अब 2 शिफ्ट में होगी स्कूलों में छुट्‌टी:दोनों के बीच होगा 10 से 15 मिनट का अंतर, छुट्‌टी और लंच के दौरान भीड़ को रेगुलेट करने का आदेश

पटना3 महीने पहले
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बच्चों की भीड़ को रेगुलेट करने के लिए अब नई गाइडलाइन जारी की गई है। - Dainik Bhaskar
बच्चों की भीड़ को रेगुलेट करने के लिए अब नई गाइडलाइन जारी की गई है।

स्कूलों में बच्चों की भीड़ प्रशासन के लिए टेंशन बन गई है। स्टूडेंट्स की भीड़ में कोरोना का बड़ा खतरा है, क्योंकि 18 साल से कम उम्र वाले हाई रिस्क में हैं। ऐसे में छुट्‌टी के दौरान होने वाली भीड़ को रेगुलेट करने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। अब स्कूल दो शिफ्ट में छुट्‌टी करेंगे और इन दोनों शिफ्ट के बीच में 10 से 15 मिनट का अंतर होगा। इस संबंध में पटना के कमिश्नर संजय कुमार अग्रवाल ने सभी जिलाधिकारियों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है।

उन्होंने कहा है कि टिफिन के समय स्कूल कैंपस में भीड़ इकट्ठा न हो और एक साथ सभी बच्चों की छुट्टी नहीं दी जाए, इस पर काम किया जाए।

प्रशासन की यह सक्रियता गार्जियंस की शिकायत के बाद हुई है। पहले 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ स्कूल खोले गए, फिर शिफ्ट में किया गया और अब पूरी व्यवस्था सामान्य कर दी गई है। ऐसे में प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों ने कोरोना का खतरा बताते हुए प्रशासन से शिकायत की थी। अभिभावकों का आरोप है- 'स्कूलों में कोरोना काे लेकर बच्चों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।' प्रशासन का कहना है- 'गार्जियंस ने शिकायत की थी कि स्कूलों में छुट्‌टी के दौरान कोरोना की गाइडलाइन का कोई पालन नहीं किया जा रहा है। लंच के समय भी काफी भीड़ रहती है, जो कोरोना के खतरे की घंटी है।'

ट्रैफिक की समीक्षा में भी हुआ खुलासा

आयुक्त का कहना है कि ट्रैफिक की समीक्षा में यह सामने आया है कि स्कूलों में एक साथ छुट्टी दिए जाने से स्कूल के बाहर जाम लगता है। प्रशासन के इस खुलासे में संक्रमण के खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है। एक साथ सभी बच्चों की छुट्टी और टिफिन दिए जाने से भीड़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो रहा है।

कमिश्नर का कहना है- 'टिफिन के समय कुछ कक्षाओं को 15 मिनट पहले और कुछ कक्षा को 15 मिनट के बाद समय दिया जाए। एक साथ सभी बच्चे कैंपस में भीड़ इकट्ठा ना हो। छात्र-छात्राओं की भीड़ को रेगुलेट करने के लिए स्कूल प्रशासन अपने स्तर से भी निर्णय ले सकते हैं।'

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