'ट्रेन में लड़कों से ज्यादा अधेड़ करते हैं छेड़खानी':छात्राएं बोली- महिला कोच में सोए रहते हैं पुरुष; यहां-वहां छूते हैं

पटना6 महीने पहले

18 मई को समस्तीपुर में एक लड़की कुछ लड़कों की छेड़खानी से परेशान होकर चलती ट्रेन से कूद गई। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद ट्रेन में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।इसे लेकर दैनिक भास्कर ने पटना से दानापुर जाने वाली (ट्रेन नंबर-03231) मेमू की महिला बोगी में सफर कर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है। इसमें बड़ी बातें निकलकर सामने आई हैं। लड़कियों ने आरोप लगाया कि ट्रेन में लड़कों से ज्यादा अधेड़ उम्र के लोग परेशान करते हैं। गलत तरीके से छूते हैं। ट्रेन में महिलाओं की बोगियों में भी पुरुष आसानी से चढ़ जाते हैं। कुछ तो सीटों पर सो जाते हैं।

पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं...

पटना में पुरुषों को उतारा, ट्रेन चलते ही फिर सब चढ़ गए

मेमू ट्रेन जब पटना जंक्शन पहुंची तो महिला बोगी में भास्कर संवाददाता भी चढ़े। इस दौरान देखने को मिला कि कई पुरुष और महिलाएं बोगी के अंदर थे। फिर मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान रेलवे प्रशासन के द्वारा सभी पुरुषों को बोगी से उतारा जाने लगा। यह सब कुछ कैमरे में कैद हुआ।

महिला बोगी में चढ़े पुरुषों को उतारते अधिकारी।
महिला बोगी में चढ़े पुरुषों को उतारते अधिकारी।

RPF के इंस्पेक्टर शशि राजपूत ने बताया कि मजिस्ट्रेट चेकिंग हो रही है। महिला बोगी में चढ़े पुरुषों को उतारकर फाइन काटा जा रहा है। फिर ट्रेन चल पड़ी और अचानक से देखते-देखते बोगी में और भी पुरुष चढ़ गए। जंक्शन से खुलने के बाद ट्रेन सचिवालय हाल्ट, फुलवारी शरीफ रुकते हुए दानापुर पहुंची। इस दौरान महिला बोगी में महिलाओं के बराबर पुरुषों की संख्या थी। कुछ लोग तो सीटों पर पांव फैलाकर सोए हुए थे।

लड़कियां बोली- महिला बोगी में भी मनमानी कर चढ़ते हैं लड़के, हमें डर लगता है

भास्कर ने बोगी के अंदर मौजूद कुछ लड़कियों से बातचीत कर उनकी राय जानने की कोशिश की। पटना सिटी की रहने वाली काजल ने बड़ा खुलासा किया। काजल कहती है कि ट्रेन में सफर करने के दौरान लड़कों से ज्यादा अधेड़ उम्र के लोग परेशान करते हैं। ट्रेन में चढ़ने और उतरने के दौरान गलत तरीके से बॉडी को छूते हैं।

ट्रेन से सफर कर रही ग्रीशा और काजल।
ट्रेन से सफर कर रही ग्रीशा और काजल।

काजल ने बताया कि वो हर दिन पटना सिटी से दानापुर के कांति देवी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में पढ़ने जाती है। इस दौरान वो मेमू ट्रेन से ही सफर करती है। सफर के दौरान वो हमेशा महिला बोगी में ही बैठती है। काजल कहती है कि मैं महिला बोगी में इसीलिए बैठती हूं कि यहां सेफ रहूं। लेकिन कभी-कभी तो ऐसा होता है कि सारे सीटों पर पुरुष ही बैठे रहते हैं और मुझे खड़े-खड़े ही सफर करना पड़ता है।

महिला बोगी में मौजूद पटना सिटी की ही रहने वाली ग्रीशा सिंह ने बताया कि वो बायोटेक की स्टूडेंट हैं। इंटर्नशिप के लिए डेली पटना सिटी से फुलवारीशरीफ मेमू ट्रेन से महिला बोगी में बैठकर जाती हैं। उन्होंने कहा कि मैं महिला बोगी में इसीलिए बैठती हूं, ताकि सुरक्षित रहूं। इसमें कोई पुरुष नहीं रहे। लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं होता है। यहां महिला से ज्यादा पुरुष ही रहते हैं। प्रशासन कभी इनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं करती है। इस दौरान बोगी में एक सुरक्षाकर्मी को रहना चाहिए था। मुझे तो अब इस बोगी में भी डर लगता है। लेकिन हम लोगों की सुनने वाला कौन है।