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पांच साल में बनकर तैयार होगा विश्वस्तर का पीएमसीएच:राजधानी के 5 अस्पतालों को आधुनिक बनाने के लिए मिले 5838.63 करोड़

पटना7 दिन पहले
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पीएमसीएच को विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने के लिए 5540.07 करोड़ का बजट मिला है। - Dainik Bhaskar
पीएमसीएच को विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने के लिए 5540.07 करोड़ का बजट मिला है।
  • शहर के लोगों को मिलेंगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
  • नए भवन बनेंगे, सुविधाएं बढ़ेंगी, राजधानी के अन्य अस्पतालों में घटेगी मरीजों की भीड़

राजधानी के लोगों को बजट में कई सौगातें मिली हैं। पीएमसीएच को विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने के लिए 5540.07 करोड़ और लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल राजवंशीनगर को 400 बेड की क्षमता का बनाने के लिए 215 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान, पटना को 74.56 करोड़ और पटना सिटी नवाब मंजिल में 50 बेड के उत्क्रमित आयुष अस्पताल की परियोजना को लेकर 9 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। इन अस्पतालों के नए भवन के निर्माण और नई सुविधाओं के बहाल हो जाने से शहरवासियों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मिलने के साथ-साथ अन्य अस्पतालों में मरीजों की लगने वाली भीड़ में भी कमी आएगी।

5462 बेड की होगी सुविधा, तीन चरणों में होगा निर्माण
पीएमसीएच तीन चरणों में पांच साल में बनकर तैयार हो जाएगा। बेड की संख्या बढ़कर 5462 हो जाएगी। 3334 वाहनों की पार्किंग की भी व्यवस्था रहेगी। इमरजेंसी के लिए छत पर हेलीपैड बनेंगे। 100 बेड की इमरजेंसी इकाई एवं 12 बेड के आईसीयू भवन की भी व्यवस्था हाेगी। साथ ही किडनी प्रत्यारोपण इकाई को विकसित किया जा रहा है।

12 प्रकार की आईसीयू चौबीसों घंटे काम करेंगी। इसके अलावा 200 इमरजेंसी बेड के बदले अब एक साथ 1204 इमरजेंसी मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा। वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों के बेड तीन गुना से अधिक किए जा रहे हैं। मेट्रो स्टेशन भी अंडरग्राउंड बनाने का प्लान हो रहा है। एमबीबीएस की 250 सीटें होंगी।

राजवंशीनगर अस्पताल में होंगे 400 बेड

राजवंशी नगर स्थित हड्‌डी के अतिविशिष्ट अस्पताल लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नए भवन के निर्माण हो जाने से यहां 400 बेड की संख्या हो जाएगी। निदेशक डॉ. सुभाष चंद्रा ने बताया कि 3913 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला अस्पताल अब बी प्लस जी प्लस सिक्स का रूप लेगा, जिसकी एरिया 35180 मीटर हो जाएगी। छह मंजिल का अस्पताल बन जाने के बाद यहां मरीजों को आधुनिक तकनीक और आधुनिक मशीनों से हड्‌डी और स्पाइन का एक बेहतर इलाज मिलेगा। 400 बेड के अस्पताल में आईसीयू के 10 बेड, लेबोरेटरी, ओटी, ओपीडी, ब्लड बैंक, आइसोलेशन रूम जैसी कई सुविधाएं मरीजों को मिलेंगी।

आईजीअाईसी में दो कैथ लैब की होगी व्यवस्था

इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में अभी 145 बेड है। इसे 250 बेड के रूप में विकसित करना है। संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि नए भवन में अब दो कैथलैब होगा, जिसमें एंजियोग्राफी के साथ ही मरीज की एंजियोप्लास्टी की जा सकती है। इसके अलावा सीटी-कोरोनरी एंजियोग्राफी से बिना मरीज को भर्ती किए ही उनकी एंजियोग्राफी हो सकती है। डॉ. सुनील का कहना है कि अब अधिक संख्या में हृदय मरीजों की एंजियोप्लास्टी होगी। इसके अलावा दो मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होगा, जिसमें कार्डियक सर्जन वाल्व रिप्लेसमेंट और बाइपास सर्जरी करेंगे। सेंट्रली एसी इमरजेंसी होगी।

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