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फर्जीवाड़े की आशंका:87665 में से 68 हजार शिक्षकों ने अपलोड नहीं किया सर्टिफिकेट, 20 जुलाई तक वेबपोर्टल पर अपलोड करने की है अंतिम तारीख

पटना21 दिन पहले
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पहले नियोजन इकाई की बनी मेधासूची अपलोड करने की भी अनिवार्यता थी। -सिबॉलिक इमेज - Dainik Bhaskar
पहले नियोजन इकाई की बनी मेधासूची अपलोड करने की भी अनिवार्यता थी। -सिबॉलिक इमेज

बिहार में शिक्षक बहाली में फर्जीवाड़ा को और बल मिल रहा है। शिक्षा विभाग ने 21 जून से 20 जुलाई तक निगरानी जांच से छूटे 87665 शिक्षकों को वेबपोर्टल पर शैक्षणिक और प्रशिक्षण संबंधी आवश्यक सर्टिफिकेट अपलोड करने की मोहलत दी है। लेकिन, 20 दिन बीत जाने के बाद भी 68 हजार शिक्षकों ने सर्टिफिकेट नहीं अपलोड किए हैं। यह स्थिति तब है, जब शिक्षकों को मेधासूची अपलोड करने से छूट दे दी गई है। अब इन शिक्षकाें के पास सर्टिफिकेट अपलोड करने के लिए महज 6 दिनों का समय बचा है। विकास आयुक्त ने शिक्षकों के सर्टिफिकेट अपलोड करने की प्रगति पर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक भी की।

पहले नियोजन इकाई की बनी मेधासूची अपलोड करने की भी अनिवार्यता थी। अब कहा गया है कि यदि मेधासूची उपलब्ध हो तो शिक्षक इसे अपलोड कर दें। हाईकोर्ट के आदेश पर 2006 से 2015 के बीच विभिन्न नियोजन इकाइयों से बहाल सभी 3.57 लाख शिक्षकों के सर्टिफिकेट जांच की जिम्मेदारी निगरानी विभाग को दी गई है।

शिक्षा विभाग द्वारा मेधासूची अपलोड करने के प्रावधान पर शिक्षक संघों सहित विपक्षी दलों ने भी मुद्दा उठाया था। मेधासूची अपलोड करने की अनिवार्यता को अव्यवहारिक बताया गया था। शिक्षा विभाग ने आदेश में साफ कर दिया है कि जो शिक्षक 20 जुलाई तक सर्टिफिकेट अपलोड नहीं करेंगे, तो माना जाएगा कि उनकी बहाली गलत तरीके से हुई है।

पाेर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद उपलब्ध फाॅर्मेट में देनी में सूचना
शिक्षा विभाग के पोर्टल state.bihar.gov.in/educationbihar/CitizenHome.html पर उपलब्ध appsonline.bih.nic.in लिंक के माध्यम से जिलावार जिन शिक्षकों को सर्टिफिकेट अपलोड करना है, उनके नाम अंकित हैं। इस सूची में जिन शिक्षकों के नाम हैं, वे उसी पोर्टल पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपना निबंधन करेंगे।

निबंधन के बाद प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड से लाॅग-इन कर पोर्टल पर उपलब्ध फाॅर्मेट में सूचना देनी है। मूल प्रमाणपत्रों मैट्रिक का अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र, इंटर का अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र, स्नातक का अंकपत्र व प्रमाणपत्र, शिक्षक प्रशिक्षण का अंकपत्र व प्रमाणपत्र, दक्षता परीक्षा या टीईटी उत्तीर्णता प्रमाणपत्र, अनुभव प्रमाणपत्र (20 प्रतिशत वेटेज के लिए), मेधासूची (उपलब्ध हो तो), नियुक्ति पत्र, जाति प्रमाणपत्र, आवासीय प्रमाणपत्र की स्कैन कॉपी अपलोड करनी है। निर्धारित समय में जो शिक्षक अपना सर्टिफिकेट वेबपोर्टल पर अपलोड नहीं करेंगे, उनकी उनकी सेवा समाप्त करते हुए वेतन के रूप में मिली राशि वसूल की जाएगी।