गया DM ने आवास का बेच दिया पेड़:4 माह बाद जागा विजिलेंस, अपने मूल कैडर लौटे IAS तो की FIR

पटना5 महीने पहले

IAS अधिकारी और गया के तत्कालीन DM अभिषेक सिंह के खिलाफ SVU (स्पेशल विजिलेंस यूनिट) ने FIR दर्ज कर ली है। इनके ऊपर गया में DM रहते जमकर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा है। गुरुवार को SVU ने केस दर्ज करने के साथ ही अपनी जांच शुरू कर दी है। DSP चन्द्र भूषण को IO (इंवेस्टिगेशन ऑफिसर) बनाया गया है।

बता दें, सिंह जनवरी 2018 से जनवरी 2022 तक गया के DM रहे। वहां इन्हें सरकारी आवास रहने के लिए मिला था। इन पर आरोप है कि इन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सरकारी आवास के साथ-साथ कई जगहों से बगैर सरकार के परमिशन के कीमती पेड़ों को न सिर्फ कटवाया, बल्कि उसे बेच भी दिया। बेचे गए पेड़ों के रुपए राज्य सरकार को नहीं मिले। वो रुपए कहां गए? इस बारे में किसी को कुछ नहीं पता। इनके इस अवैध काम में वन और जेल विभाग के कई अफसरों और कर्मचारियों ने साथ दिया। भ्रष्टाचार से जुड़े इनके शातिराना खेल को राज्य सरकार ने पकड़ा लिया।

SP के बयान पर दर्ज हुई FIR

सरकारी आवास में लगाए गए कीमती पेड़ों पर राज्य सरकार का अधिकार था। IAS अभिषेक सिंह खुद जिले के सबसे बड़े पद पर काबिज थे। इनके ऊपर कानून का पालन कराने की जिम्मेवारी थी। मगर, ये खुद कानून को ताक पर रख चुके थे। गया के इस पूर्व DM के खिलाफ पटना स्थित SVU थाना में SP जेपी मिश्रा ने खुद के बयान पर IPC की धारा 120(B), प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 (संशोधन 2018) की धारा 13(1)(a) और 13(2) तहत FIR नंबर 7/2022 दर्ज किया गया है।

गया में DM रहने के दौरान की तस्वीर है।
गया में DM रहने के दौरान की तस्वीर है।

34 दिन में ही बुडको से हो गई थी छुट्टी

2006 बैच के IAS अभिषेक सिंह त्रिपुरा कैडर के अफसर हैं। त्रिपुरा से आने के बाद ही नीतीश सरकार ने अभिषेक को पटना में मालदार पोस्ट पर दी थी। जून 2016 से लेकर जनवरी 2018 तक अभिषेक पटना म्यूनिसिपल कमिश्नर रहे। इसके ठीक बाद इन्हें गया का DM बना दिया गया।

सरकार ने पिछले वर्ष 30 दिसंबर को अभिषेक को Bihar Urban Infrastructure Development Corporation Ltd (बुडको) का MD बनाया था और 2 फरवरी को हटा दिया गया। बुडको से हटाए जाने के बाद अभिषेक को बिहार राज्य योजना पर्षद का परामर्शी बनाया गया था। वह बिहार में पिछले साढ़े पांच साल से इंटर स्टेट कैडर डेपुटेशन के तहत तैनात थे। सेवा समाप्त होने के बावजूद इन्हें 6-6 महीने का दो बार एक्सटेंशन दिया गया था। इससे उनका कार्यकाल अप्रैल तक बचा था, लेकिन सरकार ने इनको दो महीने पहले ही मूल कैडर त्रिपुरा भेज दिया गया था।

अभिषेक को मिल चुका है प्रधानमंत्री अवॉर्ड

एक साल पहले IAS अभिषेक को प्रधानमंत्री अवॉर्ड (पीएम अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन) से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें यह सम्मान गया जिले में सभी घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए दिया गया था।