्ट किया गया है। जरूरत पड़ने पर ऑनकॉल एचओडी को बुलाया जा सकता है। सेंट्रल इमरजेंसी में जरूरी दवाओं की व्यवस्था कर ली गई है। सर्जरी और मेडिसिन विभाग की टीम सेंट्रल इमरजेंसी में तैनात रहेगी। अधीक्षक डॉ. आईएस ठाकुर ने बताया कि किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए अस्पताल पूरी तरह से तैयार है।

जानिए क्या है घाटों की स्थिति : रास्ता नहीं बना तो बांसघाट से कलेक्ट्रेट घाट जाएंगे व्रती

राजापुर पुल घाट
राजापुर पुल घाट पर जहां छठ पूजा का आयोजन होना है, वहां गहराई 10 फीट से अधिक है। घाट से पांच-छह फीट की दूरी पर करीब 10 फीट गड्ढा है। गहराई को कम करने के लिए 6-7 फीट मिट्टी से भरा जा रहा है। घाट के पास जेसीबी से आसपास की मिट्टी और बालू डाला जा रहा है। अस्थायी शौचालय का निर्माण कार्य चल रहा है। पार्किंग तैयार करने के लिए मिट्टी और बालू से समतल किया जा रहा है। अस्थायी पथ और एप्रोच रोड बनकर तैयार है।

पहलवान घाट:15 फीट से अधिक गहराई
पहलवान घाट के पास 15 फीट से अधिक गहराई है। जेसीबी से मिट्टी काट कर घाट तैयार किया जा रहा है। घाट पूरी तरह से खड़ा है। घाट के पास करीब चार फीट मिट्टी काट कर स्लोपिंग की गई है। इस मिट्टी से छठ व्रतियों को अर्घ देने के लिए घाट तैयार किया जा रहा है। कहीं 10 फीट तो कहीं 8 फीट तक मिट्टी डाली जा रही है।

नगर निगम के अभियंता के मुताबिक पहलवान घाट के एप्रोच रोड और चौड़ीकरण किया जा रहा है। साथ ही गंगा पाथवे से घाट से पहुंचने के लिए अस्थायी पथ का निर्माण कार्य चल रहा है। रास्ते में पानी आने के कारण अभी कार्य आधा-अधूरा है।

बांस घाट : 3 से 4 फीट तक पानी
बांसघाट के पास 3-4 फीट पानी है। घाट के पास दलदल नहीं है। घाट पूरी तरह से तैयार कर दिया गया है। घाट के एप्रोच रोड और पहुंच पथ दोनों आधा-अधूरा है। बांस घाट के एप्रोच रोड निर्माण कार्य चल रहा है। शुक्रवार को जेसीबी से दलदल हटाई जा रही है। इसके बाद मिट्टी और गंगा बालू डाला जाएगा। वहीं गंगा पाथवे से बांस तक अस्थायी पथ का निर्माण कार्य चल रहा है। रास्ते में पानी है। तीन-चार ट्रैक्टर से पानी में मिट्टी और बालू डाला जा रहा है।

प्रतिघंटे 1 सेमी कम हो रहा गंगा का जलस्तर, पानी घटा तो कलेक्ट्रेट-महेंद्रू घाट जाने का रास्ता 48 घंटे के भीतर होगा तैयार
कलेक्ट्रेट और महेंद्रू घाट पर छठ महापर्व होगा। घाट बनाने का कार्य जारी है। लेकिन, घाट से गंगा की रेती तक जाने वाले रास्ते पर 1.5 फीट पानी है। इसपर रास्ता बनाने पर शनिवार को निर्णय हाेगा। नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने शुक्रवार को इन घाटाें का निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा कि जलस्तर कम होने के बाद डीएम और नगर आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर रेती पर जाने के लिए रास्ता बनाने का फैसला होगा। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि प्रति घंटे गंगा के जलस्तर में 1 सेमी की कमी आ रही है। रात में अपेक्षा के अनुरूप जलस्तर कम होता है तो शनिवार को रास्ता बनाने का निर्णय लिया जाएगा।

उसके अगले 48 घंटे में रास्ता बनाने का कार्य पूरा किया जाएगा। प्रधान सचिव ने कहा कि रास्ता नहीं बनने की स्थिति में बांसघाट से कलेक्ट्रेट घाट तक व्रतियों को पहुंचाया जाएगा। इसके लिए रेती पर रास्ता बनाने का निर्देश दिया गया है। शनिवार को सीएम नीतीश कुमार भी निरीक्षण करेंगे।

सात तक बैरिकेडिंग का कार्य करें पूरा
प्रधान सचिव ने रिवर फ्रंट के घाटों के निरीक्षण के क्रम में सीढ़ियों से गाद हटाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पानी कम होने के बाद सीढ़ियाें पर जमा गाद को हटाकर साफ करने, सात नवंबर तक सभी घाटों पर बैरिकेडिंग करने, साइनबोर्ड, बैरिकेडिंग, चेंजिंग रूम, शौचालय आदि का निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

डीएम ने दानापुर अनुमंडल के नासरीगंज घाट, नारियल घाट, पीपा पुल घाट, एसडीओ घाट, शेरपुर व हल्दी छपरा सहित अन्य घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गंगा, सोन और सरयु के संगम पर कटाव है। इस कारण पुराने घाट से 1 किमी पूरब महापर्व करने की अनुमति दी गई है। इसकी तैयारी चल रही है।

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