पटना विवि में एकेडमिक कैलेंडर का संकट टला:कर्मचारियों ने स्थगित किया विरोध; पिछले 2 सत्र से नामांकन, कक्षाओं और परीक्षाओं के संचालन में देरी

पटनाएक महीने पहले
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पटना विश्वविद्यालय में कोरोना के कारण पिछले दो सत्र नियमित नहीं रहे हैं। नामांकन से लेकर कक्षाओं और परीक्षाओं के संचालन के साथ रिजल्ट के प्रकाशन तक में देरी हो रही है। पटना विवि और इसके कॉलेज कर्मचारियों ने विवि प्रशासन को अपनी मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दे दिया था। कर्मचारी संघ ने स्पष्ट कर दिया था कि उनकी मांगें 14 दिसंबर तक पूरी नहीं हुई तो वे विरोध शुरू करेंगे। ऐसे में पटना विवि प्रशासन की मुश्किल बढ़नी तय थी क्योंकि कॉलेजों में नामांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं हई है।

कैजुअल वैकेंसी के तहत नामांकन होना शेष है जबकि स्नातकोत्तर स्तर पर तो नामांकन प्रक्रिया अभी अधर में ही लटकी है। ऐसे में कर्मचारियों का कड़ा रुख पटना विश्वविद्यालय की एकेडमिक व्यवस्था को बेपटरी कर सकता है। लेकिन मंगलवार को संघ के प्रतिनिधियों के साथ कुलसचिव व उप कुलसचिव की वार्ता से फिलहाल संकट टल गया है।

कर्मचारियों की योजना थी कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 15 से 18 दिसंबर तक पटना विवि कर्मचारी संघ और पटना विवि कॉलेज कर्मचारी संघ के सभी सदस्य काला बिल्ला लगाकर विरोध जताएंगे। फिर भी मांगें पूरी नहीं हईं तो दोनों संघ आगे की रणनीति तय करेंगे। अभी मांग पर विचार के आश्वासन से आंदोलन टल गया है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें...

  • मृत शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा पर नियुक्ति
  • एक अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2019 तक के सातवें वेतनमान के बकाए वेतन अंतर राशि का भुगतान
  • सभी कर्मचारियों के वेतन निर्धारण, प्रोन्नति
  • शिक्षकेतर पदाधिकारियों के पदों पर शिक्षकेतर कर्मियों प्रोन्नति व प्रशाखा पदाधिकारी, सहायक, चतुर्थ वर्ग से तृतीय वर्ग में प्रोन्नति द्वारा नियुक्त करने
  • सीनेट में कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व को एक से बढ़ाकर पांच करने और सिंडिकेट व विभिन्न समितियों में एक कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल करने
  • दो वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मियों की सेवा संपुष्टि करने
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