साढ़े 3 महीने बाद पटना पहुंचे लालू:RJD कार्यालय के दोनों फाटक खोले गए, आने से पहले तेजस्वी के लिए माहौल तैयार

पटना3 महीने पहले

पूर्व सीएम और राजद सुप्रीमो लालू यादव बेटी मीसा भारती के साथ दिल्ली से बुधवार को पटना पहुंच गए। एयरपोर्ट पर पहले ही समर्थकों की भीड़ जुट गई थी। सभी लालू का स्वागत किया। इसके बाद लालू बिना मीडिया से बात किए राबड़ी आवास के लिए रवाना हो गए। इधर, इस बार लालू प्रसाद के पटना आने का बड़ा मतलब निकाला जा रहा है। लालू के आने से पहले राष्ट्रीय जनता दल कार्यालय के दोनों फाटक खोल दिए गए। वहीं, तेजस्वी की ताजपोशी को लेकर राजद में मांग तेज हो गई है। बताया जा रहा है कल यानी गुरुवार को तेजस्वी यादव पटना आएंगे।

बता दें, लालू पिछली बार फरवरी में पटना आए थे, उसके बाद यहीं से डोरंडा ट्रेजरी घोटाले में सजा सुनने रांची गए थे। वहां से उनको जेल भेज दिया गया था। अब जमानत मिलने के बाद पहली बार पटना आए हैं।

पटना पहुंचे लालू यादव।
पटना पहुंचे लालू यादव।

लालू प्रसाद के पटना आने से पहले तेजस्वी यादव के पक्ष में पूरा माहौल बनाया जा चुका है। राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने पार्टी फोरम के बजाय सार्वजनिक मंच फेसबुक का इस्तेमाल करते हुए लालू प्रसाद से मांग की है कि अब तेजस्वी यादव को राजद की पूरी बागडोर सौंप दें। राज्यसभा की सीटों और विधान परिषद की सीटों के लिए उम्मीदवार तय करने का अधिकार भी तेजस्वी को ही दे दें।

पूर्व सीएम और राजद सुप्रीमो लालू यादव दिल्ली से बुधवार को पटना पहुंचे।
पूर्व सीएम और राजद सुप्रीमो लालू यादव दिल्ली से बुधवार को पटना पहुंचे।

डर यह भी
अब तक पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठकर कर लालू प्रसाद को इसके लिए अधिकृत करती रही है, लेकिन शिवानंद तिवारी ने बड़ी मांग रखकर तेजस्वी के पक्ष में हवा बना दी है। हालांकि इसका डर अभी भी बना हुआ है कि लालू परिवार के अंदर से इस मांग के खिलाफ आवाज न उठ जाए, लेकिन अब तक तेजप्रताप यादव ने कोई टिप्पणी नहीं की है।

एयरपोर्ट पर उमड़ी राजद कार्यकर्ताओं की भीड़।
एयरपोर्ट पर उमड़ी राजद कार्यकर्ताओं की भीड़।

'याचना नहीं अब रण होगा, युद्ध बड़ा भीषण होगा': तेजप्रताप यादव
वहीं, तेजप्रताप यादव अपने संगठन छात्र जनशक्ति परिषद को ताकत देने में जरूर लगे हुए हैं। वे विभिन्न जिलों में जनशक्ति यात्रा भी निकाल रहे हैं। उन्होंने जनशक्ति हिंद फौज बनाने की बात भी सोशल मीडिया पर कही है। दो दिन पहले उन्होंने इसका लोगो भी जारी किया, जिसमें एक खूंखार बाघ को दिखाया गया है। तेजप्रताप यादव ने अपने संगठन को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आजाद हिंद फौज की तरह बनाने की बात कही है।

लालू के स्वागत के लिए एयरपोर्ट में पहुंचे राजद कार्यकर्ता।
लालू के स्वागत के लिए एयरपोर्ट में पहुंचे राजद कार्यकर्ता।

आर्मी से रिटायर लोगों को जनशक्ति हिंद फौज संघ से जोड़ने की बात भी उन्होंने कही है। हर जिले में इसकी शाखा को खोलेंगे। उन्होंने धर्म निरपेक्ष सेवक संघ के पुनर्गठन की बात भी कही है। इससे साफ है कि तेजप्रताप यादव ने अपनी अलग राह बनाने की ठान ली है। उन्होंने लिखा भी- 'याचना नहीं अब रण होगा, युद्ध बड़ा भीषण होगा, जनशक्ति हिंद फौज लड़ेगा गरीबों को न्याय दिलाने के लिए।'

लालू के आने से पहले ही एयरपोर्ट पर पहले ही समर्थकों की भीड़ जुट गई थी।
लालू के आने से पहले ही एयरपोर्ट पर पहले ही समर्थकों की भीड़ जुट गई थी।

'तप की ताप में तपकर औघड़ सा निखरा तपस्वी, तेजस्वी- तेजस्वी': रोहिणी आचार्या
इधर, शिवानंद तिवारी की मांग के साथ ही तेजस्वी यादव के पक्ष में लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्या ने तेजस्वी के सपोर्ट में ट्वीट पर रिट्वीट किया है। इसमें कहा गया है - तप की ताप में तपकर औघड़ सा निखरा तपस्वी, तेजस्वी- तेजस्वी, जब-जब वो हुंकार भरे, दुश्मन हाहाकार करे, अराजकता और पाप का, निर्मम हो संहार करे, जो न्योछावर देश-प्रदेश पे ये वो यशस्वी, तेजस्वी-तेजस्वी, जनसेवा का गरलपान कर है शिव- सा ओजस्वी, तेजस्वी तेजस्वी तेजस्वी तेजस्वी।

राजद नेता श्याम रजक भी पहुंचे एयरपोर्ट।
राजद नेता श्याम रजक भी पहुंचे एयरपोर्ट।

राजद के अंदर तेजस्वी की ताजपोशी के लिए इससे बढ़िया समय और क्या होगा
तेजस्वी यादव ने लंदन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और उसके बाद उनकी बड़ी छवि सामने आई। लंदन में राहुल गांधी से भी उनकी मुलाकात हुई है। दक्षिण भारत के नेताओं से मिलकर वे अपनी छवि पहले भी गढ़ चुके हैं। लालू प्रसाद बीमार भी चल रहे हैं। राज्य सभा की दो सीटों पर राजद को उम्मीदवारों की घोषणा भी करनी है।

23 मई को ब्रिटिश पार्लियामेंट में NISAU द्वारा आयोजित गोष्ठी में भारतीय मूल के सांसदों, शोधार्थियों, व्यवसायियों, प्रोफेसर, छात्रों व नागरिकों के साथ तेजस्वी यादव।
23 मई को ब्रिटिश पार्लियामेंट में NISAU द्वारा आयोजित गोष्ठी में भारतीय मूल के सांसदों, शोधार्थियों, व्यवसायियों, प्रोफेसर, छात्रों व नागरिकों के साथ तेजस्वी यादव।

नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को बुलाकर जाति जनगणना कराने पर बात की और इसे कराने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आश्वासन भी दिया। इसी साल राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी होना है। इन तमाम परिस्थितियों को देखते हुए और समय की नजाकत को अच्छा मानते हुए लालू प्रसाद चाहते होंगे कि तेजस्वी के हाथ राजद की कमान सौंप दी जाए! बहुत संभव है लालू प्रसाद के मन की बात जानते- मानते हुए शिवानंद तिवारी ने सार्वजनिक मंच से इसकी मांग कर दी।