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PMCH से फिर भागे ब्लैक फंगस के 2 मरीज:अस्पताल में नहीं है ऑपरेशन का इंतजाम, कोरोना वार्ड से अब तक 10 मरीज हो चुके हैं फरार

पटना3 महीने पहले
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PMCH में ब्लैक फंगस का इंजेक्शन खत्म हो गया है और दवाएं भी मिलनी मुश्किल हो गई हैं। - Dainik Bhaskar
PMCH में ब्लैक फंगस का इंजेक्शन खत्म हो गया है और दवाएं भी मिलनी मुश्किल हो गई हैं।

पटना मेडिकल कॉलेज हाॅस्पिटल (PMCH) के ब्लैक फंगस वार्ड में भर्ती मरीज भाग रहे हैं। इलाज नहीं होने के कारण अब तक ऐसी 10 घटनाएं हो चुकी हैं। जिन मरीजों को ऑपरेशन की जरूरत है उन्हें भी दवा पर रखा जाता है, क्योंकि ऑपरेशन की व्यवस्था नहीं है। कई मरीज तो दवा नहीं मिलने के कारण भाग रहे हैं। गुरुवार को फिर दो मरीज वार्ड से भाग गए है, जिन्हें अस्पताल लापरवाह बता रहा है।

भर्ती होने के बाद भागना बड़ा सवाल

PMCH में भर्ती होने के बाद संक्रमित कैसे भाग जा रहे हैं, यह बड़ा सवाल है। वार्ड में स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी रहती है। इसके बाद भी मरीज का भाग जाना बड़ा सवाल है। एक मरीज के परिजन संतोष बताते हैं कि अस्पताल के वार्ड में भगवान के भरोसे छोड़ दिया जाता है। कोई पूछने वाला नहीं होता है। दो दिनों से दवाएं भी नहीं मिल पाती है ऐसे में मरीज क्या करेगा। हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जाती है और डॉक्टर ध्यान नहीं देते हैं।

इंजेक्शन खत्म दवाएं मिलना मुश्किल

ब्लैक फंगस का इंजेक्शन खत्म हो गया है और दवाएं भी मिलनी मुश्किल हो गई हैं। ऐसे में मरीजों को काफी समस्या हो जाती है। नालंदा के एक मरीज के परिजन राकेश बताते हैं कि दो दिनों तक उनके मरीज को कोई दवा ही नहीं दी गई। इस कारण से हालात और खराब हो गई। वह ऑपरेशन के लिए बोल रहे हैं लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि PMCH में मशीन नहीं है। ऐसे में समझ नहीं पा रहे हैं कि कहां ऑपरेशन कराएं। राकेश का कहना है कि वह अपने मरीज को बाहर ले जाने की तैयारी में हैं।

ऑपरेशन नहीं होने के कारण आ रही समस्या

PMCH में ऑपरेशन नहीं होने के कारण समस्या आ रही है। वार्ड में जितने भी मरीज हैं सभी की आंखों तक फंगस पहुंच गया है। आंखों की समस्या के कारण ऑपरेशन जरूरी है। डॉक्टर भी बताते हैं कि जब फंगस नाक और साइनस केक आगे आंख तक पहुंच जाता है तो खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मरीजों का ऑपरेशन करना जरूरी होता है। लेकिन पटना मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने से ही समस्या आ रही है। बेगूसराय के चंदन का कहना है कि उनकी मां PMCH में भर्ती हैं। उनका इलाज चल रहा है लेकिन कोई लाभ नहीं है। डॉक्टर न तो रेफर कर रहे हैं और न ही ऑपरेशन कर रहे हैं। ऐसे में उनके पास कोई रास्ता नहीं बच रहा क्या करें।

AIIMS और IGIMS में मरीजों की भीड़

पटना AIIMS और IGIMS में मरीजों की भीड़ हैं। दो अस्पतालों में बेड फुल हैं। यहां ऐसे मरीज अधिक हैं जिन्हें ऑपरेशन की आवश्यकता है। पटना AIIMS में तो रेफर मरीजों की संख्या अधिक है। इसमें PMCH और अन्य प्राइवेट अस्पतालाें से आए मरीज शामिल हैं। प्राइवेट अस्पतालों से आने वाले मरीजों में तो कई केस काफी बिगड़े हुए हैं जिनका ऑपरेशन तत्काल करना होता है। इसलिए ओटी भी बढ़ा दी गई है। अब 4 ओटी में हर दिन 20 ऑपरेशन किया जा रहा है। IGIMS में भी मरीजो की भीड़ देख ऑपरेशन की व्यवस्था तेज कर दी गई है।

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