अपने ही विधायक को भाजपा ने थमाया नोटिस:ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू को 14 दिनों में देना है जवाब, बिहार भाजपा को क्यों कहा नेतृत्वविहीन

पटना10 महीने पहले
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ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू की फाइल फोटो।

भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में अपने ही विधायक को नोटिस थमा दिया है। साथ ही उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा है। गुरुवार को यह नोटिस भाजपा ने बाढ़ से अपने विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू को भेजा है। विधायक पर आरोप है कि 5 दिसंबर को उन्होंने एक बयान दिया था। आरोप है कि उस बयान में विधायक ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ सख्त टिप्पणी की थी। पार्टी के अनुशासन समिति के अध्यक्ष विनय सिंह ने इस मामले में विधायक को नोटिस भेजा है।

विनय सिंह ने कहा है कि ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू का बयान भाजपा के मर्यादा और अनुशासन के खिलाफ है। इसलिए विधायक से 14 दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है कि उन्होंने पार्टी के खिलाफ क्यों बयान दिया? साथ ही यह भी पूछा है कि आपके खिलाफ क्यों न अनुशानात्मक कार्रवाई की जाए?

दरअसल, ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू के उपर पार्टी विरोधी काम करने का आरोप पहले भी लगता रहा है। मगर, इस बार उनका अपनी ही पार्टी के खिलाफ बयान देना भारी पड़ता दिख रहा है। अपने बयान के जरिए विधायक ने बिहार में भाजपा को नेतृत्वविहीन बता दिया था। उन्होंने सीधे तौर पर प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और पार्टी विधानमंडल दल के नेता व उप मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद के उपर ही सवाल खड़ा कर दिया था, जो पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को रास नहीं आया। इसलिए 4 दिनों के अंदर बयान देने वाले विधायक के उपर प्रदेश भाजपा की तरफ से आज नोटिस जारी कर शिकंजा कसने की कोशिश की गई।

भाजपा से पहले ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू जदयू में थे। कहा यह भी जा रहा है कि भाजपा में रहते हुए विधायक की नजदीकियां एक बार फिर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बढ़ने लगी है।