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मैनहोल में गिरने से 4 साल की बच्ची की मौत:आखिर खुले मैनहोल में डूब गई पटना की रोशनी, घर के बाहर खेलते वक्त गिरी; भास्कर ने पहले ही जताई थी सिटी में ऐसे खतरे की आशंका

पटना12 दिन पहले
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पटना सिटी के मंगल तालाब में बच्ची के घर के पास ही है पांच फीट गहरा चैंबर। वह खेलते-खेलते उसमें गिर गई। किसी ने नहीं देखा, जिससे मौत हो गई। - Dainik Bhaskar
पटना सिटी के मंगल तालाब में बच्ची के घर के पास ही है पांच फीट गहरा चैंबर। वह खेलते-खेलते उसमें गिर गई। किसी ने नहीं देखा, जिससे मौत हो गई।

मंगल तालाब के पास करीब पांच फीट के गहरे नाले के चैंबर में गिरने से चार साल की बच्ची राेशनी की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने चैंबर को बंद करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर हंगामा किया। लोगों का गुस्सा वार्ड-64 के पार्षद आबदा कुरैशी के प्रति भी फूटा। मौके पर पहुंची चौक थाने की पुलिस ने लोगों को समझा-बुझा कर शांत कराया। परिवार के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। दरअसल, बुधवार की सुबह करीब 11 बजे बाग मालू खां मोहल्ला निवासी दिव्यांग मो. जफर की चार साल की बेटी खेलते हुए घर से बाहर निकल गई।

परिवार के लोग समझ रहे थे कि वह बाहर खेल रही है। करीब एक घंटा बाद रास्ते से गुजर रहे एक व्यक्ति की नजर बच्ची के फ्रॉक पर पड़ी। इसके बाद अफरातफरी मच गई। लोगाें ने बच्ची को किसी प्रकार से बाहर निकाला तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्ची हर दिन घर से बाहर नाले की तरफ खेलते हुए जाती थी। नाले में गिरते उसे किसी नहीं देखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब तीन साल पहले सड़क व नाला का निर्माण हुआ। तब से नाले का एक भाग खुला है। आए दिन बाइक सवार हादसे का शिकार होते हैं।

चार वर्षीय बच्ची राेशनी की मौत से उसके पिता मोहम्मद जफर आलम और मां सरैया खातून सदमे में हैं। पिता ने बताया कि तीन बेटियों और एक बेटा में राेशनी सबसे छोटी थी। हम सुबह नौ बजे ही ड्यूटी के लिए निकल गए थे। अचानक परिवार से सूचना मिली कि रोशनी अब दुनिया में नहीं है। दूसरे की मदद से किसी प्रकार घर पहुंचे। बेटी की लाश पड़ी थी। रोशनी की मां ने कहा-नाला अगर ढंका होता तो मेरी बच्ची आज मेरी गोद में होती।

नगर निगम और वार्ड पार्षद के प्रति फूटा लोगों का गुस्सा
लोगों का कहना था कि पार्षद को समस्या से अवगत कराया गया था। इसके बाद भी गंभीरता से नहीं लेने के कारण यह हादसा हुआ है। मौके पर पहुंचे वार्ड पार्षद प्रतिनिधि महमूद कुरैशी को आक्रोश का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर चौक थाने के दारोगा धर्मेंद्र कुमार और सुदेश्वर पासवान पहुंचे और लोगों को समझा-बुझा कर शांत कराया।

परिवार के लोगाें ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। चौक थानाध्यक्ष गौरीशंकर गुप्ता ने बताया कि परिवार की ओर किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ने बताया कि खुले नाले के चैंबर को ढंकने के लिए निगम को कई बार लिखा गया है।