• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Patna
  • Analysis Done On The Basis Of Affidavits, Criminal Cases Against 23 Ministers Of The Government, Serious Cases Against 17 Of Them

बिहार सरकार के 23 मंत्री दागी:इन पर क्रिमिनल केस, इनमें 17 के खिलाफ गंभीर मामले; ADR ने शपथपत्रों से किया विश्लेषण

पटना5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

बिहार की नई महागठबंधन सरकार के 23 मंत्रियों (72 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। इनमें से 17 पर गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। 16 अगस्त को सरकार के पुनर्गठन के बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच ने बिहार विधानसभा 2020 से मुख्यमंत्री सहित सभी 33 में से 32 मंत्रियों के शपथ पत्रों के विश्लेषण के बाद यह रिपोर्ट जारी की है।

जदयू ने मनोनीत एमएलसी अशोक चौधरी को भी मंत्री बनाया है, इसे में उन्हें शपथ पत्र जमा करने की आवश्यकता नहीं है, लिहाजा वित्तीय, आपराधिक एवं अन्य विवरणों को लेकर उनकी जानकारी सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है।

ADR के अनुसार यह विश्लेषण 2020 के विधानसभा चुनाव, विधान परिषद चुनाव और उसके बाद हुए उप चुनाव में उम्मीदवारों द्वारा दिए गए शपथ पत्रों पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार 23 मंत्रियों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। वहीं 17 ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज बताए हैं।

समीर महासेठ सबसे अमीर, मुरारी गौतम सबसे गरीब
नए मंत्रिमंडल के सबसे अधिक संपत्ति घोषित करने वाले मंत्री मधुबनी से राजद के टिकट पर जीतकर आए समीर कुमार महासेठ हैं। इन्होंने 24.45 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। वहीं कांग्रेस के मुरारी प्रसाद गौतम ने सबसे कम 17.66 लाख रुपए की संपत्ति घोषित की है। कुल 23 मंत्रियों ने अपनी देनदारी घोषित की है।

8 मंत्री ने की 8वीं से 12वीं के बीच पढ़ाई
नए मंत्रियों में 8 ने अपनी शैक्षणिक योग्यता 8वीं से 12वीं के बीच घोषित की है। वहीं 24 मंत्रियों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता स्नातक और उससे ऊपर घोषित की है।

53 फीसदी मंत्री 30 से 50 वर्ष के बीच: 17 मंत्रियों ने अपनी उम्र 30 से 50 वर्ष के बीच घोषित की है। जबकि 15 की आयु 51 से 75 वर्ष के बीच है। 32 मंत्रियों में 3 महिला मंत्री हैं।