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मानसून सत्र:5 दिनों में विधानमंडल की साज-सज्जा पर खर्च होंगे 35 लाख,5 दिनों में कैसे होगा गुणवत्तापूर्ण कार्य, सत्र बुलाने का निर्णय 2 जुलाई को

पटना12 दिन पहले
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विधानसभा के लगभग समान राशि विधान परिषद के लिए है। कुछ कार्यों में राशि में अंतर है। कुछ कार्य सम्मलित हैं - Dainik Bhaskar
विधानसभा के लगभग समान राशि विधान परिषद के लिए है। कुछ कार्यों में राशि में अंतर है। कुछ कार्य सम्मलित हैं

विधानमंडल का सत्र 26 जुलाई से शुरू होगा। इसके लिए परिसर का रंग-रोगन, साफ-सफाई और मरम्मत का काम 21 जुलाई से शुरू होगा। सत्र पांच दिन का है। इससे पहले के पांच दिनों में भवन निर्माण लगभग 35 लाख रुपए खर्च कर सारा काम 25 जुलाई तक पूरा करेगा। विधानमंडल भवन व परिसर से जुड़े कार्यों की दर और काम पूरा करने की समय सीमा स्वत: सवाल पैदा करती है।

टेंडर के अनुसार आंतरिक मरम्मत, रंग-रोगन व पॉलिशिंग, प्रशासनिक भाग की मरम्मत, प्रशासनिक भवन के भूतल की मरम्मत, गार्डेन की चहारदिवारी और ग्रिल की मरम्मत, खेल मैदान की साफ-सफाई, पेड़ों की रंगाई, गेट नंबर 10 पर मोटरसाइकिल स्टैंड की मरम्मत, विधानसभा मोटरसाइकिल स्टैंड की मरम्मत, कबीर वाटिका का रंग-रोगन, खेल मैदान में पेभर्स रिसेटिंग, पार्किंग एरिया की साफ-सफाई, बैरिकेटिंग, आंगन की मरम्मत,

चैंबर-नाला की सफाई, विस्तारित भवन में मुख्यमंत्री कक्ष, कार्यालय कक्ष और स्वागत कक्ष का रंग-रोगन, उपमुख्यमंत्री कक्ष का रंग-रोगन...सब पांच दिन में पूरा करना है। दरअसल, मानसून सत्र आहूत करने की बात 2 जुलाई को फाइनल हुई, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद मरम्मत और रंग-रोगन की निविदा निकाली गई। अब महज पांच दिनों में विधानसभा और विधान परिषद को दुरुस्त करना है। ऐसे में काम की गुणवत्ता कैसी होगी, यह विभाग और उसके इंजीनियर ही बता सकते हैं।

सिर्फ टंकी की सफाई के लिए 1.50 लाख
विधान परिषद की पानी की टंकियों की सफाई होनी है। इसके लिए 1.50 लाख रुपए खर्च करने का प्रावधान है। सामान्यतया एक टंकी की सफाई पर 500 रुपए खर्च होता है। यानी जितनी राशि का प्रावधान है, उससे 300 से अधिक टंकियों की सफाई हो सकती है। सवाल है कि क्या विधानमंडल परिसर में 300 से अधिक पानी की टंकियां हैं!

राशि व्यावहारिक, प्राक्कलन से कम है
मानसून सत्र का काम छोटा-मोटा है। दो-तीन दिन में ही पूरा हो जाएगा। बजट सत्र में काम विस्तार से होता है। जरूरत पड़ने पर 24 घंटे काम होता है। जहां तक राशि का सवाल है, वह व्यावहारिक है। प्राक्कलन से कम है।
- विनोद चौधरी, कार्यपालक अभियंता

कराए जाने वाले काम और आवंटित राशि एक नजर में (विधानसभा)

आंतरिक मरम्मत : 4.50 लाख
सदन का रंग-रोगन, पालिशिंग : 1.80 लाख
भूतल प्रशासनिक भाग की मरम्मत : 1 लाख
प्रशासनिक भवन प्रथम तल की मरम्मत : 1.80 लाख
गार्डेन की चहारदिवारी-ग्रिल की मरम्मत : 1 लाख
आंतरिक भाग की मरम्मत, पाॅलिश : 2 लाख
खेल मैदान की साफ-सफाई : 0.80 लाख
पेड़ों के तनों का रंग-रोगन : 0.90 लाख
मोटरसाइकिल स्टैंड की मरम्मत : 0.50 लाख
विप के बाइक स्टैंड की मरम्मत : 0.60 लाख
कबीर वाटिका का रंग-रोगन : 0.80 लाख
खेल मैदान में पेभर्स रिसेटिंग : 0.80 लाख
विधानमंडल परिसर की बैरिकेटिंग : 1 लाख
पार्किंग एरिया की साफ-सफाई : 0.60 लाख
उपमुख्यमंत्री प्रकोष्ठ का रंग-रोगन : 1.50 लाख
आंगन की मरम्मत : 1.50 लाख
चैंबर-नाला की सफाई : 1 लाख
मुख्यमंत्री कक्ष, कार्यालय कक्ष व स्वागत कक्ष का रंग-रोगन : 1.50 लाख

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