मुंह से कुछ नहीं खाएगा अयांश, गले से लेगा सांस:पाइप से सीधा आंत में जाएगा खाना, दवा की तरह 5 ML दिया जा रहा दूध

पटनाएक वर्ष पहले
  • पटना के अयांश के बंगलुरु के मणिपाल हॉस्पिटल में दो बड़े ऑपरेशन हुए हैं

स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA) टाइप - 1 से पीड़ित 12 महीने के अयांश को दो बड़े ऑपरेशन के बाद अब ICU में शिफ्ट कर दिया गया है। खतरा टला नहीं है। डॉक्टरों ने मुंह से खाना बंद करा दिया है। अब खाना पाइप के रास्ते सीधे आंत में पहुंच जाएगा। वेंटिलेटर से ICU में शिफ्ट होने के बाद अयांश को दवा की तरह 5 ML दूध दिन में 3 बार दिया जा रहा है। कोरोना और फिर दो बड़े ऑपरेशन के बाद अयांश पूरी तरह से कमजोर हो गया है। मां नेहा सिंह ने बिहार के लोगों से मदद की अपील करते हुए कहा है कि लाखों लोगों की दुआ का असर है कि वेटिंलेटर से वापस आ गया है।

इंजेक्शन नहीं लगने तक जान का खतरा
अयांश को जब तक 16 करोड़ का इंजेक्शन नहीं लग जाता है तब तक उसकी जान को खतरा होगा। उसकी एक-एक सांस पर संकट है। बिहार से लेकर देश के कई प्रदेशों से आई क्राउड फंडिंग से इलाज चल रहा है। बिहार में यूथ ने एक मुहिम चलाई और 8 करोड़ से ज्यादा की क्राउड फंडिंग करा दी है। परदेस में रहने वाले देश और बिहार से जुड़े लोगों ने भी मदद की है।

डॉक्टरों का कहना है कि स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA) टाइप - 1 से पीड़ित मासूमों की उम्र काफी कम होती है। दो से ढाई साल में ही ऐसे बच्चों की मौत हो जाती है। इसका महज एक ही उपाय 16 करोड़ का इंजेक्शन है। डॉक्टरों का कहना है कि अयांश की हालत दिन प्रतिदिन ऐसे ही खराब होगी, इंजेक्शन के बाद ही जान बचाने की कुछ उम्मीद बढ़ सकती है।

दो बड़े ऑपरेशन के बाद वेंटिलेटर पर था अयांश
अयांश के दो-दो बड़े ऑपरेशन बंगलुरु के मणिपाल हॉस्पिटल में हुए। चार दिन पहले हुए ऑपरेशन के बाद से ही उसकी हालत बिगड़ गई थी और वह वेंटिलेटर पर चला गया था। ऑपरेशन से पहले वह कोरोना संक्रमित हो गया था। रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद उसका ऑपरेशन किया गया और वह वेंटिलेटर पर चला गया था। इस घटना के बाद अयांश की मां ने बिहार के लोगों से दुआ कर अयांश को फिर से वापस अपने बीच लाने की अपील की थी।

अयांश की मां ने कहा है कि लोगों की दुआ से अयांश वेंटिलेटर से वापस आ गया है लेकिन अभी भी खतरा है। नेहा सिंह ने लोगों से मदद की गुहार लगाई है। बंगलुरु के मणिपाल हॉस्पिटल के डॉक्टरों का कहना है कि अभी अयांश को एक सप्ताह तक भर्ती रहना होगा और जब तक खाने का सिस्टम सही नहीं होता लगातार डॉक्टरों की मॉनिटरिंग में रहना होगा।

गले से सांस के लिए और पेट में खाने की पाइप
अयांश के दो बड़े ऑपरेशन किए गए हैं। पहला ऑपरेशन पेट का हुआ है जिसमें पाइप लगाकर खाना डालने के लिए है और दूसरे ऑपरेशन में गले में पाइप लगाने के लिए किया गया है। अयांश की मां नेहा का कहना है कि अयांश गले से सांस ले रहा है और पेट में लगी पाइप से दवा की तरह 5 एम दूध दिया जा रहा है। अयांश की मां नेहा सिंह ने लोगों से मार्मिक अपील करते हुए मदद की गुहार लगाई है। नेहा सिंह का कहना है कि लोगों की दुआओं में काफी असर है और इससे ही अयांश की जान बचाई जा सकती है।