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टीकाकरण की रफ्तार में तेजी:ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए 1700 वॉयल एंफोटेरेसीन बी इंजेक्शन पटना पहुंचा

पटना3 महीने पहले
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  • 18+ के लिए 5.20 लाख टीका भी मिला, वैक्सीनेशन में आएगी अब और तेजी

ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए आखिरकार तीसरे दिन मंगलवार को 1700 वाॅयल एंफोटेरेसीन बी इंजेक्शन पटना पहुंच गया। ब्लैक फंगस के मरीजों को यह दवा अस्पतालों में नहीं मिल पा रही थी। इसके बदले में पोसाकोनाजोल टैबलेट विभाग द्वारा उपलब्ध कराया गया था। हालांकि, मरीजों की संख्या के हिसाब से 1700 वाॅयल बहुत कम है। वहीं 18 से 45 आयु वाले लोगों के लिए 5.20 लाख टीका भी मंगलवार को पटना पहुंचा है। टीके के मिलने के बाद टीकाकरण की रफ्तार में तेजी आएगी। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए राज्य सरकार हर तरीके से तैयार है।

एक ओर जहां केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग आवश्यक संसाधन एवं उपकरण जुटा रहा है, वहीं अन्य संगठन भी विभाग का सहयोग कर रहे हैं। मंगलवार को ब्लैक फंगस मरीजों के लिए 1700 वाॅयल इंजेक्शन मिला है।

डॉक्टर्स फॉर यू ने सौंपे स्वास्थ्य उपकरण

डॉक्टर्स फॉर यू (डीएफवाई) संस्था ने बड़ी संख्या में उपकरण और आवश्यक सामग्री स्वास्थ्य विभाग को सौंपे हैं। मंत्री ने बताया कि डॉक्टरों की स्वयंसेवी संस्था डॉक्टर्स फॉर यू ने 10 लीटर के 760 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 4 क्रायोजनिक ऑक्सीजन सिलेंडर, 50 हजार हाई क्वालिटी पीपीई किट, 50 हजार फेस सिल्ड, 20 हजार एन-95 मास्क, 10 हजार सर्जिकल ग्लव्स, फिलिप्स कंपनी के 5 वेंटिलेटर, 450 डी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर एवं 300 ऑॅक्सीफ्लोमीटर स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। साथ ही संस्था राज्य में 10 स्थानों पर ऑक्सीजन उपलब्धता के लिए पीएसए प्लांट लगा रही है।

इन सामग्रियों को बीएमएसआईसीएल के माध्यम से राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेज सह अस्पतालों और जिला अस्पतालों के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा जाएगा, ताकि तीसरी वेब में कोरोना से पीड़ित मरीजों का बेहतर उपचार हो सके। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, अपर सचिव कौशल किशोर, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक प्रदीप झा एवं संस्था के संस्थापक रविकांत सिंह मौजूद थे।

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