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डॉक्टर ने खुद लगवाई कोरोना की पांच डोज:पटना की सिविल सर्जन ने धोखा देने के लिए लगाए अलग-अलग दस्तावेज, ये रहा सबूत

पटना6 महीने पहलेलेखक: मनीष मिश्रा
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बिहार में वैक्सीनेशन में एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस बार यह कारनामा आम आदमी ने नहीं, वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी निभाने वाली पटना की सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी सिंह ने किया। डॉ. सिंह अलग-अलग डॉक्युमेंट का इस्तेमाल कर अब तक कोवीशील्ड की 5 डोज ले चुकी हैं। वैक्सीन की 5 डोज के लिए उन्होंने दो अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराए हैं। एक में आधार कार्ड और दूसरे में पैन कार्ड का इस्तेमाल किया है।

पटना के प्रतिरक्षण कार्यालय से भास्कर के हाथ वैक्सीनेशन से जुड़े जो कागजात लगे हैं, उसके मुताबिक सिविल सर्जन ने महज 350 दिन में ही 5 डोज ली है। पहले रजिस्ट्रेशन पर दो डोज और दूसरे पर दोनों डोज के साथ ही प्रिकॉशन डोज भी ली है।

डॉ विभा कुमारी सिंह की फाइल फोटो।
डॉ विभा कुमारी सिंह की फाइल फोटो।

जानिए कैसे किया गया फर्जीवाड़ा
28 जनवरी 2021 को पटना की सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी सिंह को कोवीशील्ड की पहली डोज दी गई है। इसके लिए सिविल सर्जन ने अपना पैनकार्ड (AKFPS8XXXX) का इस्तेमाल किया है। सिविल सर्जन ने इसी रजिस्ट्रेशन पर 17 जून 2021 को दूसरी डोज भी ली। वह 17 जून 2021 को दोनों डोज लेने के बाद फुली वैक्सीनेटेड हो गईं।

दोनों डोज पूरा करने के बाद उन्हें फुली वैक्सीनेटेड का प्रमाण पत्र भी बेनिफिशियरी रिफरेंस आईडी (5097711525964) से जारी कर दिया गया। प्रमाण पत्र (ID 87555958611) में वैक्सीनेशन का स्थान गर्दनीबाग हॉस्पिटल और वैक्सीनेटर का नाम सुषमा कुमारी दर्ज है।

पैनकार्ड के इस्तेमाल से मिला फुली वैक्सीनेटेड का प्रमाण पत्र।
पैनकार्ड के इस्तेमाल से मिला फुली वैक्सीनेटेड का प्रमाण पत्र।
डॉ विभा कुमारी सिंह का पैनकार्ड।
डॉ विभा कुमारी सिंह का पैनकार्ड।

दूसरे रजिस्ट्रेशन पर प्रिकॉशन डोज तक कर लिया पूरा

सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी सिंह ने दूसरा रजिस्ट्रेशन अपने आधार कार्ड पर 6 फरवरी 2021 को कराया है। आधार नंबर (XXXXXXXX6126) और यूनीक हेल्थ ID (UHID) 33874708584437 से 6 फरवरी 2021 को पहली डोज कोवीशील्ड की ली और 12 मार्च 2021 को दूसरी डोज लगवा ली। इसके बाद 13 जनवरी 2022 को प्रिकॉशन डोज भी ली।

उन्हें 13 जनवरी 2022 को फुली वैक्सीनेटेड का प्रमाण पत्र (ID 52872516125) भी जारी कर दिया गया। फुली वैक्सीनेटेड के प्रमाण पत्र में पहली और दूसरी डोज के साथ प्रिकॉशन डोज का भी उल्लेख किया गया है। इस सर्टिफिकेट में बेनिफिशियरी रेफरेंस ID (597648365856) के साथ वैक्सीनेशन का स्थान गर्दनीबाग हॉस्पिटल और वैक्सीनेटर का नाम निशा कुमारी दर्ज है।

आधार कार्ड के इस्तेमाल से मिला फुली वैक्सीनेटेड का प्रमाण पत्र।
आधार कार्ड के इस्तेमाल से मिला फुली वैक्सीनेटेड का प्रमाण पत्र।
डॉ विभा कुमारी सिंह का आधार कार्ड।
डॉ विभा कुमारी सिंह का आधार कार्ड।

