बिहार के सबसे बड़े अस्पताल का हाल:PMCH में ब्लैक फंगस का नहीं हो रहा ऑपरेशन; अब तक 15 संक्रमित रेफर

पटना6 महीने पहले
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  • ऑपरेशन नहीं होने से मरीजों के इलाज में आ रही बाधा, भागने को मजबूर भर्ती मरीज

बिहार के सबसे बड़े हॉस्पिटल पटना मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस का ऑपरेशन नहीं हो रहा है। यहां बस मरीजों को भर्ती कर ऑपरेशन के लिए रेफर किया जाता है। एक सप्ताह पूर्व 70 बेड का ब्लैक फंगस वार्ड बनाया गया है लेकिन अब एक भी ऑपरेशन नहीं हुआ है। सात दिन में लगभग 15 मरीजों को AIIMS और IGIMS में रेफर किया गया है। इलाज नहीं होने के कारण PMCH से अब तक 5 संक्रमित भाग गए हैं। संक्रमितों के परिजनों का आरोप है कि पटना मेडिकल कॉलेज में सही से इलाज नहीं किया जा रहा है।

ब्लैक फंगस में मनमानी जानलेवा

पटना मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के मरीजों के साथ जिस तरह से मनमानी की जा रही वह जानलेवा हो सकता है। ब्लैक फंगस के मरीजों को इलाज के इंतजार में पटना मेडिकल कॉलेज से भागना पड़ता है। ब्लैक फंगस का इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि यह तेजी से नाक से ब्रेन तक पहुंचता है। इसे नाक में ही रोकना होता है। अगर नाक और साइनस तक नहीं रोका गया तो यह आंख और उसके बाद फिर ब्रेन तक पहुंच जाता है जिससे संक्रमित की जान बचाना मुश्किल हो जाता है।

दवा के सहारे चल रहा है इलाज

प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल PMCH में ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज दवा के सहारे होता है। मरीजों की गंभीर हालत देखने के बाद यहां से IGIMS और AIIMS के लिए रेफर किया जाता है। अब तक 15 से अधिक मरीजों को रेफर किया जा चुका है और 6 गंभीर मरीज तो इलाज के अभाव में फरार हो गए हैं। अगर ऑपरेशन की व्यवस्था होती तो मरीजों को यहां से भागने की नौबत नहीं आती। दवा के सहारे ही इलाज किया जाता है और जब डॉक्टर को लगता है कि ऑपरेशन की जरुरत है तो संबंधित मरीज को रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में इलाज से लेकर ऑपरेशन तक में काफी देरी होती है जिससे मरीजों की जान पर खतरा होता है। ब्लैक फंगस के मरीजों का सिर्फ मेडिसिन के भरोसे रखना उनकी जान के साथ खिलवाड़ है। इतने बड़े हॉस्पिटल में ऑपरेशन की व्यवस्था होनी चाहिए। सर्जरी नहीं होने का बड़ा कारण मशीन की कमी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सर्जरी के लिए जिस मशीन की जरूरत है, वह PMCH के पास है ही नहीं।

ऑपरेशन नहीं होने से बढ़ी परेशानी

PMCH के ब्लैक फंगस के वार्ड में भर्ती किए गए संक्रमितों के नाक और आंख में फंगस का असर है। मरीजों का कहना है कि डॉक्टर बताते हैं कि अभी सर्जरी शुरू नहीं हो पाई है। सर्जरी की मशीन आने के बाद यह व्यवस्था बन पाएगी। इलाज कराने आए कई संक्रमितों के परिजन ने बताया कि मरीज के मुंह, नाक, आंख में फंगस है। उन्हें लगता है कि बिना सर्जरी के ठीक नहीं होगा लेकिन PMCH की तरफ से इस संबंध में कोई जानकारी ही नही दी जा रही है। कई मरीज ऐसे भी हैं जो 5 दिनों से अस्पताल में एडमिट हैं लेकिन न तो रेफर किया जा रहा है और न ही ऑपरेशन के बारे में बताया जा रहा है। इससे परिजनों को अनहोनी का डर हमेशा सता रहा है। उनका कहना है कि ज्यादा गंभीर होने पर रेफर किया गया तो वह कहां लेकर जाएंगे और तब जान बचाना भी मुश्किल हो जाएगा।