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  • Bihar News; The Danger Of Flood In Supaul Increased As Soon As The Gate Of Kosi Barrage Opened ; 31 Out Of 56 Barrage Gates Opened

कोसी बराज का फाटक खुलते ही बाढ़ का खतरा बढ़ा:नेपाल में तेज बारिश की वजह से कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, बराज के 56 में से 31 फाटक खोले गए; सुपौल के छह प्रखंडों में बाढ़ का खतरा

सुपौल2 महीने पहले
कोसी नदी का जलस्तर 2,35,975 क्यूसेक बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया है।

नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से मूसलाधार बारिश के बाद एक बार फिर कोसी नदी के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हुई है। कोसी बराज स्थित कंट्रोल रूम से मिली जानकारी अनुसार शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 2,35,975 क्यूसेक बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया है। जबकि जल अधिग्रहण बराह क्षेत्र में जलस्तर 1,88,500 क्यूसेक घटते क्रम में दर्ज किया गया है। बढ़ते जलस्तर के बीच बराज के 56 में 31 फाटक खोल दिए गए हैं।

नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद बसन्तपुर, सरायगढ़, किसनपुर, निर्मली, मरौना और सदर प्रखंड में मंगलवार की देर रात और बुधवार की सुबह से बाढ़ की तबाही शुरू होने की आशंका है। मंगलवार की सुबह से ही जल अधिग्रहण बराह क्षेत्र के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी और दोपहर 12 बजे जलस्तर 1.94 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था। मंगलवार की शाम से जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है।

रिकार्ड के अनुसार यह इस साल का सर्वाधिक डिस्चार्ज है। हालांकि, इससे पहले 3 जुलाई की सुबह करीब नौ बजे नदी का सर्वाधिक जलस्तर 2,31,655 क्यूसेक बढ़ते क्रम में पहुंच गया था। बढ़े हुए जलस्तर ने दोनों ही तटबंधों पर काफी दबाव बन गया है। लगभग दो दर्जन से अधिक बिंदुओं पर फ्लड फाइटिंग कराकर तटबंध और स्पर को सुदृढ़ किया जा सका।

डगमारा राजपुर बांध के 0.00 से 1.00 किमी के बीच रेनकट को मरम्मत करने का काम जारी

मुख्यालय के कौशिकी भवन स्थित फ्लड कंट्रोल सेल से मिले खैरियत प्रतिवेदन के अनुसार पूर्वी कोसी तटबंध के 66.66 किमी स्पर पर नदी का अधिक दबाब है। जिस पर फ्लड फाइटिंग फ़ोर्स कैंप सहरसा के चेयरमैन व उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार काम कराया जा रहा है। वहीं कोसी पश्चिमी तटबंध प्रमंडल निर्मली के एसएमएल बांध के 2.40 आरडी से 2.60 आरडी, 2.60 आरडी से डाउन स्ट्रीम, 8.00 आरडी स्टर्ड के अप स्ट्रीम सेंक में नदी का झुकाव तटबंध की ओर हो जाने से काफी दबाब है। 2.50 आरडी से 2.60 आरडी के डाउन स्ट्रीम में बाढ़ संघर्षनात्मक कार्य कराकर स्थल को सुरक्षित किया गया है। वही पश्चिमी तटबंध के डगमारा राजपुर बांध के 0.00 से 1.00 किमी के बीच हुए रेनकट की मरम्मत का कार्य किया गया है। इसके साथ ही एनजीएल रोड के 7.00 किमी से 7.95 किमी एवं 8.35 से 8.50 किमी के बीच भुतही बलान नदी की धारा परिवर्तित होने से इस प्रभाग में हो रहे क्षरण को रोकने के लिए फ्लड फाइटिंग कार्य कराया जा रहा है।

तीन संवेदनशील बिन्दुओं पर युद्धस्तर पर जारी किया काम

जलस्तर में बढ़ोतरी के बाबत बाढ़ नियंत्रण एवं जल निःसरण के चीफ इंजीनियर मनोज रमन ने बताया कि जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। जिसका असर बुधवार को ही पता चल सकेगा। फिलहाल कोसी पूर्वी तटबंध के 66.66 किमी स्पर, कोसी पूर्वी तटबंध के नेपाल प्रभाग स्थित 23.78 किमी स्पर और कोसी पश्चिमी तटबंध के डलवा कट इंड पर बाढ़ संघर्षनात्मक काम किया जा रहा है। तत्काल ये बिंदु संवेदनशील हैं। जिस पर युद्धस्तर से काम जारी है। बढ़ते जलस्तर को लेकर अभियंताओं को अलर्ट किया गया है।

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