• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Patna
  • Bihar News; DM Had Ordered Action On Pathology Spreading Corona, File Suppressed In Civil Surgeon's Office

जान से खेलने वाली लैब से स्पष्टीकरण का खेल:कोरोना फैलाने वाली पैथोलॉजी पर DM ने दिया था कार्रवाई का आदेश, सिविल सर्जन कार्यालय में दबा दी गई फाइल

पटना2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
29 सितंबर राजाबाजार स्थित प्लाज्मा डायग्नोस्टिक का बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था। - Dainik Bhaskar
29 सितंबर राजाबाजार स्थित प्लाज्मा डायग्नोस्टिक का बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था।

जान से खेलने वाली पैथोलॉजी को स्पष्टीकरण के खेल से बचाया जा रहा है। 25 मई 2021 को पटना DM ने जिस पैथोलॉजी के खिलाफ 3 दिन में कार्रवाई का आदेश दिया वह 5 माह बाद भी नहीं हो सका है। DM के आदेश के बाद भी सिविल सर्जन ने संबंधित पैथोलॉजी को बचाने के लिए स्पष्टीकरण मांग लिया। जबकि प्रशासन की जांच में लैब की मनमानी साबित हुई थी। अब पटना एयरपोर्ट पर फर्जी जांच रिपोर्ट के खुलासे में फिर उसी लैब की भूमिका सामने आई तो स्पष्टीकरण से बचाने का खेल चालू हो गया है।

DM के आदेश को भी किया अनसुना

25 मई 2021 को DM ने सिविल सर्जन को जारी आदेश में कहा था कि पटना में कई प्राइवेट लैब में कोरोना की जांच हो रही है। सैंपल लेने के साथ कोविड पोर्टल पर इंट्री करना होता है। इसी तरह से जांच के बाद रिपोर्ट तत्काल बिहार कोविड पोर्टल पर अपलोड करना होता है। लेकिन प्राइवेट लैब इस प्रोटाेकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं। बार-बार निर्देश देने और स्पष्टीकरण मांगने के बाद भी लैब इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। लैब द्वारा पॉजिटिव मामलों को छिपाया जा रहा है। 25 मई को आदेश जारी होने तक तीन प्राइवेट लैब के पास 18,755 रिपोर्ट पेंडिंग थी। DM के आदेश में साफ कहा गया था कि इन जांच लैबों से पूछे गए स्पष्टीकरण और इनके द्वारा दिए गए जवाब को भेजते हुए निर्देश दिया जाता है कि 3 दिनों के अंदर इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए अधोहस्ताक्षरी को सूचित करें।

DM के आदेश पर कार्रवाई के बजाए मांगा स्पष्टीकरण

25 मई को DM के बादेश के 5 दिन बाद 30 मई को सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी सिंह ने कार्रवाई करने के बजाए एक पैथ लैब के निदेशक से स्पष्टीकरण मांग लिया। सिविल सर्जन ने पत्र में लिखा कि संस्थान ने कोविड 19 जांच का डेटा समय से पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। इससे कोरोन के मरीजों की कांट्रैक्ट ट्रेसिंग में समस्या हुई। संक्रमित मरीजों की जानकारी के अभाव में संक्रमण की वृद्धि से इनकार नहीं किया जा सकता है। यह भी कहा गया कि समय से डेटा अपलोड नहीं किए जाने से मृत संक्रमितों को सरकार की तरफ से मिलने वाली अनुदान राशि भी नहीं मिल पाई। इसके लिए 24 घंटे में स्प्ष्टीकरण मांगा गया था और निबंधन रद्द करने के साथ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की बात कही गई थी।

डीएम का लेटर।
डीएम का लेटर।

सिविल सर्जन ने कहा लैब बंद कराना आसान नहीं

कोरोना काल में मनमानी कर कोरोना का संक्रमण फैलाने वाले लैब पर कार्रवाई को लेकर सवाल पर सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी ने कहा कि डीएम का जो आदेश आया उसका अनुपालन किया गया है। उनका कहना है कि लैब को बंद कराना इतना आसान नहीं है। कोरोना काल में मनमानी करने वाली लैब का फर्जी जांच रिपोर्ट में नाम आने के एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई नहीं होने के सवाल पर सिविल सर्जन ने कहा कि पैथ लैब से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

खबरें और भी हैं...