MLC चुनाव: JDU घाटे में, महागठबंधन में होगा रण!:JDU के रिटायर होंगे 5 MLC, लेकिन बना सकते हैं एक ही; विपक्ष को तीन सीट

पटना7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में लगी चोट नीतीश कुमार की JDU को अभी भी दर्द दे रही है। तीसरे नंबर की पार्टी बनने के बाद सरकार में कमजोर तो हुए ही अब विधान परिषद में भी संख्या बल में कम हो रहे हैं। जुलाई में विधान परिषद की 7 सीटें खाली हो रही है। इन सात सीटों में से सबसे ज्यादा JDU की है। इनमें से 5 JDU से, एक भाजपा से और एक VIP के खाते से खाली हो रही है। VIP संस्थापक मुकेश सहनी अभी भाजपा कोटे से विधान पार्षद हैं। JDU से मोहम्मद कमर आलम, गुलाम रसूल बलियावी, रणविजय कुमार सिंह, रोजिना नाजिश, सीपी सिन्हा रिटायर्ड हो रहे हैं। वहीं, भाजपा कोटे अर्जुन साहनी की सदस्यता खत्म हो रही है।

संख्या बल के अनुसार JDU को एक सीट आसानी से मिलती दिख रही है। वहीं, विपक्ष यानी महागठबंधन को सीधे 3 सीटों का फायदा हो रहा है।

एक MLC के लिए चाहिए 31 विधायक

विधानसभा कोटे की सीट होने की वजह से इसमें मतदाता विधायक होते हैं। विधायकों की संख्या के हिसाब से दलों को सीटें मिलती हैं। अमूमन दल आपसी समझौते के तहत संख्या बल के हिसाब से सीटों का बंटवारा कर लेते हैं। मतदान की स्थिति नहीं बनती है। नियमानुसार, 243 सदस्यीय विधानसभा में एक विधान पार्षद चुनने के लिए 31 विधायकों का मत जरूरी है। इस चुनाव में भी गणित राज्यसभा वाला ही होता है। रिक्त सीटों में एक जोड़ने के बाद उसके परिणाम को विधानसभा के सदस्यों के साथ भाग देते हैं और जो परिणाम आता है उतने वोट की जरूरत होती है।

जोड़-तोड़ कर एक और सीट ले सकती है JDU

जैसे खाली होने वाली 7 सीटों में 1 को जोड़ेंगे तो 8 होगा। बिहार विधान सभा की संख्या 243 है, उसमें 8 से भाग देंगे तो परिणाम 30.35 आएगा। ऐसे में एक MLC के लिए 31 विधायकों का वोट चाहिए। इस हिसाब से JDU के 45 विधायक हैं तो उनके खाते में 1 MLC की सीट आएगी। वहीं, BJP के 77 हैं तो दो MLC इनको मिलेगा। RJD के पास 76 विधायक हैं तो इनके खाते में 2 आएगा। तीसरे MLC के लिए RJD या फिर कांग्रेस प्रयास कर सकती है।

वहीं, NDA के तरफ से भी एक सीट पर दावा किया जा सकता है, क्योंकि BJP के पास 15, JDU के 14 और HAM के चार और एक निर्दलीय वोट अतिरिक्त वोट है। इसलिए चौथा NDA के खाते ही जाएगा। इसके बावजूद JDU को यदि एक और सीट मिल भी जाती है तो भी तीन सीटों का नुकसान होगा।

27 सीटें विधानसभा से चुनी जाती है

बता दें, 75 सदस्यीय बिहार विधान परिषद में वर्तमान में विधानसभा सदस्यों से निर्वाचित होने वाले सदस्यों की संख्या 27 है। इसी 27 में से सात सीटें खाली हो रही हैं। इसके अलावा स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में प्रत्येक के छह यानी 12, स्थानीय निकायों से निर्वाचित 24, राज्यपाल द्वारा मनोनीत विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्टता रखने वाले 12 सदस्य होते हैं।