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  • 20 Percent Schools In Bihar Rely On One Or Two Teachers, Schools Opened After The Second Wave Of Corona, But There Is A Huge Shortage Of Teachers To Teach Here

बिन गुरु ज्ञान:बिहार के 20 फीसदी स्कूल एक या दो शिक्षक के भरोसे, कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्कूल तो खुल गए, लेकिन शिक्षकों की है भारी कमी

पटना12 दिन पहलेलेखक: पंकज कुमार सिंह
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प्राथमिक विद्यालय टोला पहर, प्राथमिक विद्यालय कांतही चक एवं प्राथमिक विद्यालय लौथवा। - Dainik Bhaskar
प्राथमिक विद्यालय टोला पहर, प्राथमिक विद्यालय कांतही चक एवं प्राथमिक विद्यालय लौथवा।

बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की घोर कमी है। पहली से बारहवीं कक्षा तक स्कूलों में 3.15 लाख शिक्षकों के पद रिक्त हैं। जिसका असर है कि 3276 प्रारंभिक स्कूल एक-एक और 12507 स्कूल 2-2 शिक्षक के भरोसे हैं। यानी 12वीं तक के कुल 78196 स्कूलों में करीब 20% स्कूल एक या दो शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्कूल तो खुल गए हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी बनी हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि सरकारी स्कूलों के बच्चे कैसे पढ़ेंगे? कैसे इन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी?

प्राथमिक विद्यालय लौथवा
प्राथमिक विद्यालय लौथवा

केस 1, मधुबनी के बासोपट्टी प्रखंड के खौना पंचायत का नया प्राथमिक विद्यालय लौथवा 2006 से 3 कमरे के भवन में चल रहा है। यहां 162 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक ही महिला शिक्षिका हैं।

प्राथमिक विद्यालय टोला पहर
प्राथमिक विद्यालय टोला पहर

केस 2, जमुई के चकाई प्रखंड की बोंगी पंचायत का नया प्राथमिक विद्यालय टोला पहर 2007 से 6 कमरे के भवन में चल रहा है। 3 कमरे ही पढ़ाई के लिए हैं। 3 में मरम्मत की जरूरत है। यहां 175 बच्चों को पढ़ाने और स्कूल का कामकाज संभालने के लिए एकमात्र पुरुष शिक्षक हैं।

प्राथमिक विद्यालय कांतही चक
प्राथमिक विद्यालय कांतही चक

केस 3, पटना जिला के धनरुआ प्रखंड के पथरहट पंचायत का प्राथमिक विद्यालय कांतही चक 2007 से 3 कमरे के भवन में चल रहा है। यहां 59 बच्चों को पढ़ाने के लिए मात्र एक पुरूष शिक्षक हैं।

शिक्षा मंत्री विजय चौधरी से सीधी बात, हम चाहते हैं कि जल्द शिक्षक बहाल हों, ताकि कमी दूर हो सवाल - 3276 प्राथमिक स्कूल मात्र 1 शिक्षक के भरोसे हैं। कैसे मिलेगी अच्छी शिक्षा? जवाब - यह सही है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। इसे दूर करने के लिए ही नई बहाली की जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि जल्द शिक्षक बहाल हो जाएं, ताकि कमी दूर हो। सवाल - शिक्षक छात्र अनुपात राष्ट्रीय स्तर पर 1:26 है तो बिहार में 1:56 हैं? जवाब - मानक के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक आदर्श हैं। 40 बच्चों पर एक शिक्षक कामचलाऊ स्थिति मान सकते हैं। यह सही है कि हमारे यहां एक शिक्षक पर औसतन अधिक बच्चे हैं। बहाली के बाद स्थिति ठीक हो जाएगी। सवाल - 2015-16 के बाद तो शिक्षकों की बहाली नहीं हुई है, जबकि लोग रिटायर्ड हो रहे हैं? जवाब - हर साल शिक्षकों की बहाली करने का लक्ष्य है। जो भी कमी हो, रिक्ति तुरंत भर लें। अभी प्रारंभिक स्कूलों में 90762 शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया चल रही है। छठे चरण के तहत हाईस्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। फिर सातवें चरण की बहाली शुरू होगी। सवाल - क्या बिहार में सरकारी स्कूलों के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से दूर ही रहेंगे? जवाब - अभी प्रधानाध्यापक व प्रधान शिक्षक का नया संवर्ग बनाया गया है। इनकी नियुक्ति के बाद स्कूलों में अनुशासन सहित गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई होगी।

शिक्षा मंत्री विजय चौधरी
शिक्षा मंत्री विजय चौधरी
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