दीपावली में बुझ गए घर के चिराग, कौन देगा जवाब:4 माह बाद बिटिया की थी शादी, शराब ने पिता को छीन लिया

पटना7 महीने पहले
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गोपालगंज में पिता की मौत के बाद विलाप करती बेटी व पत्नी। - Dainik Bhaskar
गोपालगंज में पिता की मौत के बाद विलाप करती बेटी व पत्नी।

दीपावली प्रकाश का पर्व है। सभी के घरों में दीप जल रहे हैं। इसी बीच सूबे के 23 परिवार ऐसे हैं, जिनके घर के चिराग बुझ गए। सभी की जहरीली शराब पीने से मौत की आशंका है। इनमें गोपालगंज के 13 और बेतिया के 10 लोग हैं। इन सभी में सबसे अधिक कष्ट उस बेटी को है, जिसकी 4 माह में डोली उठनी थी। आंखों के सामने ही पिता की अर्थी पहले ही उठ गई। इस हृदयविदारक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना महम्मदपुर दलित बस्ती की है, जहां जहरीली शराब ने सब कुछ तबाह कर दिया। सूरज राम मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। परिवार में दो बेटे अमरेन्द्र और छठु कुमार और बेटी अनिता कुमारी की जिम्मेदारी वही उठाते थे। जहरीली शराब ने सब बर्बाद कर दिया। पत्नी राजमती देवी के जिम्मे अब परिवार भी है। और बेटी की शादी भी।

बलिराम की बेटी सीमा सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए।
बलिराम की बेटी सीमा सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए।

बेटी बोली- नहीं मिलती शराब तो नहीं जाती पिता की जान
गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से बिलराम राम की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों में कोहराम मची है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बलिराम अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। दो बेटी निभा और सीमा जिनकी शादी कर दी है। वहीं, एक बेटा अमर है। पिता की मौत की सूचना पाकर घर आई बेटी ने कहा कि बिहार में शराब कहने को बंद है। शराब हर जगह मिल रही है। आज शराब नहीं मिलती तो पिता की मौत नहीं होती। वे लोग अनाथ हो गए। अब कौन पूछेगा। बलिराम कमाने के लिए गए थे और वहीं उन्होंने शराब पी ली। सुबह उनकी आंखों की रोशनी चली गई। जब तक परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले जाते, तब तक उनकी मौत हो गई।

घर में अकेले कमाने वाले थे मुकेश
महम्मदपुर दलित बस्ती निवासी 40 वर्षीय मुकेश राम 11 लोगों का भरण- पोषण करते थे। मुकेश पेशे से राज मिस्त्री थे। अपनी बूढ़ी मां ऊषा कुंवर व पत्नी प्रभावती देवी, बेटा सरोज, दीपक, अंशु व बेटी रंजू, प्रीति, सीता, गीता का वह देखभाल करते थे। उनके बेटे सरोज ने बताया कि पिता को जहरीली शराब ने अपने आगोश में ले लिया। परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इतना ही नहीं प्रशासन द्वारा उसके घर को भी सील कर दिया गया है। परिवार खुले आसमान के नीचे घर के बाहर रह रहने को मजबूर हैं। प्रशासन का कहना है कि मुकेश के घर से शराब बरामद की गई थी, जिसके कारण घर को सील किया गया है। परिजनों का कहना है कि प्रशासन ने घर में शराब रखकर फंसा दिया है और घर को सील कर दिया है। मुकेश की पत्नी प्रभावती देवी ने कहा कि अब हम लोग कहां जाएं? कहीं कोई जगह नहीं है। छोटे-छोटे बच्चे हैं। पहले तो पति को जहरीली शराब ने छीन लिया और अब बेघर कर दिया गया।

बेतिया में पति की मौत के बाद विलाप करती ठग हजरा की पत्नी।
बेतिया में पति की मौत के बाद विलाप करती ठग हजरा की पत्नी।

बेतिया में 10 परिवार के घरों के दीपक बुझ गए
दक्षिणी तेलुआ पंचायत में दीपावली का सारा उत्साह भंग हो चुका है। बेतिया के नौतन प्रखंड की दक्षिणी तेलुआ पंचायत में 10 घरों के दीपक दीपावली पर बुझ गए। कल तक जहां पूरे क्षेत्र में दीपावली की रौनक थी। आज पूरा परिदृश्य बदला हुआ है। मृतकों के परिजनों ने बताया कि जो भरण-पोषण करते थे, उनकी ही मौत हो गई है। सिकंदर राम के भतीजे लालू राम ने बताया कि एक बेटी की शादी कर चुके चाचा हमेशा बाकी बच्चों के भविष्य की चिंता में रहते थे। वहीं, ठग हजरा की पत्नी ने बताया कि घर का मालिक चला गया। जवाहिर सहनी के परिजनों ने बताया कि कल तक स्वस्थ थे। आज विश्वास नहीं हो रहा कि उनकी मौत हो गई है। परिवार असहाय हो गया है। लोग इस बात से काफी आक्रोश में हैं कि शराबबंदी का नाटक क्यों हो रहा है। आसानी से शराब मिल रही है। भोगता तो वही है, जिसके परिवार में किसी की मौत ऐसे हो जाए। आंखों में आंसू हैं, सवाल हैं पर कौन जवाब देगा इसका ये किसी को नहीं पता।