अब बिहार में बेड बढ़ाने की नौबत:कोरोना को लेकर NMCH में बढ़ाए गए 44 बेड, कल से 150 पॉजिटिव मरीजों के लिए सुरक्षित

पटना7 महीने पहले
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नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पटना। - Dainik Bhaskar
नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पटना।

कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने कई तरह के संकट पैदा कर रखे हैं। इस वक्त सबसे बड़ा संकट सरकारी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता का है। पॉजिटिव मरीजों की संख्या जिस तेजी के साथ हर दिन बढ़ती जा रही है, उस हिसाब से सरकारी अस्पतालों में बेड की कमी हो गई है। बिहार सरकार की तरफ से लगातर इस दिशा में कवायद की जा रही है कि किसी न किसी तरीके से बेडों की संख्या को बढ़ाया जाए। इसी कड़ी में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय मंगलवार को बिहार के दूसरे बड़े अस्पताल NMCH पहुंचे थे। कोरोना को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और अस्पताल के सुपरिटेंडेंट के साथ मीटिंग की। इसके बाद उन्होंने बेड बढ़ाने की बात कही।

कल से NMCH में बेड बढ़ा दिया जाएगा। इसके लिए सारे इंतजाम आज ही कर लिए जाएंगे। बुधवार से कुल 44 बेडों की संख्या कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए NMCH में बढ़ जाएगी। इसमें नशा मुक्ति केंद्र के 34 और बाकी के बेड की व्यवस्था जनरल मेडिसीन डिपार्टमेंट में की गई है। इस वजह से इस अस्पताल में कोरोना के मरीजों के लिए कुल बेडों की संख्या 150 हो जाएगी।

मदर चाइल्ड केयर बिल्डिंग में ही कोरोना मरीजों का इलाज
पिछले साल कोरोना वायरस के मामलों को बढ़ता देख राज्य सरकार ने NMCH को पूरी तरह से कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बना दिया था। उस दौरान दूसरी बीमारियों से ग्रसित मरीजों का न तो इलाज हो रहा था और न ही उन्हें एडमिट किया जा रहा था। लेकिन, दूसरी लहर में अब तक ऐसा नहीं हो सका है। फिलहाल NMCH के मदर चाइल्ड केयर बिल्डिंग में ही कोरोना के पॉजिटिव मरीजों को एडमिट कर इलाज किया जा रहा है। जब बेडों कमी की बात सामने आई तो सरकार के आदेश पर फिलहाल 44 बेड बढ़ा दिए गए। लेकिन, इसे पिछले साल की तरह डेडिकेट अस्पताल अब तक नहीं बनाया गया।

टीकाकरण का काम अब फर्स्ट फ्लोर पर

NMCH में वैक्सीनेशन का काम नशा मुक्ति केंद्र के ग्राउंड फ्लोर पर चल रहा है, जिसे अब उस बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। जबकि, ग्राउंड फ्लोर पर बढ़ाए गए बेड लगाए जाएंगे, यहां कोरोना के मरीजों को रखा जाएगा और उनका इलाज किया जाएगा।