दिवाली पर प्रदूषण:भागलपुर में एक दिन में ही 89% बढ़ा, भागलपुर और दिल्ली बेदम

पटना22 दिन पहले
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दीपावली के दिन भागलपुर, दिल्ली-एनसीआर में जमकर पटाखे चले और शहर बेदम हो गई, जबकि पटनावालों ने इस बार कम पटाखे चलाए। भागलपुर में हवा में प्रदूषण का स्तर एक दिन में 89 प्रतिशत बढ़ गया। गुरुवार की रात हवा में पीएम 2.5 का स्तर 303 माइक्राेग्राम प्रति घनमीटर पर पहुंच गया। यह सामान्य से छह गुना ज्यादा है। इस स्तर काे खतरनाक माना जाता है। बुधवार काे यह 160 अाैर मंगलवार को 156 था।

उधर, प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में जमकर पटाखे चलाने और पड़ोसी राज्यों में पराली जलने का असर शुक्रवार सुबह ही दिख गया। पूरे क्षेत्र में घने कोहरे की मोटी परत छाई रही और हालात गैस चैंबर जैसे बन गए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले महीन कण यानी पीएम 2.5 की 24 घंटे की औसत सांद्रता शुक्रवार शाम 430 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गई। यह 60 की सुरक्षित दर से सात गुना ज्यादा है। दिल्ली-एनसीआर में लोगों को गले में जलन और आंखों में पानी की दिक्कतों से जूझना पड़ा।

भागलपुर में दीपावली के दूसरे दिन शुक्रवार काे एक्यूआई का स्तर 180 पर अा गया, जबकि पीएम 10 का स्तर 323 माइक्राेग्राम प्रति घनमीटर पर पहुंच गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार गुरुवार को भागलपुर का पीएम 2.5 का स्तर 303 रहा। बुधवार के मुकाबले इसमें 143 अंकों का इजाफा हुआ। भागलपुर की हवा बहुत खराब श्रेणी में रही। दिवाली पर हुई आतिशबाजी के कारण प्रदूषण में अचानक इतनी वृद्धि हुई।

इको पार्क क्षेत्र में सबसे अधिक वायु प्रदूषण
सेट्रन्ट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के एक्यूआई लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम के अनुसार पटना के इको पार्क क्षेत्रों में पटाखा विस्फोट होने से सबसे अधिक हवा प्रदूषित हुई है। इसके बाद वेटनरी क्षेत्र में हवा प्रदूषित हुई है। दानापुर के एक्यूआई लेवल 182 रिकॉर्ड किया गयाहै।

दिल्ली में अभी राहत के आसार नहीं
सफर के निदेशक डॉ. गुरफान बेग ने बताया कि दीपावली के दिन दिल्ली में पीएम-2.5 कणों की मात्रा में पराली के धुएं का हिस्सा 25% था जबकि शुक्रवार को यह 36% हो गया। शनिवार तक यह 40% हो सकता है। अभी राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं।

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