पटना में उफान पर गंगा:जलस्तर बढ़ने से हजारों लोग हुए बेघर, दो जून की रोटी से लेकर सिर छिपाने तक की जगह नहीं, अब सरकारी रसोई ही सहारा

पटनाएक वर्ष पहले
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भद्र घाट से लेकर कंगन घाट तक अलर्ट। - Dainik Bhaskar
भद्र घाट से लेकर कंगन घाट तक अलर्ट।
  • बाढ़ में सब कुछ छिन गया और अब सरकार से मदद की आस

गंगा के उफान पर आते ही 2 हजार से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। दो जून की रोटी से लेकर सिर छिपाने की जगह तक का संकट हो गया है। सरकारी रसोई के सहारे वह रह रहे हैं। पटना के चार घाट ऐसे हैं जहां गंगा का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। भद्र घाट से लेकर कंगन घाट तक पूरी तरह से सुरक्षा का अलर्ट है। शहर को बाढ़ से बचाने को लेकर भी प्रशासन की हर स्तर से तैयारी चल रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत एवं बचाव के लिए अफसरों को लगाया गया है।

पटना में लगाई गई 216 नाव

पटना में बाढ़ प्रभावित इलाकों में 216 नाव लगाया गया है। इसमें मनेर में 50 ,दानापुर में 61, पटना सदर मे 32, बख्तियारपुर में 43 बाढ़ में 2, मोकामा में 19 अथमलगोला में 9 नाव लगाई गई है। नाव से लोगों को मदद की जा रही है। पटना में 2 हजार से अधिक परिवार ऐसे हैं जो बाढ़ से पूरी तरह से प्रभावित हैं और प्रशासन के सहारे हैं।

सरकारी रसोई का सहारा

पटना में बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों के लिए सरकारी रसोई का ही सहारा है। यहां लोग घर के साथ सिर छिपाने की जगह भी खो दिए हैं। प्रशासन की व्यवस्था पर वह रह रहे हैं। प्रशासन द्वारा संचालित से ऐसे परिवारों का पेट पल रहा है। पटना बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कुल 18 सामुदायिक रसोईघर और राहत केंद्र चलाए जा रहे हैं। इसमें अथमलगोला में 4, मोकामा में 4 , बाढ़ में एक, बख्तियारपुर एक, पटना सदर में 4 और दानापुर में 4 केद्र संचालित है। प्रशासन इसे और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने आदेश दिया है कि राहत केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए।

पटना में तैयार हो रहा खाने का पैकेट

बाढ़ प्रभावित लोगों को मदद के लिए खाने का पैकेट पटना में तैयार किया जा रहा है। पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में 3675 ड्राई फूड पैकेट बांटा गया। श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में शुक्रवार की शाम को 5 बजे तक 1250 पैकेट ड्राइ फूड तैयार किया गया जिसमें से 250 पैकेट पुनपुन मैं तथा 600 पैकेट पटना सदर अंचल के बाढ़ प्रभावितों में बांटा गया। इसके साथ ही 3682 पॉलिथीन सीट्स भी बाढ़ प्रभावितों में बांटा गया।

पशुओं के साथ इंसानों की सेहत पर खतरा

बाढ़ के कारण इंसानों के साथ पशुओ की सेहत पर भी संकट है। इसके लिए पशु चिकित्सकों की टीम को लगाया गया है। अब तक 122 पशुओं को बाढ़ में बचाया गया है। इनकी हालत बाढ़ के कारण काफी खराब हो गई थी। इसके साथ ही कोरोना का खतरा कम करने के लिए कोरोना की भी जांच कराई जा रही है। 359 लोगों का कोविड-19 एंटीजन टेस्ट कराया गया जबकि 380 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया है।

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