जानिए, क्या है भारत सरकार की गाइडलाइन

  • हर व्यक्ति को वैक्सीनेशन के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश है।
  • वैक्सीनेशन के लिए एक व्यक्ति एक ही बार रजिस्ट्रेशन करा सकता है।
  • दो अलग अलग ID से रजिस्ट्रेशन कराकर वैक्सीनेशन कराना भारत सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन है।
  • कोवैक्सिन के लिए पहले डोज के 28 दिन बाद दूसरी और दूसरे डोज से 9 माह बाद प्रिकॉशन डोज का नियम है।
  • कोवीशील्ड के लिए पहली डोज के 84 दिन बाद दूसरी और दूसरे डोज से 9 माह बाद प्रिकॉशन डोज का नियम है।

पारदर्शिता के लिए बनाया गया कोविन पोर्टल
वैक्सीनेशन में पारदर्शिता के लिए ही भारत सरकार ने कोविन पोर्टल बनाया है और हर व्यक्ति चाहे वह आम हो या खास, सभी के लिए एक नियम बनाया है। बिना समय पूरा हुए किसी भी व्यक्ति को टीका नहीं लग सकता है। इतना ही नहीं, बिना रजिस्ट्रेशन के भी किसी को वैक्सीन नहीं दी जा सकती है। भारत सरकार ने वैक्सीनेशन के पूर्व रजिस्ट्रेशन का नियम भी इसीलिए बनाया है, जिससे कोई गड़बड़ी नहीं होने पाए।

12 डोज लेने वाले की तलाश में पुलिस, अब CS पर क्या कार्रवाई
मधेपुरा के ब्रह्मदेव मंडल के 12 बार वैक्सीन की डोज लेने के बाद भारत सरकार के कोविन पोर्टल पर सवाल खड़ा हो गया। स्वास्थ्य विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया और फिर पुलिस ब्रह्मदेव मंडल की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में जुट गई। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को इस पर सफाई देनी पड़ी और जांच कराकर रिपोर्ट केंद्र को भेजी गई।

वैक्सीन की 12 डोज लेने के बाद चर्चा में आए मधेपुरा के ब्रह्मदेव मंडल।
वैक्सीन की 12 डोज लेने के बाद चर्चा में आए मधेपुरा के ब्रह्मदेव मंडल।

अपर मुख्य सचिव ने साफ कहा था, 'जांच में पाया गया कि अलग-अलग आईडी से रजिस्ट्रेशन कर ब्रह्मदेव मंडल ने वैक्सीनेशन कराया है।' इसे अपराध की श्रेणी में रखते हुए अपर मुख्य सचिव ने कार्रवाई की बात कही थी। अब ब्रह्मदेव मंडल की तरह ही पटना की सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी सिंह ने दो-दो रजिस्ट्रेशन से वैक्सीन (कोवीशील्ड) की 5 डोज लेकर कोविन पोर्टल पर सवाल खड़ा कर दिया है।

सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी अधिकारी ने दो आईडी से क्यों रजिस्ट्रेशन कराया और क्यों उन्हें भारत सरकार की गाइडलाइन तोड़कर 5 बार वैक्सीनेशन कराना पड़ा।

मामले में क्या कहते हैं अफसर
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह कहते हैं, 'अगर ब्रह्मदेव मंडल की तरह कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी भारत सरकार की गाइडलाइन तोड़कर एक से अधिक रजिस्ट्रेशन कराकर वैक्सीनेशन कराता है, तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के साथ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।'

प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एसपी विनायक ने कहा, 'वैक्सीनेशन का प्रोटोकॉल भारत सरकार ने तैयार किया है। हम भारत सरकार की गाइडलाइन पर ही रजिस्ट्रेशन और वैक्सीनेशन कराते हैं। गाइडलाइन के मुताबिक ही रजिस्ट्रेशन और वैक्सीनेशन कराया जाता है। अब तक पटना में ऐसा मामला संज्ञान में नहीं आया है। अगर आता है तो उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराया जाएगा।'

CS के बयान पर सवाल
5 डोज वैक्सीनेशन को लेकर सिविल सर्जन डॉ. विभा कुमारी सिंह का कहना है कि उन्होंने अतिरिक्त डोज नहीं लिया है। वह मामले जांच की बात कह रही हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपने आधार नंबर से कोविशील्ड की दो निर्धारित डोज़ और एक प्रिकॉशन डोज ली हैं। सिविल सर्जन का कहना है कि आधार नंबर के अलावा किसी भी अन्य ID का प्रयोग उनके स्तर से नहीं किया गया है। उनका कहना है कि उनकी अन्य ID का दुरुपयोग जिस स्तर से भी हुआ है उसकी पहचान कर कड़ी कार्यवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि सिविल सर्जन के नाम पर दूसरा रजिस्ट्रेशन कैसे किया गया? अब यह खुलासा जांच में होगा कि गड़बड़ी कहां से हुई है।