वकीलों की बराबर उपेक्षा हो रही!:एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बोले- वकालत जैसे सम्मानित पेशे के लिए सरकार ने कोई ठोस योजना नहीं बनाई

पटना8 महीने पहले
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देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण करते वकील। - Dainik Bhaskar
देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण करते वकील।

पटना हाईकोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन हॉल में शुक्रवार को दिन के 1: 45 बजे एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा की अध्यक्षता में एडवोकेट डे और देश के प्रथम राष्ट्रपति स्व. डॉ राजेन्द्र प्रसाद के जन्म दिवस के अवसर अधिवक्ताओं ने राजेन्द्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वर्मा ने कहा कि एक ओर जहां देश की आजादी के 75 वर्ष पर देशभर में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है।

योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि वकालत जैसे सम्मानित पेशा के लिए न तो राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार द्वारा कोई ठोस योजना बनाई जा रही है। वकीलों की बराबर उपेक्षा की जा रही है। आगे, उन्होंने कहा कि ये बहुत हो गर्व की बात है की डॉ. राजेन्द्र प्रसाद पटना हाई कोर्ट एडवोकेट डे एसोसिएशन के पहले अध्यक्ष थे।

देश भर में तकरीबन 18 लाख वकील हैं। करीब इतनी ही संख्या वकीलों के साथ काम करने वाले मुंशियों की है। देश में करीब 5 करोड़ लोग वकालत पेशा पर निर्भर है, लेकिन आज भी श्रेष्ट मानें जाने इस पेशा में अनुसूचित जाति-जनजाति, अल्पसंख्यक, महिलाओं व पिछड़े वर्गों को उचित सामाजिक प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है, जो एक चिंता की बात है।

आज भी न्यायपालिका में 80 फीसदी वर्चस्व कुछ परिवारों तक ही सीमित रह गया है। ये अत्यंत दुख की बात है। सरकारों को इस दिशा में कार्य करना चाहिए, ताकि समाज के सभी वर्ग के लोगों को प्रतिनिधित्व मिल सके। साथ ही साथ उच्च न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति हेतु आयोग का गठन कर प्रतियोगिता परीक्षाओं के जरिए जजों की नियुक्ति की जानी चाहिए।

तकनीक में पिछड़े अधिवक्ताओं को आधुनिक तकनीक भी मुहैया कराई जानी चाहिए। इस अवसर पर एडवोकेट्स एसोसिएशन के महासचिव शैलेन्द्र कुमार सिंह, अंगद कुंअर, सुधा अंबष्ट, पुनम सिंह व राम जीवन सिंह समेत अन्य लोगों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये।