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एंबुलेंस वाले की मनमानी 6287590563 पर करें व्हाट्सएप:पटना से बेगूसराय जाने के लिए मांग रहा था 16 हजार रुपए, DM के आदेश पर हो गया मुकदमा

पटनाएक महीने पहले
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एंबुलेंस की जांच के लिए टास्क फोर्स ने 5 अस्पतालों का निरीक्षण किया जिसमें एंबुलेंस का मामला पाया है। - Dainik Bhaskar
एंबुलेंस की जांच के लिए टास्क फोर्स ने 5 अस्पतालों का निरीक्षण किया जिसमें एंबुलेंस का मामला पाया है।

एक मरीज को पटना से बेगूसराय जाना था। इसके लिए प्राइवेट एंबुलेंस वाले ने 16 हजार रुपए की मांग की। रकम सरकार द्वारा तय की गई राशि से काफी अधिक थी। इस मामले की शिकायत जैसे ही DM को मिली, जांच बैठा दी गई। जांच के लिए टास्क फोर्स ने 5 अस्पतालों का निरीक्षण किया, जिसमें एंबुलेंस का मामला सही मिला। इसके बाद एंबुलेंस चालक और मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में ऐसे भी हॉस्पिटल मिले हैं जो कोविड के लिए रजिस्टर्ड नहीं हैं, फिर भी इलाज कर रहे हैं।

ऐसे पकड़ी गई एंबुलेंस की चोरी

DM डॉ चंद्रशेखर सिंह के निर्देश पर प्राइवेट एंबुलेंस चालकों की शिकायत के लिए व्हाट्सएप नंबर 6287590563 जारी किया गया है। इस पर RPS मोड़ निवासी अनिल सिंह ने शिकायत कर बताया कि पटना से बेगूसराय के लिए निजी एंबुलेंस (बिना ऑक्सीजन) चालक 16000 रुपए की डिमांड कर रहा है। यह सरकार द्वारा निर्धारित दर से काफी अधिक है। मामला संज्ञान में आते ही DM ने धावा दल को लगा दिया। जांच में शिकायत सही पाई गई। मजिस्ट्रेट पशुधन पर्यवेक्षक अनिल कुमार सिंह ने गांधी मैदान थाने में एंबुलेंस मालिक हनुमान नगर की बच्ची देवी और चालक पंकज कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 420, 349 के तहत कार्रवाई की गई है।

अस्पतालों की मनमानी की भी हुई जांच

अस्पतालों में मनमानी की शिकायत मिलने पर जांच टीम ने PMCH, फोर्ड हॉस्पिटल, शरणम हॉस्पिटल, रुबन हॉस्पिटल, मेडी पार्क हॉस्पिटल के साथ मलाही पकड़ी कंकड़बाग स्थित कई अस्पतालों में जांच की। इस क्रम में निजी अस्पतालों में सरकार की निर्धारित दर के हिसाब से पैसा नहीं लेने का मामला पकड़ में आया। टीम ने सैमफोर्ड हॉस्पिटल, सारांश हॉस्पिटल और श्री इमरजेंसी हॉस्पिटल का भी निरीक्षण किया। सैमफोर्ड हॉस्पिटल की जांच में पाया गया कि सरकार द्वारा निर्धारित दर से अधिक राशि ली जा रही है।

बिना रजिस्ट्रेशन कोरोना का इलाज

जांच में पाया गया कि सारांश हॉस्पिटल नन कोविड हॉस्पिटल है, फिर भी कोरोना का इलाज कर रहा है। इतना ही नहीं अधिक पैसा भी वसूल रहा है। इस मामले में अस्पताल के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। नन कोविड श्री इमरजेंसी हॉस्पिटल में भी कोरोना का इलाज किया जा रहा था। इस अस्पताल के खिलाफ भी नोटिस जारी की गई है। DM का कहना है कि हर दिन छापेमारी की जा रही है और पकड़ में आने पर कार्रवाई की जा रही है।