बिहार में फायर ब्रिगेड टीमें अलर्ट पर:दीपावली-छठ के दौरान 107 स्टेशन की 900 गाड़ियां रहेंगी एक्टिव

पटनाएक महीने पहले

दीपावली और छठ फेस्टिवल को ध्यान में रखते हुए बिहार फायर ब्रिगेड की यूनिट पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। राजधानी पटना हो या राज्य का कोई भी जिला, हर जगह डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट और फायर अफसर की टीम को एक्टिव मोड में रखा गया है।

बिहार में 107 फायर स्टेशन हैं। 3 हजार से अधिक फायर मैन से लेकर अफसर तक पोस्टेड हैं। जबकि, 900 से अधिक छोटी-बड़ी पानी से भरी गाड़ियां 24 घंटे एक्टिव मोड में रहेंगी। ताकि फेस्टिवल के दौरान छोटी या बड़ी आग लगने की घटना होने पर जल्द से जल्द उस पर काबू पाया जा सके।

आग को तेजी से फैलने से रोका जा सके। जानमाल का नुकसान कम से कम हो। इन बातों पर पूरी तरह से फोकस किया जा रहा है। इसके लिए बिहार फायर सर्विसेज की DG शोभा अहोतकर की तरफ से खास निर्देश जारी किए गए हैं।

ERSS 112 और 101 पर कर सकते हैं कॉल
राज्य के किसी भी इलाके में फेस्टिवल के दौरान आग लगने की घटना होने पर स्थानीय लोग तुरंत इमरजेंसी नंबर 112 और 101 पर कॉल कर जानकारी देनी सकते हैं। टाइम पर सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड हेड क्वार्टर की तरफ से जल्द से जल्द सबसे नजदीक वाले फायर स्टेशन से हादसे वाली जगह पर गाड़ियों को भेजा जाएगा। तब कम से कम समय में हालत पर काबू पाने का काम शुरू हो सकेगा। दरअसल, दीपावली में पटाखा का अवैध स्टौक, इसकी खरीद-बिक्री के साथ ही इसे छोड़ने के क्रम में कई बार आग लगने की घटनाएं हो जाती है।

छठ पूजा में पंडाल बनाए जाते हैं। उस दौरान भी पहले कई हादसे हो चुके हैं। पूजा पंडाल में आग लगने की घटना हो पूर्व में हो चुकी है। पिछली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार बड़े लेवल पर फायर ब्रिगेड ने अपनी तैयारी कर रखी है। फायर मैन से लेकर बड़े अफसर तक की छुट्‌टी कैंसिल कर दी गई है।

संकीर्ण और भीड़-भाड़ वाले इलाकों पर विशेष नजर
DG शोभा अहोतकर के अनुसार पटना के साथ-साथ हर जिले में उनकी टीम संकीर्ण और भीड़-भाड़ वाले इलाकों के साथ ही संवेदनशील जगहों पर चौकसी बरत रही है। अवैध तरीके से बेचने वालों और इसे स्टॉक करने वालों पर कार्रवाई भी होगी। जिला फायर अफसरों के जरिए लाइसेंस वाले पटाखे बेचने वालों के स्टोर का फायर ऑडिट करवाया गया है। इन्हें अपने दुकान में हर वक्त 2 बाल्टी पानी या रेत और फ़ायर एक्सटिंग्विशर रखना होगा। इसे जरूरी कर दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई होगी। इनके साथ ही पूजा पंडालों का भी फायर ऑडिट हुआ है।