बिहार में तेजी से गिर रहा रिकवरी रेट:93.48 % हो गई कोरोना को मात देने वालों की संख्या, 60 दिन पहले 99.17 था रिकवरी रेट

पटना8 महीने पहले
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संक्रमण की रफ्तार जिस तरह से तेजी से बढ़ रही है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में रिकवरी रेट और तेजी से घटेगा। - Dainik Bhaskar
संक्रमण की रफ्तार जिस तरह से तेजी से बढ़ रही है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में रिकवरी रेट और तेजी से घटेगा।
  • 13 फरवरी को 2,61,690 मामले थे, जिसमें 2,59,513 ठीक हुए
  • अब तक 2,86,228 मामले जिसमें 2,67,559 हुए ठीक

बिहार में रिकवरी रेट में तेजी से गिरावट हो रही है। मात्र 60 दिन में ही यह 99.17 से गिर कर 93.48 तक पहुंच गया है। 13 फरवरी को प्रदेश में कुल एक्टिव मामलों की संख्या मात्र 652 थी जो अब 17,052 पहुंच गई है। 60 दिन पहले कोरोना के कुल एक्टिव केस 2,61,690 था, जिसमें 2,59,513 ने संक्रमण को मात दी थी, लेकिन आज कुल संक्रमितों की संख्या 2,86,228 हो गई है और वायरस को मात देने वालों की संख्या भी 2,67,559 ही है। संक्रमण की रफ्तार जिस तरह से तेजी से बढ़ रही है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में रिकवरी रेट और तेजी से घटेगा।

60 दिन में बढ़ती रही संक्रमण की रफ्तार

फरवरी में कोरोना का संक्रमण काफी हद तक काबू में था। मामला तेजी से घट रहा था जिससे रिकवरी रेट भी काफी तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन अचानक से मामलों की गति बढ़ी तो रिकवरी रेट गिरता चला गया। कोरोना काल में अस्पतालों में काम करने वाले एक्सपर्ट का कहना है कि जिस तरह से कोरोना का फ्लो है अगर जांच नहीं घटी तो मामले घटने वाले नहीं है। इस बार इसके संक्रमण का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। पहले वाली लहर में कोरोना का संक्रमण इतना तेजी से नहीं फैल रहा था। इस बार इसके ग्राफ पर बड़ी तेजी से उतार चढ़ाव देखा जा रहा है। जांच पर ही सब कुछ निर्भर है। जांच घटते ही मामले घट रहे हैं और जिस दिन जांच बढ़ रही है मामले भी बढ़ रहे हैं।

60 दिन में बढ़ी 17479 जांच

जांच की रफ्तार भी घट बढ़ रही है। 60 दिन पहले 13 फरवरी को प्रदेश में एक दिन में 62,539 लोगों की जांच कराई गई थी। 60 दिन बाद यह आंकड़ा 80,018 तक पहुंचा है। 60 दिनों में जांच के आंकड़ों में 17,479 की बढ़त हुई है। जबकि संक्रमण की बात करें तो यह रफ्तार कई गुणा तेज हो गई है। जांच पर ही संक्रमण की पूरी गणित है। 13 फरवरी को 60 हजार से अधिक जांच होती थी लेकिन मामले कम आते थे अब वही संक्रमण रिकार्ड तोड़ रहा है।

24 घंटे में 19 हजार जांच घंटी

पटना में 24 घंटे में ही 19 हजार जांच घटा दी गई तो संक्रमण के मामले भी कम हो गए। जांच में कमी लाने के साथ आंकडे राहत देने वाले आ गए। लेकिन यह रात जांच के गणित की है। जांच की रफ्तार जितनी तेज बढ़ेगी संक्रमण का ग्राफ भी उतनी ही तेजी से बढ़ता जाएगा। 11 अप्रैल को 99,023 की जांच हुई थी तब 3,756 संक्रमित पाए गए थे। 24 घंटे बाद 12 अप्रैल को यह आंकड़ा घटकर 80,018 हुई तो मामले घटकर 2,999 हो गए। यह राहत की गणित जांच की थी जांच घटाकर लोगो को कम संक्रमण की राहत दी गई लेकिन जैसे ही जांच की रफ्तार बढ़ेगी संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ जाएंगे। CM नीतीश कुमार ने एक लाख जांच प्रतिदिन कराने का लक्ष्य दियाहै। इसके पीछे भी अधिक से अधिक लोगों को डिटेक्ट करने की मंशा है लेकिन विभाग इस लक्ष्य को पूरा करने में आगे पीछे हो रहा है।

यह भी जान लीजिए

विभाग ने प्रदेश में 11 अप्रैल को 99,023 लोगों की जांच कराई तो संक्रमण का आंकड़ा 3,756 आया था लेकिन 12 अप्रैल को जांच का आंकड़ा घटकर 80,018 हुआ तो संक्रमण भी घटकर 2,999 पहुंच गया। सोमवार को 24 घंटे में प्रदेश में कुल 2,999 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस दौरान 24 घंटे में 11 लोगों की मौत भी हो गई है। जांच का लक्ष्य इसीलिए बढ़ाया गया था जिससे अधिक से अधिक संक्रमितों को डिटेक्ट किया जा सके।

ऐसे बढ़ रहा कोरोना का संक्रमण

अररिया में 30, अरवल में 17, औरंगाबाद में 18, बांका में 20, बेगूसराय में 102, भागलपुर में 161, भोजपुर में 61, बक्सर में 58, दरभंगा में 25, पूर्वी चंपारण में 36, गया में 84, गाेपालगंज में 65, जमुई में 12, कैमूर में 1, कटिहार में 6, खगड़िया में 16, किशनगंज में 15, लखीसराय में 31, मधेपुरा में 21, मधुबनी में 17, मुंगेर में 54, मुजफ्फरपुर में 141, नालंदा में 91, नवादा में 12, पटना में 1197, पूर्णिया में 63, रोहतास में 26, सहरसा में 75, समस्तीपुर में 116, सारण में 67, शेखपुरा में 4, सीतामढ़ी में 9, सीवान में 87, सुपौल में 14, वैशाली में 37, पश्चिमी चंपारण में 29 नए मामले आए हैं। बाहर से बिहार आए 21 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली, मुम्बई के साथ अन्य कोरोना संक्रमण से प्रभावित शहरों से आने वाले लोग शामिल हैं।