UP की लड़ाई में उतरे बिहार के सिपाही:पूर्वांचल में बिहार के नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी, काशी और गोरखपुर पर विशेष ध्यान

पटना8 महीने पहले
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भाजपा के लिए पूर्वांचल बड़ी चुनौती है। ऐसे में पूर्वांचल में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बिहार भाजपा के नेताओं को लगाया जा रहा है। फिलहाल 100 से ज्यादा नेता उत्तर प्रदेश में डटे हैं। जानकारी यह मिल रही है कि 60 नेता जनवरी के पहले सप्ताह में वहां पहुंच जाएंगे।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीत सुनिश्चित करने के लिए बिहार भाजपा के नेता UP की ओर कूच कर गए हैं। पार्टी की तरफ से बिहार से पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व जिला प्रभारियों को जमीनी स्तर पर यहां काम करने के लिए भेजा जा रहा है। साथ ही विधायक से लेकर सांसद, पूर्व विधायक और पूर्व सांसदों को भी जिम्मेदारी दी गई है। यूपी के 16 जिलों के 98 विधानसभा की जिम्मेदारी बिहार के कार्यकर्ताओं और नेताओं को दी गई है।

कई बड़े नेता को प्रचार की कमान सौंपी गई

हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक विधायक और बड़े नेता को प्रचार की कमान सौंपी गई है। हर जिले में एक-एक सांसद लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी और मुख्यमंत्री योगी के क्षेत्र गोरखपुर में भी बिहार के नेताओं को दी गई है।

राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर, विधायक हरिभूषण ठाकुर बचोल, विधायक सुशील चौधरी, मिथिलेश तिवारी और प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल समेत बिहार भाजपा के एक हजार से ज्यादा नेता और कार्यकर्ता पूर्वांचल के अलग-अलग क्षेत्रों में तैनाती की गई है।

पूर्वांचल पर जोर क्योंकि यही से जीत होगी पक्की

बिहार के नेता यूपी के जिस पूर्वांचल इलाके में लगाए गए हैं। भाजपा को चुनाव में सबसे अधिक उम्मीद उसी इलाके से हैं। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी लगातार पूर्वांचल के दौरे पर आ रहे हैं। पूर्वांचल में 28 जिले शामिल हैं, जिसमें कुल विधानसभा सीटों की संख्या 164 है। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 115, SP ने 17, BSP ने 14, कांग्रेस ने 2 और अन्य ने 16 सीटें जीतीं। ऐसे में भाजपा अपने मजबूत गढ़ पर पैर जमाये रखने के लिए यहां बिहार के नेताओं को लगा रही है।

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