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पोस्टिंग मामला:मनचाही पोस्टिंग नहीं मिलने से 52 में से 42 डॉक्टरों ने नहीं किया योगदान

पटना2 महीने पहले
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पटना के 23 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए हुआ था 26 फुल टाइम और 26 पार्ट टाइम डॉक्टरों का चयन - Dainik Bhaskar
पटना के 23 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए हुआ था 26 फुल टाइम और 26 पार्ट टाइम डॉक्टरों का चयन

पटना के 23 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए चयनित 52 डॉक्टरों में से 42 डॉक्टरों ने अबतक योगदान नहीं दिया है। क्योंकि, उन्हें उनकी मनचाही पोस्टिंग नहीं मिली है। वे राज्यस्तर पर चल रही विभिन्न स्थायी बहाली का भी इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में उनके योगदान नहीं देने से राजधानी में चल रहे सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का कार्य बाधित हो रहा है। साथ ही अब भी यूपीएचसी में डॉक्टरों की कमी बरकरार है। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत शहर के 23 यूपीएचसी के लिए 26 फुल टाइम और 26 पार्ट टाइम डॉक्टरों का चयन किया गया था।

इन सभी को जिले में 10 जुलाई तक योगदान देना था। लेकिन, इनमें से मात्र 10 डॉक्टरों ने ही जिले में योगदान दिया, जिनमें 8 पार्ट टाइम और 2 फुल टाइम डॉक्टर शामिल हैं। हालांकि, जिन्होंने योगदान दे दिया, उन्हें अबतक यूपीएचसी का प्रभार नहीं मिला है।

इन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए हुआ था चयन

दीघा मुशहरी, बड़ी पहाड़ी पैजावा, दाउदपुर बगीचा दानापुर, कौशलनगर, दीदारगंज मालसलामी, कमला नेहरू नगर, झखड़ी महादेव, संदलपुर कुम्हरार, पूर्वी लोहानीपुर, सिपाराडिह, मारुफगंज, कस्बा पटना सिटी, जयप्रभा कंकड़बाग, कंकड़बाग, गुलजारबाग, चांदपुर बेला, गर्दनीबाग 6 सी, पश्चिमी लोहानीपुर, पोस्टल पार्क, मछुआटोली, शास्त्रीनगर, रुकनपुरा और मुख्य सचिवालय शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत डॉक्टरों का चयन हुआ था।

संविदा पर हुई है नियुक्ति

पटना के 23 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए चयनित 52 पार्ट टाइम और फुल टाइम डॉक्टरों में से 10 की नियुक्ति 11 माह के लिए संविदा के आधार पर की गई है। डॉक्टरों के काम के आधार पर राज्यस्तर से संविदा अवधि का विस्तार किया जा सकता है। जिला स्वास्थ्य समिति, पटना से मिली जानकारी के अनुसार जो डॉक्टर ज्वाइन करने आए थे, उनका भी यही कहना था कि स्थायी बहाली होते ही यूपीएचसी का वे प्रभार छोड़ देंगे। बता दें कि, फुल टाइम डॉक्टरों को प्रतिमाह 60 हजार और पार्ट टाइम डॉक्टरों को प्रतिमाह 34 हजार रुपए मानदेय मिलेगा।

14 दिनों में ज्वाइन नहीं किया, तो वेटिंग लिस्ट वालों को मिलेगा मौका

राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के उप सचिव-सह-प्रभारी, मानव संसाधन राजेश कुमार ने कहा कि यूपीएचसी के लिए सभी डॉक्टरों का चयन उनके मेरिट और पसंद के आधार पर ही हुआ है। हालांकि, इसमें उनका गृह जिला शामिल नहीं है। ऐसे में जिन डॉक्टरों ने अबतक योगदान नहीं दिया है, उन्हें राज्यस्तर से 14 दिन का और समय मिलेगा। इसके बावजूद अगर वे ज्वाइन नहीं करेंगे, तो वेटिंग लिस्ट वाले डॉक्टरों को उनके बदले मौका दिया जाएगा।