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जनसंख्या नीति पर नो कमेंट:बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने समझाया जनसंख्या का गणित, लेकिन UP वाले कानून के सवाल पर साध गए चुप्पी

पटना23 दिन पहले
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विश्व जनसंख्या दिवस पर कार्यशाला में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय। - Dainik Bhaskar
विश्व जनसंख्या दिवस पर कार्यशाला में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय।

उत्तर प्रदेश की जनसंख्या नीति पर देशभर में प्रतिक्रिया आ रहा रही है। बिहार में भी पिछले दो दिनों से नेताओं के बयान सामने आए, लेकिन बुधवार को इस सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय चुप्पी साध गए। होटल चाणक्या में विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित कार्यशाला में वह जनसंख्या का गणित समझाने के दौरान राज्य का गणित समझा रहे थे। बढ़ती जनसंख्या के साइड इफेक्ट भी बता रहे थे, लेकिन कानून के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया।

जनसंख्या को लेकर चला मंथन

जनसंख्या नियंत्रण को लेकर होटल चाणक्या में घंटों मंथन हुआ। इस दौरान जिलों से भी लोगों को जोड़ा गया था। इसमें सिविल सर्जन के साथ ACMO व अन्य अधिकारियों को जूम के तहत जोड़ा गया था। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार में जनसंख्या का भार तेजी से बढ़ रहा है। इससे सेहत के साथ शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। लगभग 40 मिनट तक स्वास्थ्य मंत्री जनसंख्या पर बोलते रहे। इसके बाद जब सवालों की बारी आई तो मीडिया का पहला सवाल यूपी के जनसंख्या कानून को बिहार में लागू करने पर था। इस सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कानून पर कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की। बस वह इस मामले में को घुमाते हुए नजर आए।

कानून के सवाल पर जन अभियान की बात

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने यूपी के कानून के सवाल पर कहा कि सरकार की रणनीति होती है, जिस पर स्वास्थ्य विभाग काम करता है। जनसंख्या नियंत्रण संपूर्ण समाज के सहयोग से संभव है। इसमें जन जागरुकता, जन अभियान, सबका साथ और सबका सहयोग ही इस पर नियंत्रण लगा सकता है। कानून शब्द भी वह अपने मुंह से नहीं बोले। मंगल पांडेय भाजपा नेता हैं और बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं। मंत्री की यह चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। वह न तो कानून के समर्थन में आए और न ही कानून का विरोध किया। हां, यह बता दिया कि जनसंख्या नियंत्रण आम लोगों के सहयोग व सहभागिता से ही संभव है।

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