स्कूल तो खुले लेकिन 10% भी नहीं आए बच्चे:स्टूडेंट्स बोले- वैक्सीन लग गई होती तो नहीं लगता डर, सरकार को शनिवार के बजाए सोमवार से खोलना चाहिए था स्कूल

पटना3 महीने पहले
अनलॉक में पहले दिन स्कूलों में 10 प्रतिशत बच्चे भी नहीं आए।
  • पटना के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पहले दिन भी कम आए बच्चे

बिहार अनलॉक हुआ तो 10वीं क्लास के स्कूल भी खोल दिए गए, लेकिन बच्चे काफी कम आए। स्कूल में जो बच्चे आए वह भी कोरोना को लेकर काफी डरे हुए थे। बच्चों ने कहा कि वैक्सीन लग गई होती तो यह डर नहीं होता। क्लास में सैनिटाइजेशन की व्यवस्था है लेकिन कोरोना का डर अंदर से नहीं जा रहा है। बच्चों का यह भी कहना है कि स्कूल खोलने आदेश सोमवार से देना चाहिए था, शनिवार के कारण पहले दिन बच्चों की संख्या काफी कम रही। पटना से लेकर बिहार के अन्य जिलों में भी बच्चों की संख्या 10वीं क्लास में काफी कम रही।

पटना में 10% बच्चे भी नहीं आए स्कूल

अनलॉक में पहले दिन स्कूलों में 10 प्रतिशत बच्चे भी नहीं आए। पटना के मिलर हाई स्कूल में तो 5 प्रतिशत बच्चे भी नहीं आए। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि शनिवार के कारण बच्चों की संख्या कम रही है। सोमवार से बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। बांकीपुर गर्ल्स स्कूल में भी छात्राओं की संख्या काफी कम रही। यहां बच्चियों में कोरोना का काफी खौफ दिखा। स्कूल के संस्कृत टीचर मुरलीधर शुक्ला ने बताया कि शनिवार के कारण बच्चे तो कम आए हें लेकिन बच्चों में काफी उत्साह है। बच्चों को कोरोना से बचाने को लेकर पूरा उपाय किया गया है। कोरोना से बचाव के लिए बच्चों को सोशल डिस्टेंस के साथ बैठाया जा रहा है और मास्क हमेशा लगाने की सलाह दी जा रही है। सैनिटाइजेशन पर भी बड़ा फोकस होगा।

बच्चों को वैक्सीन का इंतजार

बांकीपुर गर्ल्स स्कूल की 10वीं क्लास की छात्रा सोनम का कहना है कि वैक्सीन का इंतजार है। वैक्सीन आने के बाद अगर स्कूल आना होता तो कोई डर नहीं होता। वैक्सीन सरकार को जल्दी लाना चाहिए, जिससे बच्चों को बचाया जा सके और पढ़ाई भी बेहतर हो सके। 10वीं क्लास की स्टूडेंट खुशी का कहना है कि वैक्सीन को लेकर काफी उम्मीद थी। ऐसा लग रहा था कि अब स्कूल वैक्सीन लगने के बाद ही खुलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सरकार अभी तक बच्चों के लिए वैक्सीन नहीं ला पाई है। ऐसे में कोरोना को लेकर स्कूल में डर लग रहा है। पूनम का कहना है कि वैक्सीन की उम्मीद थी लेकिन नहीं लग पाई। स्कूल में पढ़ाई ठीक है। हम सुरक्षा के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल में भी बचाव को लेकर ध्यान दिया जा रहा है। पटना के अन्य सरकारी प्राइवेट स्कूलों का भी यही हाल रहा। शनिवार के कारण बच्चों की संख्या कम रही। स्कूल टीचरों का कहना है कि अब 15 अगस्त के बाद ही क्लास रेगुलर हो पाएगा।

मुजफ्फरपुर में 5% स्टूडेंट आए

123 दिनों बाद शनिवार से 10 वलीं के स्कूल खुलने से बच्चों की संख्या काफी कम रही। शनिवार होने के कारण पहले दिन काफी असर दिया, महज 5 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल आए। मुजफ्फरपुर मेुं कई स्कूलों में ताला बंद मिला। जिला स्कूल का तो हालत खराब है। यहां पैर रखने तक की जगह नहीं। कैंपस से लेकर क्लास रूम भी जलमग्न है। पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। जिला स्कूल के शिक्षक शिवू झा ने बताया कि स्कूल में पानी जमा है। कुछ छात्र आए थे लेकिन पानी देखकर लौट गए। पानी निकासी के लिए DEO को अवगत कराया गया है। उन्होंने निगम से सम्पर्क साधा है। जब तक पानी नहीं निकलेगा। पढ़ाई नहीं शुरू हो पाएगी। अन्य स्कूलों का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। बीबी कॉलेजिएट, चैपमैन स्कूल भी पानी मे डूबा हुआ है। चैपमैन के गेट पर इतना गन्दा पानी है कि बच्चों को जाने में दिक्कत हो रही है। इस स्कूल में भी इक्का-दुक्का ही छात्र पहुंचे, जो पानी देखकर रास्ते से ही घर लौट गए।

4 महीने बाद आज खुले 10वीं के स्कूल

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