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आय से अधिक संपत्ति का केस:निलंबित कार्यपालक पदाधिकारी ने अवैध कमाई से इंदौर, हरिद्वार, लखनऊ और बनारस के पॉश इलाकों में खरीदी जमीन

पटना2 महीने पहले
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अनुभूति श्रीवास्तव। - Dainik Bhaskar
अनुभूति श्रीवास्तव।

आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपी हाजीपुर नगर परिषद के निलंबित कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव के मामले की तफ्तीश में गाड़ियों को लेकर उनके शौक का भी बड़ा खुलासा हो रहा है। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) की जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। कहा जा रहा है कि अनुभूति श्रीवास्तव को महंगी गाड़ियों की सवारी का जबरदस्त शौक रहा है।

सूत्रों के अनुसार, तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि अनुभूति श्रीवास्तव ने करीब 50 लाख की लैंड रोवर कार और साढ़े 17 लाख की मर्सिडिज गाड़ी भी खरीदी थी। हालांकि इन गाड़ियों को खरीदने के लिए अनुभूति ने दूसरे का सहारा लिया था। सूत्रों के अनुसार अनुभूति श्रीवास्तव ने वर्ष 2018 के आसपास लैंड रोवर खरीदी थी। तब वे भभुआ में पोस्टेड थे।

सूत्रों के अनुसार एसवीयू की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि अनुभूति श्रीवास्तव ने दूसरे के नाम पर करीब 50 लाख की लैंड रोवर और उसके बाद 17.5 लाख की सेकेंड हैंड मर्सिडिज कार खरीदी थी। कहा जा रहा है कि गाड़ी खरीदने के लिए अनुभूति ने एक शख्स को पैसे दिए थे और फिर गाड़ी अपने पास रख ली।

गाड़ी खरीदने की भी दिलचस्प कहानी, पैसे खुद के पर गाड़ी के कागज पर नाम किसी और का
तफ्तीश में यह बात आई है कि गाड़ी खरीदने के लिए अनुभूति ने अपने ही कार्यालय के एक जूनियर इंजीनियर को माध्यम बनाया था। इसके बाद इंजीनियर के एक परिचित के नाम से लैंड रोवर गाड़ी खरीदी गई। कहा जा रहा है कि यह तरीका संभवत: इसलिए अपनाया गया था कि अनुभूति को इस बात का अंदाजा था कि उनकी जितनी आय है उस हैसियत में वे इतनी महंगी गाड़ी नहीं खरीद सकते।

लिहाजा दूसरे लोगों के नाम पर गाड़ियां खरीदी जाती रहीं और कुछ दिन सवारी के बाद उसे बेच दिया जाता था। गौरतलब है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट(एसवीयू) ने 1 सितंबर को हाजीपुर नगर परिषद के निलंबित कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव के ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी संपत्ति का पता लगाया था और उससे संबंधित दस्तावेज जब्त किए थे। अनुभूति श्रीवास्तव हाजीपुर के पहले भभुआ में पदस्थापित थे और उनपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे।

गाड़ी दूसरे के नाम पर लेते पर सवारी खुद करते थे अनुभूति
मर्सिडिज कार भी उन्होंने दूसरे के नाम पर ही खरीदी। इनके अलावा करीब 11.5 लाख की होंडा डब्ल्यू वीआर गाड़ी भी खरीदा। यह गाड़ी भी दूसरे व्यक्ति के नाम पर ही ली गई थी। लेकिन उसकी सवारी अनुभूति श्रीवास्तव ही करते थे। जांच में अनुभूति श्रीवास्तव की कुछ नई अचल संपत्तियों का भी पता चला है। इसमें इंदौर, हरिद्वार, लखनऊ और बनारस के पॉश इलाकों में जमीन का पता चला है।

भभुआ में लगे थे वित्तीय अनियमितता के आरोप
नगर परिषद भभुआ के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। कैमूर के डीएम ने इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी थी जिसमें अनुभूति श्रीवास्तव पर वित्तीय अनियमितता और अवैध संपत्ति अर्जित करने की बात कही गई थी। कैमूर के डीएम की रिपोर्ट के आधार पर नगर विकास एवं आवास विभाग ने उन्हें 18 अगस्त 2021 को निलंबित कर दिया था।

विधानसभा की कमेटी करेगी जांच, रिपोर्ट तीन महीने में आएगी
ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर को निलंबित न करने के मामले में विधानसभा ने पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के आदेश से बनी कमेटी में नीतीश मिश्र को कमेटी का सभापति बनाया गया है जबकि कांग्रेस के विजयशंकर दूबे, राजद के अवध बिहारी चौधरी, भाजपा के संजय सरावगी और जदयू के राजकुमार सिंह को सदस्य बनाया गया है।

विधानसभा के सचिव शैलेन्द्र सिंह इसके सचिव होंगे। समिति की कार्य अवधि तीन माह के लिए होगी। बीते शीतकालीन सत्र में भाजपा के संजय सरावगी ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से इस मामले को उठाया था।