पटना में अपाके सेहत की नहीं है गारंटी:3 साल में 29 लाख लोगों को देना था गोल्डन कार्ड, अब तक 3 लाख तक पहुंचा आयुष्मान

पटना3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर।

पटना में आपकी सेहत की कोई गारंटी नहीं है। सरकारी अस्पतालों में संसाधन की कमी ओर प्राइवेट अस्पतालों का महंगा खर्च सेहत पर भारी पड़ता है केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना का लाभ भी परिवारों को नहीं मिल पा रहा है। पटना में 3 साल में 29 लाख गोल्डन कार्ड बनाया जाना था, लेकिन अब तक मात्र 3 लाख लोगों को ही कार्ड बन पाया है।

मरीजों पर भारी पड़ रही गंभीर बीमारी

मरीजों का आयुमान कार्ड नहीं होने से गंभीर बीमारी उनकी जेब पर काफी भारी पड़ रही है। आयुष्मान कार्ड होने से उनका इलाज प्राइवेट अस्पताल में भी मुफ्त हो जाता लेकिन पटना में ऐसे नहीं हो रहा है। अस्पतालों में महंगा इलाज मरीजों को बेहाल कर रहा है। जब राजधानी पटना में यह हाल है तो बिहार के अन्य 38 जिलों का क्या हाल होगा इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। 2018 में शुरु हुई योजना, अब तक नहीं आई तेजी भारत सरकार ने वर्ष 2018 में दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू किया था। इस योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी होने वाले खर्च को कम करना और लगभग 50 करोड़ गरीब भारतीयों को सूचीबद्ध अस्पताल में कैशलेस गुणवत्तापूर्ण इलाज करना है। इस योजना में लाभार्थी को सेकेंडरी एवंटर्सरी केयर में इलाज की सुविधा प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा होता है, जिससे किसी हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज मुफ्त होता है।

पटना में देखिए मरीजों की बदहाली का हाल

पटना में अब तक कुल 311814 लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किया गया है। इसमें 135345 परिवार को चिन्हित किया गया है। पटना जिले में कुल टारगेट 2990294 है, जिनका आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। अगर परिवार की संख्या की बात करें तो 555543 लाभार्थी परिवार पटना जिला में है। अब कैंपेनिंग कर उनका कार्ड बनाया जा रहा है जिससे आयुष्मान योजना का लाभ उन्हें मिल सके। प्रशासन का कहना है कि दीपावली और छठ में बाहर से छुट्‌टी पर आने वालों की विशेष कैंपेनिंग कर गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा। प्रशासन कैंपेनिंग चला रहा है जिसके तहत बाहर करने वाले दीपावली और छठ पूजा में अपने घर आए हैं। अब उन्हें टारगेट कर कॉमन सर्विस सेंटर एवं यूटीआई के माध्यम से अधिकांश लोगों को बीआईएस कर निशुल्क कार्ड प्रदान किया जाना है।

स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती से नहीं मिल रहा कार्ड

आयुष्मान कार्ड को लेकर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। अब दीपावली और छठ को लेकर प्रयास किया जा रहा है लेकिन 3 साल में कोई तेजी नहीं दिखाई गई है। अब जो प्रवासी अपने गांव जिले में लौटे हैं उन्हें अधिक से अधिक कार्ड बनाने के लिए प्रयास करने की बात कही जा रही है। सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी का कहना है कि जिला कार्यक्रम समन्वयक पटना एवं इस कार्य में लगे सभी लोगों को अधिक से अधिक लोगों को कार्ड जारी कराने को कहा गया है। चिन्हित लाभार्थियों को योजना के प्रति जागरूक करने को कहा जा रहा है। सिविल सर्जन का कहना है कि उम्मीद है कि एक माह में अधिकांश लोगों को कार्ड बनाने में हम कामयाब होंगे।

खबरें और भी हैं...