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क्लोन चेक को कैश कराने वाला गिरफ्तार:बैंक में सिन्हा लाइब्रेरी का दिया 3 लाख का क्लोन चेक, कर्मियों की चालाकी से धरा गया जालसाज

पटना2 महीने पहले
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खाते में रकम ट्रांसफर कराने बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में आया था आरोपित। - Dainik Bhaskar
खाते में रकम ट्रांसफर कराने बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में आया था आरोपित।

पटना में क्लोन चेक से पैसा उड़ाने खेल चल रहा है। पुलिस इस नेटवर्क की जड़ तक नहीं पहुंच पाई है। पटना कॉलेज के साथ कई संस्थान जालसाजों का शिकार हुए हैं। एक जालसाज सिन्हा लाइब्रेरी का क्लोन चेक लेकर 3 लाख रुपए उड़ाने की कोशिश में गिरफ्तार हुआ है। पुलिस इस जालसाज के सहारे नेटवर्क काे खंगालने में जुटी है। पकड़ा गया युवक धनंजय कुमार काफी शातिर है, बैंक कर्मियों की चालाकी से वह गिरफ्त में आ गया है।

19 साल का है जालसाज धनंजय

सिन्हा लाइब्रेरी का चेक क्लोन कर लाइब्रेरी के खाते से 3 लाख उड़ाने आया शातिर धनंजय कुमार मात्र 19 साल का है। वह सीवान के महाराजगंज के कसदेऊरा बंदु का रहने वाला है। धनंजय बैंक ऑफ बड़ौदा, पटना मेन ब्रांच का चेक 000126 लेकर डाक बंगला चौराहा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा पहुंचा था। चेक पर पुस्तकालय एवं सूचना केंद्र, शिक्षा विभाग के निदेशक सुभाष साह का हस्ताक्षर था। जब उसने चेक दिया तो साइन देखते ही बैंककर्मी को शक हो गया।

ऐसे खुली क्लोन चेक की पोल

बैंक कर्मियों को हस्ताक्षर पर शक हुआ तो उन्होंने धनंजय को बैंक में रुकने काे कहा। उसके बाद बैंककर्मी ने फौरन इसकी सूचना सुभाष साह को दी और उनसे पूछा कि चेक नंबर 000126 तीन लाख का कोई धनंजय कुमार लेकर आया है। चेक निर्गत करने की तिथि 22 जुलाई 2021 लिखी है। सुभाष ने कहा कि इस नंबर का चेक किसी को नहीं दिया गया है। उसके बाद बैंककर्मी ने कोतवाली थाना को इसकी सूचना दी। कोतवाली पुलिस बैंक पहुंची और धनंजय को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ चेक क्लोन करने, जालसाजी करने समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

चेक उसे कौन दिया इसकी चल रही जांच

कोतवाली पुलिस का कहना है कि पूछताछ की जा रही है। पटना में वह नहीं रहता है। 19 साल का धनंजय बीए पास है। पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि धनंजय पटना में नहीं रहता है। वह गांव से चेक भुनाने के लिए ही पटना आया था। पूछताछ में उसने बताया कि उसे किसी ने चेक दिया था। पुलिस को शक है कि वह चेक क्लोन करने वाले गिरोह से जुड़ा है। ऐसी संभावना भी है कि इस बड़े रैकेट के पीछे सरगना कोई और हो। पुलिस इस बात की भी जांच करने में जुट गई है कि कहीं लाइब्रेरी का कोई स्टाफ तो नहीं मिला हुआ है जिसने इस गिरोह को चेक दे दिया और फिर शातिरों ने चेक क्लोन कर लिया।

पटना कॉलेज का बना था क्लोन चेक

इसके पूर्व पटना कॉलेज का चेक क्लोन कर 62.80 लाख रुपया उड़ाया गया था। मार्च माह में शातिर ने पटना कॉलेज का चेक क्लोन किया था और बड़ी रकम को उड़ाया था। इस रकम काे शातिरों ने गुजरात के बैंक में ट्रांसफर करा लिया था। कॉलेज प्रशासन को खाते में सेंध लगने की जानकारी जुलाई में हुई थी। उसके बाद कॉलेज प्रशासन ने पीरबहोर थाना में केस दर्ज करा दिया। हालांकि पूरी रकम कॉलेज के खाते में वापस आ गई। अब पुलिस धनंजय के सहारे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

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