नेपाल और यूपी से आ रहा पानी:बिहार के 29 जिले बाढ़ग्रस्त; कोसी व गंडक नदी किनारे के लोगों को किया शिफ्ट

पटना3 महीने पहलेलेखक: आलोक द्विवेदी
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यह तस्वीर गंडक नदी के जलस्तर में कमी होने के बाद सारण के पृथ्वीपुर में तेजी से हो रहे कटाव की है। - Dainik Bhaskar
यह तस्वीर गंडक नदी के जलस्तर में कमी होने के बाद सारण के पृथ्वीपुर में तेजी से हो रहे कटाव की है।

बिहार में 17 अगस्त तक औसत से 41 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बिहार के 36 जिलों में सूखे जैसी स्थिति है। इसके बावजूद भी 29 जिले बाढ़ग्रस्त घोषित किए गए हैं। इसको देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। बाढ़ की वजह नेपाल और उत्तर प्रदेश से नदियों में आने वाला पानी है। इससे जिन जगहों पर औसत से कम बारिश हुई है, वहां भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक संजय कुमार के मुताबिक सितंबर में बारिश की सिस्टम सक्रिय रहने का अनुमान है। ऐसे में नदियों के जलस्तर में 30 सेमी तक वृद्धि होगी। हालाकि, आपदा प्रबंधन विभाग ने जल संसाधन विभाग के अनुशंसा के बाद 12 अगस्त को मुंगेर को भी बाढ़ग्रस्त घोषित किया गया है।

कोसी व गंडक के किनारे के लोगों को किया गया शिफ्ट
कोसी, गंडक, महानंदा नदी के पानी के रफ्तार की वजह लगातार कटाव हो रहा है। इससे किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। बिहार के सुपौल में सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश रिकार्ड किया गया है। इसके बावजूद भी वहां से बहने वाले कोसी नदी में जलस्तर सामान्य से 80 से 110 सेमी ऊपर है। इसकी वजह नेपाल में होने वाली बारिश है। नेपाल के 7 राज्यों में स्थित 77 जिलों में औसतन हर दिन 300 एमएम से अधिक बारिश हो रही है।

बिहार के विभिन्न हिस्से में पानी के बढ़ते स्तर को देखते हुए बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। इस दौरान संबंधित विभाग की ओर से लगातार मॉनिटरिंग करने के साथ ही आवश्यकतानुसार कार्यवाही की जा रही है। शाहनवाज, मंत्री, आपदा प्रबंधन विभाग