कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी शुरू:कोरोना कंट्रोल रूम से लेकर टेलीमेडिसिन सेंटर तक दो पाली में होंगे चालू, DM ने जारी किया आदेश

पटना7 महीने पहले
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3 दिन पहले नवादा में मतगणना केंद्र पर जमकर उड़ी कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां। - Dainik Bhaskar
3 दिन पहले नवादा में मतगणना केंद्र पर जमकर उड़ी कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां।
  • राजधानी से लेकर बिहार के 38 जिलों में सोशल डिस्टेंस और मास्क को लेकर बढ़ेगी सख्ती

बिहार में कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी चल रही है। अस्पतालों में इलाज को लेकर युद्ध स्तर पर तैयारी के साथ प्रशासन भी सख्ती का प्लान कर रहा है। संक्रमण की रफ्तार के साथ ही कोरोना पर वार को लेकर सरकार तैयार हो रही है। 24 घंटे में 23 नए मामले आने के साथ अब 81 एक्टिव मामले हो गए हैं। पटना में तेजी से खतरा बढ़ रहा है जिससे डीएम ने सुरक्षा को लेकर अफसरों को जवाबदेही के साथ लगा दिया है। पटना सहित पूरे राज्य में सोशल डिस्टेंस और मास्क को लेकर बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जाने की प्लानिंग है। कोरोना कंट्रोल रूम, टेलीमेडिसिन सेंटर को भी जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र में दो पाली में सोमवार से एक्टिव कर दिया गया है।

जानिए पटना में कोरोना का खतरा

पटना में कोरोना का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। 24 घंटे में 13 नए मामले आए हैं। इससे पटना में एक्टिव मामलों की संख्या 58 हो गई है। पटना में अब तक 147135 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं इसमें 144293 लोगों ने कोरोना को मात दी है लेकिन 2784 लोग ऐसे हैं जो संक्रमण से जिंदगी हार गए हैं। पटना में हर लहर में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। पहली और दूसरी लहर में पटना में ही सबसे अधिक संक्रमित पाए गए थे। पटना में प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में इलाज की बेहतर व्यवस्था के कारण पूरे राज्य से मरीजों को पटना रेफर किया जाता है। इस कारण से ही पटना में मरीजों की संख्या बढ़ती है और खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है।

तीसरी लहर को लेकर DM ने जारी किया आदेश

पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था को लेकर अफसरों को जवाबदेही के साथ लगाया है। वह लगातार कोरोना पर कार्रवाई का फीड बैक ले रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारियों से जूम के माध्यम से बैठक भी कर रहे हैं। DM का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर के प्रभाव को देखते हुए लोगों पूरी तरह से अलर्ट रहना है। कोरोना से घबराना नहीं है जागरुकता से वायरस से बचाव करना है। कोरोना की प्रवृत्ति के हर पहलू पर प्रशासनिक स्तर पर पूरी नजर रखते हुए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। डीएम ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने तथा आगे की तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है जिससे आवश्यकता पड़ने पर कोई समस्या नहीं आने पाए।

15 दिसंबर से डिस्ट्रिक्ट कोविड केयर सेंटर का शुभारंभ

डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि 15 दिसंबर को डिस्ट्रिक्ट कोविड केयर सेंटर के रूप में पाटलिपुत्रा स्पोर्ट्स कंपलेक्स को शुरु किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि आवश्यकता पड़ने पर आइसोलेशन सेंटर के रूप में इसका उपयोग किया जा सके। इस सेंटर की क्षमता 110 बेड का है। हालांकि कोरोना के मामले अभी कम है लेकिन कांटेक्ट ट्रेसिंग सेल को जिला स्वास्थ्य समिति में ही शुरू करने के लिए कर्मियों की तैनाती करने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त कोरोना कंट्रोल रूम, टेलीमेडिसिन सेंटर को भी जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र में दो पाली में सोमवार 13 दिसबंर से शुरु कर दिया जाएगा।

पटना में गांव से लेकर शहर तक 52 टेस्टिंग प्वाइंट

डीएम का कहना है कि टेस्टिंग एवं रिपोर्टिंग की प्रक्रिया भी सरल एवं सहज है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के 52 PHC, CHC, UPHC में कोई भी व्यक्ति जाकर अपना सैंपल दे सकता है, उन्हें 24 घंटे में रिपोर्ट भी मिल जाएगा। इसके साथ ही 5 मोबाइल टीम को भी सक्रिय बनाया गया है जो घूमकर लोगों की कोरोना जांच करेगी। जांच को लेकर विशेष जोर दिया जा रहा है जिससे संक्रमण के ग्राफ पर अंकुश लगाया जा सके।

मास्क की चेकिंग में लिए पटना में 5 धावा दल

कोविड मानक के तहत मास्क का अनिवार्य प्रयोग सुनिश्चित कराने के लिए 5 धावा दल बनाया गया है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में मायकिंग करने के साथ अन्य माध्यम से लोगों को जागरुक करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही सिटी बसों मैं भी मास्क के प्रयोग का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है । इसके लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को सिटी बस मालिक के साथ बैठक करने तथा अनुपालन कराने का निर्देश दिया है। पटना में कोरोना के खतरे को लेकर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुखता इंतजाम किए गए हैं। पटना के सरकार और प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के इलाज की पूरी तैयारी की जा रही है। आदेश जारी किया जा रहा है जिसमें सरकारी के साथ प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के इलाज को लेकर विशेष संसाधनों की व्यवस्था करने को कहा जा रहा है।