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कोरोना की तीसरी लहर की आहट:कोरोना की निगेटिव जांच रिपोर्ट के साथ फेफड़े में संक्रमण का आ रहा मामला; यूथ में अधिक मिल रहे लक्षण

पटनाएक वर्ष पहले
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  • 5 से 7 दिन में बुखार ठीक होने के बाद भी दम फूलने की समस्या से नहीं मिल रहा छुटकारा

कोरोना के तीसरी लहर की आहट हो गई है। दूसरी लहर की तरह संक्रमण के मामले तेजी से आ रहे हैं। कोरोना की जांच रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी फेफड़े में संक्रमण पाया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि 18 से 30 साल के बीच के मरीजों में ऐसे मामले आ रहे हैं। बुखार तो 5 से 7 दिन में उतर जा रहा है लेकिन दम फूलने की समस्या बनी रह रही है। संक्रमण की जद में ऐसे लोग अधिक हैं जो वैक्सीन की डोज नहीं ले पाए हैं। डॉक्टर ऐसे संक्रमण को कोरोना की तीसरी लहर की आहट बता रहे है।

ऐसे मिल रहे कोरोना के लक्षण

पटना AIIMS के छाती रोग विभाग के भूतपूर्व चिकित्सक डॉ अभिषेक रंजन का कहना है कि इस समय जो मरीज आ रहे हैं उसमें तेज सर दर्द, बदन दर्द, अत्यधिक थक्कन और कमजोड़ी की शिकायत आ रही है। इसके साथ ही कई मरीजों में पेट दर्द, उल्टी और दस्त भी हो रहा है। ऐसे मरीजों की कोरोना रिपोर्ट भी निगेटिव आ रही है लेकिन चेस्ट एक्स रे और CT स्कैन में गंभीर संक्रमण देखने को मिल रहा है। डी डाईमर से लेकर अन्य सारी जांच भी काफी डराने वाली है। एक्स रे और CRP के साथ डी डाइमर रिपोर्ट के आधार पर मरीजों का इलाज किया जा रहा है जिससे काफी राहत मिल रहा है।

कोरोना के लक्षण वालों में 20 से 40% मरीजों में संक्रमण

कोरोना काल में 500 से अधिक मरीजों की विटामिन डी के विशेष थेरेपी से जान बचाने वाले डॉ अभिषेक रंजन का कहना है कि मौजूदा समय में जितने भी कोरोना जैसे लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं उसमें 20 से 40 प्रतिशत तक मरीज ऐसे होते हैं जिनकी एंटीजन में कोरोना निगेटिव होता है लेकिन चेस्ट में संक्रमण गंभीर होता है। खून की जांच में डी आईमर काफी हाई मिल रहा है। ऐसी स्थिति में आने वाले मरीजों में सांस फूलने की भी अधिक समस्या देखने को मिल रही है। खून गाढ़ा होने के कारण उन्हें अटैक का भी खतरा है। डॉक्टर अभिषेक का कहना है कि इस बार 18 से 30 और 60 साल से उपर के मरीजों में ऐसे लक्षण अधिक दिख रहे हैं।

वैक्सीन लेने वालों में कम गिर रहा ऑक्सीजन लेबल

डॉ अभिषेक रंजन का कहना है कि एक सप्ताह में 15 से 20 संक्रमित ऐसे आ रहे हैं जिनकी एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी कोरोना का पूरा लक्षण है। दूसरी लहर की तरह ही मरीजों में संक्रमण की पुष्टि एक्स रे और अन्य जांच से हो रही है। डॉ अभिषेक का कहना है कि इस बार गनीमत यही है कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने वालों में आक्सीजन के लेबल गिरने की शिकायत कम मिल रही है। मरीजों के साथ डॉक्टरों को इलाज का पूरा मौका मिल रहा है कोरोना की दूसरी लहर में ऐसे मामले आते थे जिसमें मरीजों का ऑक्सीजन लेबल तेजी से गिर रहा था और डॉक्टर को भी इलाज का मौका नहीं मिल पाता था।

वैक्सीन नहीं लेने वालों में अधिक खतरा

डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे लोगों में संक्रमण ज्यादा गंभीर दिख रहा है जो वैक्सीन की या तो एक भी डोज नहीं लिए है या फिर दोनों डोज नहीं ले पाए हैं। वैक्सीन नहीं लेने वाले और वैक्सीन लेने वालों में भी संक्रमण के बाद बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। जिन्होंने वैक्सीन नहीं लिया हैं उन में खांसी और सांस फूलने की समस्या अधिक हो रही है और जिन्होंने वैक्सीन लिए हैं उनके लक्षण होने के बाद भीर हालत गंभीर नहीं हो रही है। ऑक्सीजन लेबल भी नहीं गिर रहा है।

26 दिनेश गौतम की चौंकाने वाली रिपोर्ट

26 साल के दिनेश गौतम की एसक्स रे और अन्य जांच रिपोर्ट चौंकाने वाली है। उन्हें बुखार के साथ कोरोना के सभी लक्षण थे। कोरोना की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन चेस्ट एक्स रे और सीटी में मामला गंभीर दिखा। इलाज करने वाले उॉक्टर अभिषेक रंजन का कहना है कि वैक्सीन नहीं लेने के कारण दिनेश में संक्रमण का प्रभाव अधिक दिखा। इसी तरह 2 अगस्त को एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला आया। दिव्यांग युवक में कोरोना के पूरे लक्षण दिखे जांच रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन खून गाढ़ा हो रहा था और चेस्ट में इंफेक्शन 75 प्रतिशत हो गया था। विटामिन डी की हाई डोज और अन्य इलाज से अब हालत में सुधार है। ऐसे ही एक युवक में डी डाईमर 4.8 पाया गया और चेस्ट में भी संक्रमण काफी अधिक था। मरीज में 6 दिनों से कमजोरी बुखार और सिर दर्द के साथ दस्त की समस्या थी। 26 साल के मूक बधिर में आए इस मामलके से डॉक्टर भी हैरान रह गए। वह वैक्सीन की डोज नहीं लिया था इस कारण से स्थिति गंभीर हो गई थी। डॉक्टर अभिषेक का कहना है कि मरीजों में वायरल लोड अधिक दिख रहा है जिससे वह भी जांच में पकड़ में नहीं आने वाले वायरस को फैला सकते हैं।

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