गोपालगंज और मोकामा में उपचुनाव लड़ना चाहती है LJP(R):संसदीय बोर्ड की मीटिंग में 7 नामों का जिक्र, अंतिम मुहर चिराग पासवान लगाएंगे

पटना2 महीने पहले
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संसदीय बोर्ड की मीटिंग में शामिल लोजपा (रामविलास) के नेता। - Dainik Bhaskar
संसदीय बोर्ड की मीटिंग में शामिल लोजपा (रामविलास) के नेता।

गोपालगंज और मोकामा में विधानसभा का उपचुनाव होना है। सबकी नजरें लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) पर टिकी है। सवाल उठ रहा है कि क्या चिराग पासवान उप चुनाव वाले इन दोनों ही जगहों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे? क्या उनकी पार्टी यह उप चुनाव लड़ेगी?

इन सवालों का जवाब जानने के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी और मुख्य प्रवक्ता राजेश भट्‌ट से बात की गई। इनके अनुसार पार्टी की मंशा चुनाव लड़ने की है। इसी वजह से संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष हुलास पांडेय की मौजूदगी में पार्टी कार्यालय में एक मीटिंग भी हुई। उम्मीदवार के रूप में कई नामों पर चर्चा भी हुई।

मंथन किया पर फाइनल डिसीजन नहीं हुआ
चुनावी मैदान में बतौर उम्मीदवार उतरने की चाह रखने वाले ये कौन लोग हैं? इस बारे में तो प्रदेश अध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता ने तो नहीं बताया। मगर, इतना जरूर बताया कि उपचुनाव के दोनों ही सीटों को मिलाकर कुल 7 लोगों के बायोडाटा आए थे। इनके ही प्रोफाइल को चेक किया गया। इनके नामों पर ही चर्चा हुई। इसमें गोपालगंज सीट के लिए 3 और मोकामा सीट से 4 लोगों ने विधानसभा का उप चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा जताई है। इस पर काफी देर तक संसदीय बोर्ड ने अपना मंथन किया। मगर, ठोस डिसीजन अभी नहीं हो पाया है।

सब कुछ चिराग पासवान पर छोड़ा
ससंदीय बोर्ड में शामिल पार्टी नेताओं ने उप चुनाव को लेकर मीटिंग तो कर दी। पर इसका कोई इनपुट नहीं निकला। संसदीय बोर्ड ने उप चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के उपर छोड़ दिया है। प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि शुक्रवार को चिराग पासवान दिल्ली से पटना पहुंच रहे हैं। इनके आने के बाद एक मीटिंग होगी। फिर गोपालगंज और मोकामा में उप चुनाव पार्टी लड़ेगी या नहीं, इसका अंतिम फैसला वही लेंगे।

हो सकती है वेट एंड वॉच की स्थिति
दूसरी तरफ सूत्रों के जरिए जो बात सामने आई है कि चिराग पासवान तुरंत फैसला न लेकर एक-दो दिनों तक वेट एंड वॉच की स्थिति भी अपना सकते हैं। वो ये वॉच कर सकते हैं NDA और महागठबंधन की तरफ से दोनों ही सीटों पर किसे उम्मीदवार के रूप में उतारा जा रहा है? हो सकता है कि चिराग इसके अनुसार ही अपने फैसले के जरिए इस बात पर अंतिम मुहर लगाएंगे कि उनकी पार्टी उप चुनाव लड़ेगी या नहीं?