पटना में 77% की रफ्तार से बढ़े एक्टिव केस:पहली लहर के 69 दिन में मिले थे 3000 मामले, अब एक दिन में 3665; राजधानी में हर तीसरा सैंपल पॉजिटिव

पटना5 महीने पहले
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पटना में कोरोना हर दिन रिकॉर्ड तोड़ रहा है। पहली लहर में जहां पटना में 69 दिन में 3 हजार मामले आए थे। वहीं, अब एक दिन में 3665 नए मामले आ रहे हैं। कोरोना जांच रिपोर्ट की पड़ताल करें तो पटना में हर तीसरा आदमी कोरोना संक्रमित है। यानी जांच में हर तीसरा सैंपल पॉजिटिव निकल रहा है। मई के 6 दिनों में 77% की रफ्तार से एक्टिव केस बढ़े हैं, जो अब 21704 पहुंच गए हैं।

6 दिनों में संक्रमण ने बढ़ाया दायरा

मई माह के 6 दिनों में हुई जांच को आधार मानें तो जिले में हर तीसरा व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया जा रहा है। राज्य में जितने एक्टिव केस हैं, उसका करीब 20 प्रतिशत सिर्फ पटना में ही है। राज्य में सर्वाधिक 891 मौतों में 156 की मौतें 1-6 मई के बीच हुई हैं। यह सरकारी आंकड़ा है। श्मशान घाटों में कोविड प्रोटोकॉल के तहत हो रही अंत्येष्टि कहीं अधिक है।

गया में बढ़ रही मुश्किल

बिहार में पिछले 24 घंटे में 15126 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें पटना में रिकॉर्ड 3665 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। दूसरे नंबर पर गया है जहां 752 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। गया में कोरोना की मुश्किल बढ़ती ही जा रही है।

राजधानी के अस्पताल चल रहे ओवरलोड

पटना में 21,704 एक्टिव मरीज हैं, इनमें करीब 20% को अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आती है। इस हिसाब से डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों (प्राइवेट हॉस्पिटल सहित) में 4340 बेड की आवश्यकता है जो अभी 3702 है। इनमें जिले के ही नहीं राज्य भर के क्रिटिकल मरीज भी भर्ती हैं। डिमांड-सप्लाई में इसी गैप के चलते अस्पतालों पर भारी दबाव है।

जांच का आंकड़ा 8 दिन बाद 1 लाख पार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जांच का आंकड़ा एक लाख पार करने का लक्ष्य दिया है लेकिन पिछले 8 दिनों से विभाग लक्ष्य पार नहीं कर पा रहा था। 29 अप्रैल के बाद पहली बार 6 मई को जांच का आंकड़ा एक लाख के पार गया है। गुरुवार को 105024 सैंपल की जांच की गई है। इनमें 31292 RT-PCR , 70826 एंटीजन तथा 2906 ट्रूनेट जांच शामिल है। राज्य में संक्रमण दर 14.40 प्रतिशत रही।

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