अधिवक्ताओं द्वारा निर्वाण दिवस का किया गया आयोजन:कॉलेजियम व्यवस्था से लगभग दो सौ परिवारों में सिमट कर रह गई है जजों की नियुक्ति : वाई सी वर्मा

पटना8 महीने पहले
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पटना हाईकोर्ट। - Dainik Bhaskar
पटना हाईकोर्ट।

पटना हाई कोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन के मेन हॉल में सोमवार को चार बजे डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर के पुण्य तिथि पर अधिवक्ताओं द्वारा निर्वाण दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रस्ताव पारित करके अधिवक्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट जैसे उच्च न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति हेतु अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए।

उनका कहना था कि वर्तमान कॉलेजियम व्यवस्था से " बेस्ट ब्रेन " का चुनाव नहीं हो पाता है। इतना ही नहीं समाज के सभी वर्गों को सम्मानजनक और उचित प्रतिनिधित्व भी नहीं मिल पाता है। किसी - किसी हाई कोर्ट में तो अभी तक देश की आजादी के 75 वर्षों बाद भी अनुसूचित जनजाति वर्ग से एक भी जज की नियुक्ति नहीं की जा सकी है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि देश के राष्ट्रपति ने भी यह कहते हुए अपनी चिंता जताई है कि जज ही जज की नियुक्ति करते हैं। श्री वर्मा ने आगे कहा कि वर्तमान कॉलेजियम व्यवस्था से की जाने वाली उच्च न्यायपालिका में नियुक्ति की वजह से नियुक्तियां तकरीबन 200 परिवारों तक ही सिमट कर रह गई है, जो कि एक भारत जैसे प्रजातांत्रिक देश के लिए कही से भी उचित नहीं प्रतीत होता है। वर्तमान व्यवस्था सामाजिक दृष्टिकोण से भी सही नहीं माना जा सकता है। कार्यक्रम में राज्य भर से बडी तादाद में अधिवक्ताओं ने शिरकत किया। इतना ही नहीं, वर्तमान व्यवस्था से अनुसूचित जाति - जनजाति, अल्पसंख्यक, महिलाओं व पिछड़ों के प्रतिभावान होने के बावजूद उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता है। कार्यक्रम को एडवोकेट्स एसोसिएशन के महासचिव शैलेन्द्र कुमार सिंह, प्रेम पासवान, अरुण कुशवाहा व सत्रुघ्न पांडेय ने भी संबोधित किया।

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