22 दिसंबर को होगी शिक्षक भर्ती परीक्षा:पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर व गया सहित 14 जिलों के 210 केंद्रों पर होगा एग्जाम

पटना2 महीने पहलेलेखक:  पंकज कुमार सिंह
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40506 प्रधान शिक्षक भर्ती के लिए परीक्षा 22 दिसंबर को होगी। पहले यह परीक्षा 18 दिसंबर को निर्धारित थी, लेकिन इस दिन नगर निकाय चुनाव के कारण तिथि बढ़ाई जा रही है। 150 अंकों की 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। परीक्षा में 0.25 प्रतिशत निगेटिव मार्किंग होगी। यानी चार प्रश्न के गलत उत्तर देने पर एक अंक कटेंगे।

पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और गया सहित 14 जिलों के 210 केंद्रों पर परीक्षा होगी। इस परीक्षा के लिए 1.19 लाख शिक्षक अभ्यर्थी हैं। एक पद पर औसतन तीन शिक्षक अभ्यर्थी होंगे। अगले सत्र 2023-24 से प्रारंभिक स्कूलों में प्रधान शिक्षक मिल जाएंगे। 20 मई तक 1.07 लाख शिक्षकों ने आवेदन दिया था। दोबारा 9 से 23 सितंबर तक आवेदन लेने पर 12 हजार और शिक्षकों ने आवेदन किए।

420 नव चयनित प्रधानाध्यापक की पोस्टिंग

इसी माहइस माह के अंत तक हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक पद के लिए चयनित की पोस्टिंग हो जाएगी। बीपीएससी ने 6421 प्रधानाध्यापक पद के लिए परीक्षा ली थी। इसमें 420 अभ्यर्थी ही सफल हो सके थे। सफल अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग 28 नवंबर से 2 दिसंबर तक हुई थी। इसमें 395 ने काउंसिलिंग करा लिया है। शेष बचे अभ्यर्थियों के लिए काउंसिलिंग की अंतिम तिथि 9 दिसंबर को निर्धारित की गई है। काउंसिलिंग के बाद सफल अभ्यर्थियों को स्कूल आवंटित कर दिया जाएगा फिर उनकी पोस्टिंग भी कर दी जाएगी।

2 घंटे की परीक्षा होगी , हर प्रश्न एक-एक अंक का होगा

डीएलएड विषय से 75 अंक होंगे, जबकि सामान्य अध्ययन में 8 वीं स्तर के प्रारंभिक गणित 20 अंक, सामान्य विज्ञान 15 अंक, राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं 10 अंक, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और इसमें बिहार का योगदान 1857 से 10 अंक, भूगोल 10 वीं कक्षा के स्तर के 10 अंक और सामाजिक अध्ययन 10 वीं कक्षा स्तर के 10 अंक। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक निगेटिव मार्किंग होगा। परीक्षा अवधि 2 घंटे की होगी। साक्षात्कार नहीं होगा। लिखित परीक्षा में सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 40 प्रतिशत न्यूनतम अर्हतांक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

चार प्रश्न के गलत उत्तर पर कटेगा एक अंक

6421 प्रधानाध्यापक भर्ती प्रतियोगिता परीक्षा में मात्र 420 शिक्षक के सफल होने के बाद प्रधान शिक्षक परीक्षा के सिलेबस सरल किए गए हैं। सिलेबस पर पहले ही शिक्षा विभाग और बीपीएससी के अधिकारियों के बीच बैठक में सहमति बन चुकी थी।

प्रधान शिक्षकों की जिला वार रिक्ति

  • पटना में 1980
  • पूर्वी चंपारण में 1914
  • मधुबनी में 1883
  • मुजफ्फरपुर में 1629
  • पश्चिम पंचारण में 1639
  • समस्तीपुर में 1539
  • अररिया में 1327
  • औरंगाबाद में 1093
  • बांका में 1220
  • बेगूसराय में 738
  • भागलपुर में 902
  • भोजपुर में 1139
  • बक्सर में 651
  • दरभंगा में 1424
  • गया में 1697
  • गोपालगंज में 1050
  • जमुई में 828
  • कटिहार में 1115
  • किशनगंज में 812
  • मधेपुरा में 810
  • नालंदा में 1352
  • नवादा में 963
  • पूर्णिया में 1354
  • रोहतास में 1271
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