पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बरसात में बिहार के 20 जिलों में बारिश नहीं:24 घंटे में केवल मधुबनी में हुई औसत से अधिक बारिश, 17 जिलों में औसम से कम हुई बरसात; गर्मी बढ़ने से लोग परेशान

पटना23 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
बिहार के 3 जिलों को बारिश को लेकर रेड जोन में रखा गया है। - Dainik Bhaskar
बिहार के 3 जिलों को बारिश को लेकर रेड जोन में रखा गया है।

बिहार में मानसून निष्क्रिय पड़ गया है। सीजन में भी बरसात नहीं हो रही है। बिहार के 20 जिले ऐसे हें जहां 24 घंटे में एक बूंद बारिश नहीं हुई है। मात्र मधुबनी एक ऐसा जिला है जहां 24 घंटे में औसत से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है, बाकी 17 जिलों में औसत से काफी कम बारिश हुई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले 24 से 48 घंटे में बारिश हो सकती है। गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, भागलपुर, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, बांका, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, गया, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर में बारिश नहीं हुई है। इन जिलों में किसी भी क्षेत्र में बारिश का सिस्टम ही नहीं बना है। 24 घंटे से बारिश नहीं होने के कारण इन जिलों में काफी गर्मी है। तपिश भरी गर्मी के कारण लोग परेशान हैं।

रेड जोन में बिहार के 3 जिले

बिहार के 3 जिलों को बारिश को लेकर रेड जोन में रखा गया है। यहां औसत से 59 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है। पश्चिमी चंपारण में 7.6 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन 29 प्रतिशम कम बारिश हुई है। सुपौल में 6.4 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन औरसत से लगभग 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मधेपुरा में 7.8 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन 24 घंटे में यहां औसत से 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

मधुबनी में औसत से 43% अधिक बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक मधुबनी में 8.3 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन यहां 24 घंटे में सामान्य से 43 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले समय में बारिश को लेकर पूर्वानुमान है। 24 से 48 घंटे में बारिश होने का अनुमान है।

13 जिलों में औसत से काफी कम बारिश

कटिहार में 2 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन यहां 98 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मुंगेर में 1.4 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन 24 घंटे में औसत से 87 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सहरसा में 1.3 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन औसत से 85 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बेगूसराय में 1.2 एमएम बारिश होना चाहिए था जबकि औसत से 92 प्रतिशत कम बारिश हुई है। नवादा में 0.9 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन 24 घंटे में औसत से 88 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पटना में 0.6 एमएम बारिश होना चाहिए था जबकि 24 घंटे में औसत से 91 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मुजफ्फरपुंर में 0.3 एमएम बारिश होनी थी जबकि औसत से 97 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सीतामढ़ी में 0.8 एमएम बारिश होनी थी लेकिन 24 घंटे में औसत से 93 प्रतिशत कम बारिश हुई है। शिवहर में 1.6 एमएम बारिश होनी थी लेकिन औसत से 87 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी चंपारण में 2.5 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन औसत से 76 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसी तरह बक्सर में 0.4 एमएम के सापेक्ष 96 प्रतिशम कम बारिश हुई है। भोजपुर में 0.3 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन औसत से 95 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

औसत से अधिक बारिश का पीछे हो रहा आंकड़ा

बिहार में मानसून सीजन में औसत बारिश से अधिक बरसात का आंकड़ा लगभग 19 प्रतिशत पहुंच गया था लेकिन अब यह 13 प्रतिशत पहुंच गया है। 6 सितंबर तक बिहार में 847.8 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन 6 सितंबर तक 9544.8 एमएम बारिश हुई है जो 13 प्रतिशत अधिक है। बारिश नहीं होने के कारण यह आंकड़ा कम हो रहा है। इस कारण से गर्मी भी काफी बढ़ रही है, तपिश के कारण लोग परेशान हो रहे हैं।

खबरें और भी हैं...