पाटलिपुत्र विवि में MA इन एजुकेशन की पढ़ाई को मंजूरी:VC बोले- एक साल की अवधि में 18 विषयों में PG की पढ़ाई, वोकेशनल कोर्सेज पर अधिक जोर

पटना4 महीने पहले
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PPU में सीनेट की बैठक हुई। - Dainik Bhaskar
PPU में सीनेट की बैठक हुई।

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की सीनेट की बैठक बुधवार को हुई, जिसमें बजट के साथ विश्वविद्यालय के अगले एक साल के विकास कार्यों पर चर्चा हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट भी पारित किया गया। वर्ष 2022-23 के लिए पाटलिपुत्र विवि प्रशासन ने 592.8 करोड़ रुपए का बजट पारित किया है। इसमें विवि प्रशासन को कुल 53.9 करोड़ की आय है जबकि 538.8 करोड़ के घाटे का बजट है। इसके साथ विवि प्रशासन ने कई एकेडमिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी, जिसमें एमए इन एजुकेशन की शुरुआत भी शामिल है। इसके अलावा विवि प्रशासन ने अब वोकेशनल कोर्सेज पर अधिक जोर देने का निर्णय लिया है। इसके लिए कॉलेजों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।

बैठक में पाटलिपुत्र विवि के संबंधन की नई नीति पर भी चर्चा हुई। अब तक विवि प्रशासन किसी भी संबद्ध कॉलेज को एक वर्ष के लिए संबद्धता देता रहा है। लेकिन अब न्यूनतम दो वर्ष के लिए संबंधन दिया जाएगा। साथ ही संबंधन के लिए उन कॉलेजों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया, जिनका इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो ताकि उन्हें स्थाई संबंधन दिया जा सके।

कुलपति ने एक साल का ब्योरा दिया

पाटलिपुत्र विवि में प्रभारी कुलपति के तौर पर प्रो. एसपी सिंह पिछले एक साल से कार्यरत हैं। बैठक के अपने अभिभाषण में उन्होंने अपने एक साल के कार्यकाल का ब्यौरा दिया। इस दौरान प्रो. सिंह ने कहा कि एक साल की अवधि में 18 विषयों में पीजी की पढ़ाई, सेवांत लाभ की संचिकाओं का निष्पादन, परीक्षाओं का नियमतीकरण, प्रीपीएचडी परीक्षा के बाद शोधार्थियों का उन्मुखीकरण एवं कोर्स वर्क हेतु उनका वर्ग संचालन, लगभग 175 नए शिक्षकों की सेवा संपुष्टि, 50 शिक्षकेतर कर्मियों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति हुई है।

सभी कॉलेजों में गवर्निंग बॉडी बनेगी

बैठक में सभी कॉलेजों में गवर्निंग बॉडी के निर्माण और उसके क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। इस मामले में कुलसचिव डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि इसके लिए विवि प्रशासन तैयार है। दूसरी ओर प्रोफेसर इंचार्ज के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद कनीय शिक्षकों के इंचार्ज बनाए जाने पर कुलसचिव ने कहा कि ऐसा कोई निर्णय विवि प्रशासन द्वारा थोपा नहीं जाता है। गवर्निंग बॉडी ही उसका निर्णय लेती है। गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष-सचिव की नियुक्ति में भी विवि प्रशासन उन्हीं कॉलेजों में दखल देता है, जहां आपसी विवाद होता है।

कुलपति ने दिया फीस मामले में आश्वासन

राज्य सरकार द्वारा छात्राओं की पूरी फीस माफ रखी गई है लेकिन पाटलिपुत्र विवि के कुछ कॉलेजों में अभी भी छात्राओं से फीस ली जा रही है। इस संबंध में सीनेटर आलोक तिवारी ने कहा कि जेडी वीमेंस कॉलेज और अरविंद महिला कॉलेज विवि प्रशासन द्वारा रोक के बाद भी छात्राओं से पैसे ले रहे हैं।

साइकोलॉजी के छात्रों को छात्रवृत्ति

सीनेट सदस्य आलोक तिवारी ने बैठक में बताया कि मगध विवि के पूर्व प्रतिकुलपति एवं गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य मेजर बलवीर सिंह भसीन के नाम पर उनके पुत्र जितेंद्र सिंह भसीन के द्वारा पांच लाख की छात्रवृत्ति मनोविज्ञान के मेधावी छात्रों को देने की पेशकश की गई है। कुलसचिव डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि यह प्रस्ताव विवि के पास भी आया है।