भवन निर्माण के सेंट्रल डिवीजन में चलती थी शराब पार्टी:एग्जीक्यूटिव इंजीनियर समेत 5 लोगों से पुलिस ने की पूछताछ, शराब की 31 खाली बोतल मिली थी

पटनाएक वर्ष पहले
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सेंट्रल डिवीजन ऑफिस में बैठे कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
सेंट्रल डिवीजन ऑफिस में बैठे कर्मचारी।

भवन निर्माण विभाग का सेंट्रल डिवीजन ऑफिस बेली रोड से बिल्कुल ही सटा हुआ है। बगल में पटना हाईकोर्ट, कुछ दूरी पर राज्य महिला आयोग और फिर बिहार म्यूजियम, इस कारण से यह ऑफिस भी VIP जोन में है। यहां काम करने वाले वैसे लोग जिन्हें पूर्ण शराब बंदी कानून लागू होने के बाद भी शराब की लत लगी हुई है, वो अक्सर ऑफिस के अंदर में शराब पार्टी किया करते थे। सूत्र बताते हैं कि टेंडर और इसकी वजह से रुपयों का खेल होने वाले इस जगह पर हमेशा शाम रंगीन होती थी।

इसमें कुछ ठेकेदार व उनके लोग बड़े मददगार हैं। ये लोग जब भी आते, यहां के अधिकारियों के लिए कुछ न कुछ गिफ्ट लेकर आते। उस गिफ्ट में महंगी और ब्रांडेड विदेशी शराब की बोतलें भी शामिल होती हैं। गिफ्ट आते ही देर शाम तक ऑफिस का काम खत्म होने के बाद भी कुछ बड़े लोग यहां ठहरते, फिर शराब पार्टी कर अपने घर चले जाते। सूत्र का दावा है कि ऐसा कई बार हो चुका है।

निगरानी के लिए क्यों नहीं लगाया CCTV‌?

शनिवार को भास्कर की टीम भवन निर्माण के सेंट्रल डिवीजन ऑफिस गई थी। मेन गेट से लेकर अंदर तक टीम घूम आई। मगर, वहां एक भी CCTV कैमरा लगा हुआ नहीं मिला। जबकि, टेंडर के खेल की वजह से पटना में कई बार आपराधिक वारदातें हो चुकी हैं। पूर्व की वारदातों से सबक लेकर भी यहां कोई CCTV कैमरा नहीं लगाया गया। प्रोपर तरीके से निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं होने की वजह से यहां काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को खुली छूट मिल गई।

टेंडर के खेल में रुपया, गिफ्ट और शराब पार्टी खूब चलने लगी। इस सरकारी ऑफिस में CCTV कैमरा क्यों नहीं लगा है? इस सवाल का जवाब सिर्फ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ही दे सकते थे। पर जिस वक्त टीम वहां पहुंची, उस दौरान एग्जीक्यूटिव इंजीनियर का चेंबर खाली मिला। वो वहां थे ही नहीं। अपनी जांच में कोतवाली थाना की पुलिस ने भी CCTV को खोजा, पर उन्हें भी वहां कोई कैमरा नहीं मिला।

परिसर में मिली शराब की खाली बोतलें।
परिसर में मिली शराब की खाली बोतलें।

5 से पूछताछ के बाद CDR भी खंगालेगी पुलिस

सेंट्रल डिवीजन ऑफिस में काम करने वाले अफसर और कर्मचारी यह मान चुके थे कि VIP जोन में ऑफिस होने की वजह से वो पूरी तरह से सेफ हैं। इस सरकारी ऑफिस में पुलिस कोई कार्रवाई ही नहीं करेगी। इस कारण वो धड़ल्ले से शराब पार्टी करते थे। 12 जनवरी की रात शराब पार्टी की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने छापेमारी भी की। एक शख्स को गिरफ्तार भी किया। शराब की खाली 31 बोतल और कुछ टेट्रा पैक बरामद भी किया। इस मामले में कोतवाली थाना में FIR भी दर्ज हुई।

पुलिस ने इस केस की इंवेस्टिगेशन को आगे बढ़ा दिया है। सेंट्रल डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीत कुमार समेत कुल 5 लोगों से पूछताछ की है। इनमें ऑफिस हेड, पत्राचार सेक्शन के 2 और एक डिवीजन में काम करने वाले राजू से भी पूछताछ की गई है। कोतवाली थानेदार सुनील कुमार सिंह के अनुसार एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से सीधे तौर पर पूछा गया है शराब पार्टी आपके ऑफिस में हुई है। इसमें जिम्मेवारी किसकी है? अभी तक वो ठोस जवाब नहीं दे पाए हैं।

पटना के कमिश्नर ने भी लिया संज्ञान

सूत्र बताते हैं कि पटना के डिवीजनल कमिश्नर कुमार रवि ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है। भवन निर्माण के सेंट्रल डिवीजन में हुए शराब पार्टी, उसके बाद बरामद शराब की खाली बोतलों की डिटेल रिपोर्ट उन्होंने मांग दी है। इनके अलावा राज्य सरकार के कुछ बड़े अधिकारी भी इस मामले की जांच अपने स्तर से कर रहे हैं। इनमें भवन निर्माण विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। दूसरी तरफ, बिहार पुलिस की मद्य निषेद्य प्रभाग भी अपने स्तर से इस केस की मॉनिटरिंग कर रही है। क्योंकि, प्रभाग के मिले सूचना के आधार पर ही कोतवाली थाना की पुलिस ने 12 जनवरी की रात वहां छापेमारी कर कार्रवाई की थी।