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एनएचएम की रिपोर्ट:बिहार में स्वास्थ्य कर्मचारियों की 53.21% कमी; यह देश में सबसे अधिक, गैप खत्म करने के लिए दिए सुझाव

पटना25 दिन पहलेलेखक: गिरिजेश कुमार
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बिहार को 789 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिले, 112 ही इंस्टाल हुआ।- प्रतीकात्मक इमेज - Dainik Bhaskar
बिहार को 789 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिले, 112 ही इंस्टाल हुआ।- प्रतीकात्मक इमेज

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की ओर से हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार बिहार में स्वास्थ्य के क्षेत्र में मानव संसाधन में ओवरऑल 53.21 प्रतिशत का गैप है। यानि जितने लोगों की जरूरत है उससे 53.21 प्रतिशत लोग यहां कम हैं। यह देश में सबसे अधिक है। बाकी सभी राज्य रैंकिंग में बिहार से नीचे हैं।

दूसरे स्थान पर ओडिशा है जहां 51.29 प्रतिशत का गैप है, जबकि झारखंड 51.13 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है। बिहार में स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, मेडिकल ऑफिसर, तथा स्पेशलिस्ट, आईपीएचएस नॉर्म्स के अनुसार नहीं हैं। सबसे अधिक 77.79 प्रतिशत गैप लैब टेक्निशयन तथा 71.68 प्रतिशत गैप फार्मासिस्ट में हैं। यानि जरूरत के हिसाब से बिहार में पर्याप्त मानव संसाधन नहीं हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की यह रिपोर्ट मानव संसाधन के गैप को भरने के लिए उपाय भी है। आईपीएचएस का मानक कहता है कि 100 बेड के अस्पताल में 29 डॉक्टर, 45 स्टाफ नर्स तथा 31 पैरामेडिकल स्टाफ होने चाहिए। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) एन ओवरव्यू शीर्षक से जारी रिपोर्ट में एनएचएम के तहत हो रहे कार्यों, खामियों व आने वाले वर्षों में लक्ष्य को निर्धारित किया गया है।

कोविड इमरजेंसी रेस्पांस फंड का ब्योरा गलत अपलोड
रिपोर्ट के अनुसार, बिहार ने इंडिया कोविड-19 इमर्जेंसी रेस्पांस एंड हेल्थ सिस्टम्स प्रिपेयर्डनेस पैकेज (ईसीआरपी) फेज-1 की डिटेल्स गलत अपलोड की है। बिहार उन 25 राज्यों में हैं, जिन्होंने गलत रिपोर्ट या अधूरी रिपोर्ट अपलोड की है। डिटेल्स अपलोड करने में एंटी करप्शन अंडरटेकिंग डॉक्यूमेंट्स का गलत फॉर्मेट उपयोग किया गया है। राज्यों को कहा गया है कि वे समय सीमा के अंदर सही कर इसे अपलोड करें।

सीएचओ 79 प्रतिशत कम
बिहार में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) जरूरत के हिसाब से 79 प्रतिशत कम है। बिहार उन तीन राज्यों में है जहां 75 प्रतिशत के करीब गैप है। बिहार में कुल 5437 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं, इनमें 1148 सीएचओ नियुक्त हैं। 4289 सीएचओ की कमी है। इस गैप को खत्म करने के लिए मार्च 2022 तक राज्य के 4289 सीएचओ चाहिए।

ये दिए गए सुझाव

  • आईपीएचएस 2012 के अनुसार स्वास्थ्य सुविधाओं में पदों का सृजन
  • उपलब्धता और आवश्यकता आधारित तैनाती सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ संवर्ग का निर्माण
  • परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग
  • स्किल असेसमेंट
  • परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव
  • फिक्सड टेन्योर पोस्टिंग करने का सुझाव।

बिहार को 789 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिले, 112 ही हुए इंस्टाल
रिपोर्ट के अनुसार, पीएम केयर्स से बिहार को 789 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें से 112 ही स्वास्थ्य संस्थानों में इंस्टाल हुए हैं। पीएम केयर्स से देशभर में सभी राज्यों को 1 लाख ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए थे।