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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:बिहार उस दौर से निकल रहा है, जिसमें एक पीढ़ी काम शुरू होते देखती थी और दूसरी उसे पूरा होते हुए

पटना6 दिन पहले
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बांका के मधुसूदनपुर में बने इंडियन आॅयल के गैस बॉटलिंग प्लांट का दिल्ली से रिमोट से उद‌्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिहार सहित पूर्वी भारत में न तो सामर्थ्य की कमी है और न संसाधनों की कमी है। इसके बावजूद विकास के मामले में दशकों पीछे ही रहा। इसकी बहुत सारी वजहें राजनीतिक और आर्थिक के साथ-साथ प्राथमिकताओं की थीं।

इसीलिए यहां इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स हमेशा अंतहीन देरी का शिकार रहे। एक समय था जब रोड, रेल, एयर कनेक्टिविटी, इंटरनेट कनेक्टिविटी प्राथमिकताओं में थे ही नहीं। इतना ही नहीं, अगर रोड बनाने की बात करते तो ये पूछा जाता था, ये तो गाड़ी वालों के लिए बन रहा है, पैदल वालों के लिए क्या है। सोच में ही गड़बड़ थी। ऐसे में गैस बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रो-कनेक्टिविटी की तो बिहार में पुराने ज़माने में कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। मोदी ने कहा कि अब बिहार उस दौर से बाहर निकल रहा है जिसमें एक पीढ़ी काम शुरू होते देखती थी और दूसरी पीढ़ी उसे पूरा होते हुए।

नए बिहार की इसी पहचान, इसी कार्यसंस्कृति को और मजबूत करना है। निश्चित तौर पर इसमें नीतीश कुमार की भी बहुत बड़ी भूमिका है। प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना के तहत पूर्वी भारत को पूर्वी समुद्री तट के पारादीप और पश्चिमी समुद्री तट के कांडला से जोड़ने का काम हो रहा है। करीब 3 हज़ार किलोमीटर लंबी इस पाइपलाइन से सात राज्यों को जोड़ा जा रहा है जिसमें बिहार का भी प्रमुख स्थान है।

विशेष पैकेज में राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर पर था फोकस

कुछ वर्ष पहले जब बिहार के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई थी तो उसमें बहुत फोकस राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर पर था। मुझे खुशी है कि इसी से जुड़े एक महत्वपूर्ण गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट के दुर्गापुर-बांका सेक्शन का लोकार्पण का मुझे सौभाग्य मिला है।

डेढ़ साल इस रूट पर काम पूरा करना बहुत ही चुनौतीपूर्ण था। रास्ते में 10 बड़ी नदियां हों, कई किलोमीटर के घने जंगल और चट्टानी रास्ते हों, वहां काम करना इतना आसान भी नहीं होता। राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग, इंजीनियरों-श्रमिक साथियों के कठिन परिश्रम से ये प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो पाया है।

ये हैं तीन परियोजनाएं

  • 1. 193 किलोमीटर लंबी दुर्गापुर-बांका पाइपलाइन खंड-634 करोड़, यह पारादीप-मुजफ्फरपुर एलपीजी पाइपलाइन का हिस्सा है। 17 फरवरी 2019 को पीएम मोदी ने ही इसका शिलान्यास किया था। इसकी क्षमता 2.1 मिलियन मीट्रिक टन की है।
  • 2. इंडियन ऑयल के बांका एलपीजी बाटलिंग प्लांट-131.75 करोड़, बांका बाटलिंग प्लांट का निर्माण 132 करोड़ की लागत से किया गया है। इसकी क्षमता 40 हजार सिलेंडर रोज की है। इससे भागलपुर, बांका, जमुई, अररिया, किशनगंज और कटिहार के साथ-साथ झारखंड के गोड्‌डा, देवघर, दुमका, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों को सिलेंडर की आपूर्ति होगी।
  • 3. एचपीसीएल के हरसिद्धि में एलपीजी बाटलिंग प्लांट-136.40 करोड़, हरसिद्धि प्लांट से भी 40 हजार सिलेंडर रोजाना की आपूर्ति होगी। यह पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीवान, गोपालगंज और सीतामढ़ी और यूपी के कुशीनगर जिले में पांच लाख उपभोक्ताओं को सेवा देगा।
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