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जिम ट्रेनर गोलीकांड में IO की जांच पर सवाल:जिस मेडिकल पेपर की तस्वीर विक्रम ने इंवेस्टिगेशन ऑफिसर को दी, वही डॉक्टर ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की

पटना2 महीने पहले
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5 गोली लगने के बाद भी जिम ट्रेनर विक्रम खुद स्कूटी चलाकर PMCH गया था। - Dainik Bhaskar
5 गोली लगने के बाद भी जिम ट्रेनर विक्रम खुद स्कूटी चलाकर PMCH गया था।

पटना के चर्चित जिम ट्रेनर गोली कांड की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार सवालों के घेरे में आ गए हैं। इन पर आरोप लगा है कि वो इस गोलीकांड के आरोपियों की मदद कर रहे हैं। ताकि किसी भी तरह से उन्हें कोर्ट से जमानत मिल जाए। जिस मेडिकल पेपर की फोटो खींच कर घायल जिम ट्रेनर विक्रम सिंह ने अपने मोबाइल से उन्हें भेजा था, 3 दिन पहले वही सारे फोटो फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. राजीव कुमार सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट पर देखे गए। जिसके बाद विक्रम के एडवोकेट द्विवेदी सुरेंद्र और घायल विक्रम ने केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (IO) संतोष कुमार और उनकी जांच पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

इनके आरोप का एक बड़ा आधार है। वकील ने बताया कि मेडिकल पेपर का फोटो विक्रम ने बेड पर रख कर खींचा था। फोटो के अंदर बैकग्राउंड में बैडशीट थी। IO के मांगने पर विक्रम ने फोटो खींच कर उनके मोबाइल पर भेजी थी। दरअसल, 18 सितंबर को 5 गोली लगने के बाद भी जिम ट्रेनर विक्रम खुद से स्कूटी चलाकर PMCH गया था और इलाज के लिए एडमिट हुआ था। वहां वो 11 दिनों तक एडमिट रहा। इस दौरान वहां चले इलाज से लेकर डिस्चार्ज पेपर तक पर पेशेंट के नाम में विक्रम की जगह उसके छोटे भाई सचिन का नाम लिखा था।

विक्रम और उसके वकील का दावा है कि उसने IO को वो फोटो खींच कर भेजे थे।
विक्रम और उसके वकील का दावा है कि उसने IO को वो फोटो खींच कर भेजे थे।

मेडिकल पेपर पर नाम सुधरवाने के लिए विक्रम और उसका परिवार पिछले कई दिनों से PMCH के चक्कर लगा रहा है। यही बात उसने कदमकुआं थाने की पुलिस और केस के IO संतोष कुमार को बताई थी। वकील का दावा है कि IO ने विक्रम से सचिन के नाम वाले पेपर मांगे थे। जिसकी फोटो खींचकर विक्रम ने भेजी। जिसे बाद में डॉक्टर राजीव कुमार सिंह ने विक्रम और पुलिस पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसके बाद से ही IO शक के घेरे में आ गए। इस कांड में डॉ. राजीव कुमार सिंह आरोपी हैं। पटना पुलिस ने उन्हें और उनकी पत्नी खुशबू सिंह को गिरफ्तार किया था। जिसमें, सबूतों को आभाव के नाम पर कोर्ट ने डॉ. राजीव कुमार सिंह को जमानत दे दी थी। लेकिन, उनकी पत्नी, लाइनर मीहिर अभी जेल में हैं।

3 दिन पहले डॉ. राजीव कुमार सिंह का सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट, नीचे में वो फोटो जिनका इस्तेमाल किया।
3 दिन पहले डॉ. राजीव कुमार सिंह का सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट, नीचे में वो फोटो जिनका इस्तेमाल किया।

गोली चलाने वाले अपराधी को दिलवाया फायदा
ऐसा नहीं है कि सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार कोई पहली बार सवालों के घेरे में आए हैं। इससे पहले भी इनके ऊपर अपराधी को फायदा दिलाने का आरोप लगा था। बात इसी साल की है। 21 जुलाई को एक विवाद में पत्रकार नगर के शुभम पाठक और गौरीचक के निशांत रणावत को कदमकुआं थाना के तहत मछली गली में गोली मार दी गई थी। इन दोनों के बयान पर नीरज सिंह और राकेश कुमार उर्फ लुल्हा के खिलाफ कदमकुआं थाना में FIR दर्ज की गई। सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार इस केस के IO बने।

इस वारदात के 5वें दिन 26 जुलाई को राकेश कुमार उर्फ लुल्हा ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। 26 अक्टूबर तक इस केस में IO संतोष कुमार को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करनी थी। मगर, उन्होंने ऐसा किया नहीं। जिसका फायदा अपराधी को मिला। उसे कोर्ट से जमानत मिल गई और राकेश जेल से बाहर आ गया। जिसके बाद दोनों घायल युवकों और उनके परिवार ने IO पर लापरवाही बरतने और समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया था।

संतोष ने किया इनकार, कहा... मेरे पास कोई फोटो नहीं आया
विक्रम ने अपने केस के IO संतोष कुमार के मोबाइल नंबर पर फोटो खींच कर 23 नवंबर को PMCH के उन सारे पेपर्स को भेजा था जिस पर उसकी जगह छोटे भाई सचिन का नाम लिखा है। यह स्क्रीन शॉट भी अब सामने आ चुका है। इस पूरे मामले पर कॉल करके सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार से बात की गई। उन पर उठ रहे सवाल को लेकर पूछा गया।

उन्होंने कहा कि सवाल तो पुलिस पर ही उठती है। हम भी एक इंसान हैं। जो कुछ भी है आप बड़ा बाबू से भी बात कर सकते हैं। मेरे ऊपर तो सवाल उठेंगे ही। ऐसे ऊपर वाले (भगवान) सब जानते हैं। इसमें हम क्या सफाई दें। जिम ट्रेनर कांड में हमारे पास कोई फोटो नहीं आया है। हमने विक्रम से बात किया था। कहां से क्या लीक हुआ, उस बारे में हमको नहीं पता। मोबाइल चलाने के बारे में हमको ज्यादा जानकारी नहीं है।

बातचीत में सब इंस्पेक्टर ने झूठ बोला कि उसे विक्रम ने कोई फोटो नहीं भेजा... पर असलियत यह स्क्रीन शॉट है।
बातचीत में सब इंस्पेक्टर ने झूठ बोला कि उसे विक्रम ने कोई फोटो नहीं भेजा... पर असलियत यह स्क्रीन शॉट है।