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ब्लैक फंगस से पटना में 5 की मौत:संक्रमण का तेजी से बढ़ रहा मामला, पटना में 252 संक्रमितों का सरकारी अस्पतालों में चल रहा इलाज

पटना2 महीने पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर।
  • मरने वाले पांचों संक्रमित IGIMS में गंभीर हालत में भर्ती थे

कोरोना के संक्रमण की रफ्तार कम हो रही है लेकिन ब्लैक फंगस के मामले बढ़ रहे हैं। मौत का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। रविवार को 5 लोगों की मौत ब्लैक फंगस के संक्रमण से हुई है। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती इन पांचों मरीजों का इलाज चल रहा था लेकिन हालत बिगड़ी गई थी जिससे उन्हें बचाया नहीं जा सका। पटना के सरकारी अस्पतालों में कुल 252 संक्रमित भर्ती हैं जिनका इलाज चल रहा है। इसमे कई गंभीर हालत में बताए जा रहे हैं।

पटना एम्स में दो नए मरीज भर्ती

पटना एम्स में दो नए संक्रमितों को भर्ती कराया गया है। कुल लगभग 100 संक्रमित पटना एम्स में भर्ती हैं जिसमें आधा दर्जन से अधिक मरीजों की सर्जरी हो चुकी है। इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि गंभीर मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है और जिन्हें दवा से ठीक किया जा सकता है उन्हें दवा और इंजेक्शन की डोज दी जा रही है। हर दन संक्रमितसें की संख्या बढ़ गई है लेकिन दो दिनों से एम्स में ब्लैक फंगस से कोई मौत नहीं हुई है।

IGIMS में भर्ती ब्लैक फंगस के 5 संक्रमितों की मौत

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान IGIMS में भर्ती ब्लैक फंगस के 5 संक्रमितों की रविवार को 24 घंटे में मौत हो गई है। इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों की हालत गंभीर हो गई थी। संक्रमण तेजी से फैल रहा था और उपचार के लिए वह अस्पताल में देरी से आए। इस कारण से उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर मनीष मंडल का कहना है कि हॉस्पिटल में ब्लैक फंगस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के साथ ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों की संख्या 8 है। कोरोना को हराने के बाद ब्लैक फंगस की गिरफ्त में आए संक्रमितों की संख्या 91 है।

IGIMS में 14 ऑपरेशन वाले संक्रमित भर्ती

IGIMS में 14 ऐसे संक्रमित हैं जिनका ऑपरेशन किया गया है और कुल ब्लैक फंगस से संक्रमित भर्ती मरीजों की संख्या 113 है। डॉ मनीष मंडल ने बताया कि दो संक्रमित ऐसे हैं जो संदिग्ध हैं। उनके अंदर ब्लैक फंगस है लेकिन जांच में पुष्टि नहीं हो पाई है। जांच में पुष्टि होने के बाद उन्हें ब्लैक फंगस की डोज दी जाएगी, हालांकि दवाएं अभी शुरू हो गई हैं और जांच भी कराई जा रही है। डॉ मनीष मंडल का कहना है कि इलाज को लेकर पूरी टीम काम कर रही है। ब्लैक फंगस में समय से अस्पताल आकर जांच कराने वालों को कम समय में ठीक किया जा रहा है।

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